Noida Protest: नोएडा में सैलरी को लेकर कर्मचारियों का उग्र प्रदर्शन, जमकर की तोड़फोड़ व आगजनी, भारी पुलिस बल तैनात

खबर सार :-
Noida Employees Protest: नोएडा के इंडस्ट्रियल ज़ोन में कर्मचारियों के विरोध प्रदर्शनों का संज्ञान लेते हुए, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राहत के कई अहम उपायों की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने प्राइवेट सेक्टर में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए नए नियम लागू किए हैं, जिनके तहत ओवरटाइम काम के लिए सामान्य दर से दोगुनी दर पर भुगतान करना अनिवार्य होगा।
Noida Protest: नोएडा में सैलरी को लेकर कर्मचारियों का उग्र प्रदर्शन, जमकर की तोड़फोड़ व आगजनी, भारी पुलिस बल तैनात
खबर विस्तार : -

Noida Employees Protest: नोएडा के फेस-2 वेतन वृद्धि की मांग को लेकर कर्मचारियों का प्रदर्शन (workers protest) लगातार उग्र होता जा रहा है। सोमवार को यह आंदोलन अचानक हिंसक हो गया। कंपनियों के बाहर बड़ी संख्या में जुटे कर्मचारियों ने जमकर तोड़फोड़ की और कई वाहनों में आग लगी दी। इतना ही उग्र भीड़ ने पुलिस पर भी पथराव किया गया। पथराव में पुलिसकर्मी और कमांडों भी घायल हुए हैं। वहीं आक्रोशित भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। इस दौरान घंटों पूरा इलाका युद्ध क्षेत्र जैसा बना रहा। वहीं पूरे इलाके में यातायात पूरी तरह बाधित कर दिया। फिलहाल स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए यहां भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है।

Noida Employees Protest:  क्या है पूरा मामला 

दरअसल इस पूरे विवाद की जड़ में 'रिचा ग्लोबल' नामक एक कंपनी को माना जा रहा है। रिपोर्टों के अनुसार, रिचा ग्लोबल की एक यूनिट हरियाणा के फरीदाबाद में स्थित है, जहां श्रमिक पिछले कई दिनों से वेतन वृद्धि की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। जिसके बाद वहां कंपनी प्रबंधन ने वेतन में 35 प्रतिशत तक की वृद्धि को मंजूरी दे दी, जिससे तकनीकी कर्मचारियों का वेतन बढ़कर ₹20,000 और गैर-तकनीकी कर्मचारियों का वेतन ₹15,000 हो गया।

इस फैसले के बाद, नोएडा फेज़-2 में स्थित रिचा ग्लोबल की चार अन्य फैक्ट्रियों में कार्यरत सैकड़ों श्रमिकों ने भी इसी तरह की वेतन वृद्धि की मांग शुरू कर दी। उनका तर्क है कि यदि कंपनी ने अपनी फरीदाबाद यूनिट में वेतन बढ़ाया है, तो नोएडा के कर्मचारियों के साथ भेदभाव करने का कोई औचित्य नहीं है। कर्मचारियों की मुख्य मांगों में उनका मासिक वेतन ₹13,000 से बढ़ाकर ₹20,000 करना, ओवरटाइम काम के लिए भुगतान और छुट्टी के लिए एक अलग प्रावधान बनाना शामिल है। 

प्रदर्शनकारियों ने जमकर की तोड़फोड़ व आगजनी

धीरे-धीरे, यह विवाद केवल रिचा ग्लोबल तक ही सीमित नहीं रहा, बल्कि इलाके की अन्य पड़ोसी निर्यात कंपनियों और औद्योगिक इकाइयों तक भी फैल गया। जिससे बड़ी संख्या में श्रमिक सड़कों पर उतर आए, जिससे पूरे औद्योगिक क्षेत्र में कामकाज बाधित हो गया। स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे, क्योंकि विरोध प्रदर्शन लगातार कई दिनों से जारी था। श्रम आयुक्त सहित कई अधिकारियों ने संकट को हल करने के प्रयास में कंपनी प्रबंधन के साथ घंटों लंबी चर्चा की। 

लेकिन सोमवार को प्रदर्शनकारी उग्र हो गए और कई जगहों पर सड़क जाम कर दिया और वाहनों के आगे लेटकर यातायात रोक दिया। साथ ही कई गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया। नोएडा के फेज 2 में वाहनों और संपत्तियों में तोड़फोड़ की गई और पत्थरबाजी हुई।  इस विरोध प्रदर्शन के परिणामस्वरूप, नोएडा के कई इलाकों में यातायात बुरी तरह से बाधित हो गया है। वहीं आक्रोशित भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। फिलहाल इलाके में भारी पुलिस बल तैनात है। 

Noida Employees Protest: क्या है कर्मचारियों की मांगें

विरोध प्रदर्शन कर रहे श्रमिकों की मुख्य मांग यह है कि उनका मासिक वेतन बढ़ाकर ₹20,000 किया जाए।  इसके अलावा, वे मांग करते हैं कि उनका बोनस 30 नवंबर तक उनके बैंक खातों में जमा कर दिया जाए और किसी भी कर्मचारी को बिना किसी वैध कारण के नौकरी से न निकाला जाए, सामाजिक सुरक्षा (EPF, ESI, ग्रेच्युटी) समय पर दिया जाए। वे इस बात पर भी ज़ोर देते हैं कि ओवरटाइम काम के लिए उन्हें सामान्य दर से दोगुनी दर पर भुगतान किया जाए, और इसमें से कोई भी कटौती न की जाए। इसके अलावा हर कर्मचारी को हफ़्ते में एक दिन की छुट्टी दी जाए। अगर उन्हें रविवार को काम करना पड़े, तो उन्हें दोगुनी दर पर भुगतान किया जाए।

प्रशासन का दावा है कि मजदूरों की ज़्यादातर मांगें लिखित रूप में मान ली गई हैं, और फ़ैक्टरी मालिकों को मज़दूरों की शिकायतों को दूर करने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं। हालांकि, मज़दूरों का कहना है कि उन्हें वेतन बढ़ोतरी के मुद्दे पर अभी तक कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला ह। कंपनी प्रबंधन इस मामले में टालमटोल कर रहा है। नतीजतन, उनका गुस्सा लगातार बढ़ता जा रहा है, और विरोध प्रदर्शनों के थमने के कोई संकेत नहीं दिख रहे हैं। 

Noida Employees Protest: सीएम योगी ने जारी किए सख्त निर्देश

उधर नोएडा के इंडस्ट्रियल जोन में कर्मचारियों के उग्र प्रदर्शन का संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बड़ी राहत दी है। सीएम योगी ने प्राइवेट सेक्टर में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए नए नियम लागू किए हैं। इन नियमों के तहत, कर्मचारियों को ओवरटाइम काम करने के लिए उनकी सामान्य दर से दोगुनी दर पर भुगतान किया जाना अनिवार्य है। इसके अलावा सैलरी और बोनस समय पर सीधे अकाउंट में ट्रांसफर करना अनिवार्य होगा।

इन नियमों के अनुसार, ओवरटाइम का दोगुना भुगतान करना होगा। यानी, कर्मचारी द्वारा किए गए किसी भी अतिरिक्त काम के लिए उसे उसकी नियमित मजदूरी से दोगुनी राशि मिलेगी। ओवरटाइम से होने वाली कमाई में से किसी भी तरह की कटौती की अनुमति नहीं है। हर कर्मचारी एक अनिवार्य साप्ताहिक छुट्टी का हकदार है। यदि किसी कर्मचारी को रविवार को काम करने की आवश्यकता होती है, तो उसे उस दिन के लिए भी दोगुनी मजदूरी का भुगतान किया जाना चाहिए। मासिक वेतन का भुगतान हर महीने की 10 तारीख तक एक ही किस्त में किया जाना चाहिए। साथ ही कर्मचारियों को सैलरी स्लिप भी उपलब्ध करानी होगी। जबकि सालाना बोनस 30 नवंबर तक सीधे कर्मचारी के बैंक खाते में जमा करना अनिवार्य होगा।
 

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