Balendra Shah Oath Ceremony: नेपाल में आज यानी 27 मार्च से 'बालेन युग' का आगाज हो गया है। शुक्रवार को राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (RSP) के लीडर बालेंद्र शाह उर्फ बालेन शाह को नेपाल का नया प्रधानमंत्री बनाया गया है। 35 साल के बालेंद्र शाह को नेपाल के 47वें प्रधानमंत्री के रूप में राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने शपथ दिलाई। इसी के साथ ही काठमांडू के पूर्व मेयर और युवाओं (Gen-Z) के बीच बेहद लोकप्रिय बालेंद्र शाह नेपाल के सबसे युवा प्रधानमंत्री बन गए है। शपथ समारोह राष्ट्रपति भवन शीतल निवास में हुआ। बालेन के साथ उनके मंत्रिमंडल का भी शपथ ग्रहण हुआ।
इससे पहले गुरुवार को 'रैपर' से राजनेता बने बालेन शाह को पार्टी का लीडर चुना गया था, जिससे उनके देश के 47वें प्रधानमंत्री बनने का रास्ता साफ हो गया था। 35 वर्षीय बालेन ने पार्लियामेंट्री चुनावों में अपनी पार्टी RSP को प्रचंड बहुमत दिलाकर नेपाल के पुराने राजनीतिक घरानों और पारंपरिक दलों के वर्चस्व को खत्म कर दिया था।
बालेन शाह ने शुक्रवार को शुभ मुहूर्त दोपहर 12:34 बजे राष्ट्रपति भवन में हुए एक बड़े समारोह में प्रधानमंत्री पद की शपथ ली। पद और गोपनीयता की शपथ हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार दिलाई गई। इस अवसर पर सात शंखनादकों ने शंख ध्वनि के साथ मांगलिक शुरुआत की। परंपरा के अनुसार, शुभ कार्यों के आरंभ में शंखनाद को सफलता और पॉजिटिविटी का प्रतीक माना जाता है। बालेन के साथ उनके मंत्रिमंडल का भी शपथ ग्रहण हुआ।
बालेन की 'राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी' (RSP) ने हाल ही में हुए संसदीय चुनावों में लगभग दो-तिहाई बहुमत हासिल कर लिया है, और 275 सदस्यों वाले प्रतिनिधि सभा में 182 सीटों पर प्रचंड जीत दर्ज की है। सबसे बड़ा उलटफेर तब हुआ जब बालेन शाह ने नेपाल के चार बार के प्रधानमंत्री और कम्युनिस्ट पार्टी (UML) के दिग्गज नेता के.पी. शर्मा ओली को झापा-5 निर्वाचन क्षेत्र में भारी अंतर से हरा दिया। शाह ने ओली को 49,614 वोटों के बड़े अंतर से हराया। बालेन शाह को 68,348 वोट मिले, जबकि ओली को 18,734 वोट मिले। यह 1991 के बाद से नेपाल के पार्लियामेंट्री चुनावों में किसी भी उम्मीदवार को मिले सबसे ज़्यादा वोट हैं।
बालेन शाह ने 2022 में राजनीति में कदम रखा जब उन्होंने एक इंडिपेंडेंट उम्मीदवार के तौर पर काठमांडू मेयर का चुनाव लड़ा और जीता। अपने कार्यकाल के दौरान, उन्होंने कड़े फैसलों और अतिक्रमण-विरोधी अभियानों के ज़रिए एक 'सुधारक' के रूप में अपनी छवि बनाई। जनवरी 2026 में, उन्होंने प्रधानमंत्री पद की दौड़ में शामिल होने के लिए मेयर के पद से इस्तीफ़ा दे दिया।
27 अप्रैल, 1990 को काठमांडू में एक मधेसी परिवार में जन्मे शाह ने भारत में विश्वेश्वरैया टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी से स्ट्रक्चरल इंजीनियरिंग में मास्टर डिग्री लेने से पहले काठमांडू में अपनी बैचलर डिग्री पूरी की। इंजीनियरिंग में उनके एकेडमिक बैकग्राउंड ने उन्हें इंफ्रास्ट्रक्चर, शहरी विकास और पब्लिक वर्क्स की प्रैक्टिकल समझ दी। राजनीति में आने से पहले वे युवाओं के बीच एक लोकप्रिय रैपर के रूप में मशहूर थे, जो अपने गानों के जरिए सिस्टम की कमियों पर निशाना साधते थे।
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