Donald Trump's new policy : सीजफायर के बीच ट्रंप का कड़ा रुख, ईरान को हथियार देने वाले देशों पर लगेगा 50% टैरिफ

खबर सार :-
Donald Trump's new policy : ईरान के साथ सीजफायर के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा धमाका किया है। उन्होंने ईरान को हथियार देने वाले देशों पर 50% टैरिफ लगाने की चेतावनी दी है। जानिए क्या है पूरी खबर।

Donald Trump's new policy : सीजफायर के बीच ट्रंप का कड़ा रुख, ईरान को हथियार देने वाले देशों पर लगेगा 50% टैरिफ
खबर विस्तार : -

Donald Trump's new policy :  मिडल ईस्ट में लंबे समय से जारी संघर्ष और तनाव के बीच एक बड़ी खबर सामने आई है। ईरान और अमेरिका के बीच 40 दिनों की जंग के बाद आखिरकार सीजफायर (संघर्ष विराम) पर सहमति बन गई है। लेकिन शांति की इस सुगबुगाहट के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सख्त तेवरों से पूरी दुनिया को चौंका दिया है। ट्रंप ने स्पष्ट कर दिया है कि वह शांति तो चाहते हैं, लेकिन सुरक्षा समझौतों पर कोई समझौता नहीं करेंगे।

Donald Trump's new policy :  ट्रंप का 'टैरिफ धमाका'- हथियार देने वालों की खैर नहीं

शांति की उम्मीदों के बीच डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर एक बड़ा ऐलान किया। ट्रंप ने उन तमाम देशों को कड़ी चेतावनी दी है जो ईरान को सैन्य हथियारों की आपूर्ति कर रहे हैं। ट्रंप ने कड़े शब्दों में कहा "जो भी देश ईरान को सैन्य हथियार सप्लाई करेगा, अमेरिका को निर्यात किए जाने वाले उसके सभी उत्पादों पर तत्काल प्रभाव से 50 प्रतिशत का भारी टैरिफ लगा दिया जाएगा। इस मामले में किसी भी देश को कोई रियायत या छूट नहीं दी जाएगी।" राष्ट्रपति का यह कदम उन देशों के लिए एक बड़ा आर्थिक झटका हो सकता है जो एक तरफ अमेरिका के साथ व्यापार करना चाहते हैं और दूसरी तरफ ईरान की सैन्य शक्ति को बढ़ावा दे रहे हैं।

 Donald Trump's new policy : सीजफायर पर मिली-जुली प्रतिक्रिया और इजरायल का रुख

अमेरिका और ईरान के बीच हुए इस संघर्ष विराम को लेकर अमेरिकी राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज है। जहाँ कुछ लॉ-मेकर्स (सांसदों) ने इसे कूटनीति की जीत बताते हुए समर्थन किया है, वहीं कुछ का मानना है कि ईरान पर भरोसा करने से पहले सतर्क रहना जरूरी है। खास बात यह है कि इजरायल ने भी इस युद्धविराम के फैसले का पुरजोर समर्थन किया है। व्हाइट हाउस के सूत्रों के अनुसार, इस समझौते को अंतिम रूप देने से पहले डोनाल्ड ट्रंप ने इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से विस्तृत चर्चा की थी। इस बातचीत के बाद ही ईरान के साथ सीजफायर के ढांचे पर सहमति बनी।

Donald Trump's new policy :  ईरान में 'सत्ता परिवर्तन' और परमाणु सफाई का मिशन

डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ भविष्य में सहयोग के बड़े संकेत देते हुए अंतरराष्ट्रीय राजनीति में एक नई बहस छेड़ दी है। उन्होंने विश्वास जताया कि ईरान अब लंबे समय से चले आ रहे युद्ध और आर्थिक दबाव से पूरी तरह थक चुका है, जिसके कारण वह अब शांति और पुनर्निर्माण की प्रक्रिया को प्राथमिकता देना चाहता है। ट्रंप ने अपने बयान में एक चौंकाने वाला और महत्वपूर्ण दावा किया कि ईरान इस समय एक बहुत ही सफल 'सत्ता परिवर्तन' (Power Shift) के दौर से गुजरा है, जो भविष्य के रिश्तों के लिए एक निर्णायक मोड़ साबित होगा। राष्ट्रपति ने अपनी आगामी रणनीति को स्पष्ट करते हुए बताया कि अब ईरान में यूरेनियम का संवर्धन पूरी तरह रोक दिया जाएगा, जो कि दुनिया के लिए सबसे बड़ी राहत की बात होगी। उन्होंने इस दिशा में एक कदम और आगे बढ़ते हुए कहा कि अमेरिका और ईरान अब मिलकर काम करेंगे ताकि जमीन की गहराई में दबी हुई परमाणु 'डस्ट' (परमाणु कचरा या अवशेष) को खोदकर बाहर निकाला जा सके और सुरक्षित किया जा सके। ट्रंप ने जोर देकर कहा कि यह पूरी प्रक्रिया पहले से ही बेहद सख्त और आधुनिक सैटेलाइट निगरानी के दायरे में है, जिससे किसी भी तरह की चूक की गुंजाइश नहीं बचती है। उनका यह दृष्टिकोण स्पष्ट करता है कि वे ईरान को एक नई दिशा में ले जाने के लिए तैयार हैं, जहाँ तकनीक और सहयोग के माध्यम से परमाणु खतरों को जड़ से खत्म किया जा सके।

 Donald Trump's new policy :  क्या हटेगा ईरान से प्रतिबंध?

ट्रंप ने बातचीत के रास्ते खुले रखने का संकेत देते हुए कहा कि टैरिफ और प्रतिबंधों में राहत देने पर ईरान के साथ चर्चा जारी है। कुल 15 मुख्य बिंदुओं में से 14 बिंदुओं पर दोनों देशों के बीच पहले ही सहमति बन चुकी है। सीजफायर के बाद ट्रंप का यह 'टैरिफ कार्ड' वैश्विक राजनीति में एक नया मोड़ लेकर आया है। अब देखना यह होगा कि चीन और रूस जैसे देश, जो ईरान के प्रमुख सहयोगी माने जाते हैं, इस 50 प्रतिशत टैरिफ की चुनौती का सामना कैसे करते हैं।

 

अन्य प्रमुख खबरें