अयोध्या राम मंदिर चंदा चोरी : संजय सिंह को SIT का फरमान, खुलेंगे भ्रष्टाचार के बड़े राज?

खबर सार :-

राम मंदिर चंदा चोरी मामले में एसआईटी ने आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह को सबूतों के साथ लखनऊ तलब किया है। जानिए संजय सिंह ने सोशल मीडिया पर क्या बड़ा दावा किया है।
अयोध्या राम मंदिर चंदा चोरी : संजय सिंह को SIT का फरमान, खुलेंगे भ्रष्टाचार के बड़े राज?

खबर विस्तार : -

लखनऊ: अयोध्या (Ayodhya) में भव्य राम मंदिर के निर्माण के बाद से ही इसके चढ़ावे और चंदे को लेकर शुरू हुआ विवाद अब एक बेहद संवेदनशील मोड़ पर पहुंच गया है। इस पूरे मामले की जांच कर रही विशेष जांच दल यानी एसआईटी (SIT) ने अब तक का सबसे बड़ा कदम उठाया है। आम आदमी पार्टी (Aam Aadmi Party) के दिग्गज नेता और राज्यसभा सांसद संजय सिंह (Sanjay Singh) को एसआईटी (SIT) ने लखनऊ (Lucknow) स्थित मण्डलायुक्त कार्यालय (Commissionerate Office) में तलब किया है। संजय सिंह को यह नोटिस राम मंदिर से जुड़े कथित घोटालों के पुख्ता सबूत (Evidence) पेश करने के लिए दिया गया है। इस कदम के बाद उत्तर प्रदेश की सियासत में एक बार फिर भूचाल आना तय माना जा रहा है।

सांसद का सोशल मीडिया पर दावा: 'मेरे पास हैं सारे सबूत'

एसआईटी (SIT) की इस कार्रवाई पर खुद सांसद संजय सिंह (Sanjay Singh) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट साझा कर मुहर लगाई है। उन्होंने जनता को जानकारी देते हुए बताया कि जांच टीम ने उन्हें पूछताछ और साक्ष्य सौंपने के लिए बुलाया है। संजय सिंह (Sanjay Singh) का दावा है कि राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी, चंदा चोरी और विवादित जमीन सौदों से जुड़े कई बेहद गोपनीय और चौंकाने वाले दस्तावेज (Documents) उनके पास मौजूद हैं। उन्होंने साफ किया कि वे इन सभी कागजातों को जांच टीम के मुखिया यानी एसआईटी अध्यक्ष (SIT Chairman) के सामने व्यक्तिगत रूप से पेश करेंगे ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके।

लखनऊ में होगी आमने-सामने की पूछताछ

प्राप्त विवरण के मुताबिक, एसआईटी (SIT) ने आप नेता को लखनऊ के मण्डलायुक्त दफ्तर में सुबह ठीक 11 बजे उपस्थित होने का निर्देश दिया है। संजय सिंह (Sanjay Singh) ने अपनी पोस्ट में तारीखों का जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें 25 जून को इस मामले की जांच के सिलसिले में बुलाया गया है। माना जा रहा है कि इस मुलाकात के दौरान सांसद की तरफ से जो भी सबूत (Evidence) सौंपे जाएंगे, उनकी बारीकी से तकनीकी और कानूनी जांच की जाएगी।

क्या है पूरा विवाद?

गौरतलब है कि संजय सिंह (Sanjay Singh) पिछले काफी समय से राम मंदिर ट्रस्ट के नाम पर जमीन खरीद और आम लोगों द्वारा दिए गए चंदे में बड़े पैमाने पर हेरफेर के आरोप लगाते रहे हैं। विपक्ष का आरोप है कि मंदिर के नाम पर एकत्र किए गए धन का सही इस्तेमाल नहीं हुआ और कुछ जमीन सौदों में बाजार भाव से कहीं अधिक कीमत चुकाकर ट्रस्ट के पैसों का दुरुपयोग किया गया। हालांकि, मंदिर ट्रस्ट और सत्ता पक्ष हमेशा से इन आरोपों को सिरे से खारिज करते आए हैं। अब जबकि एसआईटी (SIT) ने इस मामले में खुद शिकायतकर्ता और मुखर आवाज रहे संजय सिंह (Sanjay Singh) को सबूतों (Evidence) के साथ बुलाया है, तो उम्मीद की जा रही है कि जांच की आंच कई बड़े नामों तक पहुंच सकती है। इस पूरे घटनाक्रम पर देश भर के राम भक्तों और राजनीतिक विश्लेषकों की नजरें टिकी हुई हैं।

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