ग्रामीण भारत के लिए नई उम्मीद बना ‘विकसित भारत-जी राम जी’ योजना

खबर सार :-
विकसित भारत-जी राम जी योजना के तहत ग्रामीण परिवारों को 125 दिन की रोजगार गारंटी, समय पर मजदूरी, बेरोजगारी भत्ता और पारदर्शी व्यवस्था का लाभ मिलेगा। जानिए योजना की पूरी जानकारी।

ग्रामीण भारत के लिए नई उम्मीद बना ‘विकसित भारत-जी राम जी’ योजना
खबर विस्तार : -

रामपुर: देश के ग्रामीण परिवारों को आर्थिक सुरक्षा, स्थायी आजीविका और सामाजिक सशक्तिकरण की दिशा में आगे बढ़ाने वाला विकसित भारत-जी राम जी मिशन एक ऐतिहासिक पहल के रूप में सामने आया है। इस योजना के माध्यम से ग्रामीण रोजगार की तस्वीर को नए सिरे से गढ़ने का प्रयास किया गया है। यह बात सहकारिता विभाग के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) एवं जनपद प्रभारी मंत्री जे.पी. राठौर (J.P. Rathore) ने संत शिरोमणि सर्किट हाउस में आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान कही। प्रभारी मंत्री ने बताया कि विकसित भारत-रोजगार एवं आजीविका के लिए गारंटी मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत अब ग्रामीण परिवारों को पहले की तुलना में अधिक अवसर और अधिकार मिलेंगे। रोजगार की गारंटी को 100 दिनों से बढ़ाकर 125 दिन कर दिया गया है, जिससे मेहनतकश ग्रामीण समाज को आर्थिक मजबूती मिलेगी और पलायन पर भी रोक लगेगी। उन्होंने कहा कि इस नए अधिनियम की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें बेरोजगारी भत्ते का अधिकार, समय पर मजदूरी भुगतान, और भुगतान में देरी होने पर मुआवजे का प्रावधान शामिल किया गया है। साथ ही ग्राम पंचायतों को योजना निर्माण में अधिक स्वतंत्रता दी गई है, जिससे विकास कार्य स्थानीय जरूरतों के अनुरूप किए जा सकें।

चार श्रेणियों में होंगे कार्य

मंत्री ने जानकारी दी कि इस मिशन के तहत कार्यों को चार प्रमुख श्रेणियों में विभाजित किया गया है।

  • पहली श्रेणी में जल सुरक्षा और संरक्षण से जुड़े कार्य शामिल हैं, जिनमें जल संरक्षण, भू-जल पुनर्भरण, सिंचाई व्यवस्था, वाटरशेड विकास और जल स्रोतों का पुनर्जीवन किया जाएगा।
  • दूसरी श्रेणी वनीकरण और पर्यावरण संरक्षण से संबंधित है, जिससे जलवायु संतुलन को मजबूत किया जा सके।
  • तीसरी श्रेणी में ग्रामीण अवसंरचना और आजीविका संवर्धन से जुड़े कार्य रखे गए हैं, जैसे पशुपालन, मत्स्य पालन, भंडारण, कौशल विकास और बाजार से जोड़ने वाली गतिविधियां।
  • चौथी श्रेणी जलवायु परिवर्तन और प्रतिकूल मौसम से निपटने वाले कार्यों पर केंद्रित है, ताकि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को टिकाऊ बनाया जा सके।

तकनीक और पारदर्शिता पर जोर

इस अधिनियम के अंतर्गत तकनीक का व्यापक उपयोग किया जाएगा। बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण, मोबाइल आधारित निगरानी, रियल-टाइम डैशबोर्ड और एआई आधारित विश्लेषण के माध्यम से पारदर्शिता सुनिश्चित की जाएगी। सभी कार्य विकसित भारत राष्ट्रीय ग्रामीण अवसंरचना स्टैक पर दर्ज होंगे, जिससे विभागों के बीच बेहतर तालमेल बनेगा और दोहराव व भ्रष्टाचार पर अंकुश लगेगा। ग्रामीण कृषि व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए कृषि-मजदूरी समन्वय का प्रावधान भी किया गया है। राज्य सरकार को बुवाई और कटाई जैसे प्रमुख कृषि कार्यों के दौरान अधिकतम 60 दिनों तक इस अधिनियम के तहत कार्य न कराने का अधिकार होगा, ताकि खेती प्रभावित न हो और किसान-मजदूर दोनों को संतुलित लाभ मिल सके।

मनरेगा कार्य रहेंगे सुरक्षित

प्रभारी मंत्री ने स्पष्ट किया कि वर्तमान में मनरेगा के तहत चल रहे सभी कार्य पूरी तरह सुरक्षित हैं। कोई भी परियोजना रोकी नहीं जाएगी। विकसित भारत-जी राम जी लागू होने के बाद इसके अनुरूप नए कार्य शुरू होंगे, जिससे रोजगार के अवसर और बढ़ेंगे। उन्होंने कहा कि यह कानून पूरी तरह लागू होने पर ग्रामीण परिवारों को न केवल 125 दिनों का सुनिश्चित रोजगार देगा, बल्कि बढ़ी हुई मजदूरी दरों का भी सीधा लाभ मिलेगा। यह मिशन गांवों को आत्मनिर्भर बनाने और विकसित भारत के लक्ष्य को जमीन पर उतारने की दिशा में एक मजबूत कदम है। प्रेसवार्ता में कृषि राज्यमंत्री बलदेव सिंह औलख, जिला पंचायत अध्यक्ष ख्याली राम लोधी, पश्चिमी उत्तर प्रदेश के क्षेत्रीय अध्यक्ष सत्येंद्र सिसोदिया, जिला प्रभारी राजा वर्मा, भाजपा जिला अध्यक्ष हरिश गंगवार, जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी, पुलिस अधीक्षक विद्या सागर मिश्र, मुख्य विकास अधिकारी गुलाब चंद्र सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।

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