शेयर बाजार में लौटी रौनकः आईटी-रियल्टी शेयरों में उछाल से सेंसेक्स 445 अंक चढ़ा, निफ्टी में 0.71% की तेजी
खबर सार :-
आईटी और रियल्टी शेयरों में खरीदारी से सेंसेक्स 445 अंक उछला और निफ्टी में 0.71% की तेजी आई। हालांकि, एफआईआई की बिकवाली, महंगाई, महंगा कच्चा तेल और कमजोर वैश्विक संकेत बाजार के लिए चुनौती बने हुए हैं।
खबर विस्तार : -
Stock Market Rise: भारतीय शेयर बाजार ने मंगलवार को सपाट शुरुआत के बाद तेजी पकड़ ली। आईटी और रियल्टी शेयरों में जोरदार खरीदारी से प्रमुख सूचकांकों को सहारा मिला। कारोबार के शुरुआती घंटों में सेंसेक्स 445.48 अंक उछलकर 72,370.16 के स्तर तक पहुंच गया, जबकि निफ्टी 50 ने 22,523.65 का दिन का उच्चतम स्तर छुआ। हालांकि, व्यापक बाजार में मिला-जुला रुख देखने को मिला। जहां मिडकैप शेयरों में बढ़त रही, वहीं स्मॉलकैप शेयरों पर दबाव बना रहा।
सपाट शुरुआत के बाद सेंसेक्स और निफ्टी में तेजी
सप्ताह के दूसरे कारोबारी दिन सेंसेक्स 27.05 अंक यानी 0.04 प्रतिशत की मामूली बढ़त के साथ 71,951.73 पर खुला। वहीं, निफ्टी ने 0.80 अंक की बढ़त के साथ 22,364.15 पर कारोबार शुरू किया। शुरुआती कारोबार में आईटी और रियल्टी कंपनियों के शेयरों में खरीदारी बढ़ने से बाजार की चाल मजबूत हुई। सेंसेक्स का दिन का उच्चतम स्तर 72,370.16 रहा। यह पिछले बंद स्तर 71,924.68 से 445.48 अंक अधिक था। इसी तरह निफ्टी 50 ने 22,523.65 का उच्चतम स्तर छुआ, जो पिछले बंद 22,363.35 से 160.30 अंक यानी करीब 0.71 प्रतिशत ऊपर था।
आईटी और रियल्टी शेयरों में सबसे ज्यादा चमक
सेक्टोरल कारोबार में निफ्टी आईटी, निफ्टी मिडस्मॉल आईटी एंड टेलीकॉम और निफ्टी रियल्टी सबसे मजबूत क्षेत्रों में शामिल रहे। इन सूचकांकों में करीब 2 प्रतिशत तक की तेजी दर्ज की गई। इसके अलावा निफ्टी पीएसयू बैंक में 0.31 प्रतिशत, निफ्टी एफएमसीजी में 0.22 प्रतिशत और निफ्टी ऑयल एंड गैस में 0.20 प्रतिशत की बढ़त रही। दूसरी ओर, हेल्थकेयर और फार्मा शेयरों में बिकवाली देखने को मिली। निफ्टी मिडस्मॉल हेल्थकेयर, निफ्टी 500 हेल्थकेयर, निफ्टी फार्मा और निफ्टी हेल्थकेयर सूचकांकों में 0.75 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई। व्यापक बाजार में निफ्टी मिडकैप 0.3 प्रतिशत मजबूत रहा, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप में 0.8 प्रतिशत की गिरावट आई।
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विदेशी निवेशकों की बिकवाली बनी चुनौती
बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, नकद बाजार में विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की बिकवाली और घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) की खरीदारी का रुझान आगे भी जारी रह सकता है। अमेरिकी 10-वर्षीय बॉन्ड यील्ड 5.2 प्रतिशत से ऊपर रहने से विदेशी निवेशकों की ओर से निकट अवधि में बिकवाली का दबाव बने रहने की आशंका है। हालांकि, सितंबर के महीने में इक्विटी म्यूचुअल फंड में 38,307 करोड़ रुपये के रिकॉर्ड शुद्ध निवेश ने घरेलू निवेशकों को मजबूती दी है। इससे डीआईआई विदेशी निवेशकों की बिकवाली के प्रभाव को काफी हद तक संतुलित कर पा रहे हैं।
महंगाई और कच्चे तेल से बढ़ी चिंता
महंगाई और कच्चे तेल की कीमतें भी बाजार की दिशा तय करने वाले प्रमुख कारक बने हुए हैं। विशेषज्ञों ने 5.54 प्रतिशत की सीपीआई महंगाई, 7.74 प्रतिशत की खाद्य महंगाई और 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर ब्रेंट क्रूड के स्तर को देखते हुए दिसंबर में भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की ओर से एक और ब्याज दर बढ़ोतरी की संभावना जताई है। उनके अनुसार, ऊंची ब्याज दरें बैंकिंग क्षेत्र के मार्जिन को सहारा दे सकती हैं, हालांकि इससे अर्थव्यवस्था और बाजार के अन्य क्षेत्रों पर दबाव भी पड़ सकता है।
निफ्टी के लिए 22,435 का स्तर बना अहम
तकनीकी विश्लेषकों के अनुसार, भारतीय शेयर बाजार की रिकवरी की मजबूती पहले की अपेक्षा कुछ कमजोर हुई है। हालांकि, सोमवार की गिरावट में हालिया निचला स्तर नहीं टूटा, जिससे अल्पकालिक तेजी की उम्मीद बनी हुई है। निफ्टी के लिए 22,435 का स्तर अहम माना जा रहा है। इसके ऊपर टिकाऊ बढ़त बाजार को मजबूती दे सकती है। ऐसा नहीं होने पर निफ्टी 22,070 से 21,900 के दायरे की ओर फिसल सकता है।
वैश्विक बाजारों से मिल रहे कमजोर संकेत चिंताजनक
एशियाई बाजारों में कमजोरी रही। तीसरी तिमाही के नतीजों से पहले एआई से जुड़ी कंपनियों के शेयरों पर दबाव देखने को मिला। अमेरिकी बाजार में नैस्डैक सोमवार को गिरावट के साथ बंद हुआ। वहीं, सऊदी अरब के एक हवाई अड्डे पर हमले के बाद तेल कीमतों में उछाल आया। निवेशकों की नजर अब बैंकिंग कंपनियों के तिमाही नतीजों और इस सप्ताह जारी होने वाले प्रमुख आर्थिक आंकड़ों पर है। घरेलू बाजार में आगे आईटी और रियल्टी शेयरों की मजबूती के साथ विदेशी निवेश, महंगाई और कच्चे तेल की चाल अहम भूमिका निभाएंगे।
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