श्रीगंगानगर: प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक पहुँचाने के उद्देश्य से श्रीगंगानगर जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय नजर आ रहा है। सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित महत्वपूर्णसाप्ताहिक समीक्षा बैठक के दौरान जिला कलक्टरडॉ. अमित यादव ने सख्त तेवर दिखाते हुए विभिन्न विभागों की प्रगति रिपोर्ट की जांच की। कलक्टर ने स्पष्ट किया कि बजट घोषणाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने लंबित कार्यों को समय सीमा के भीतर पूरा करने के कड़े निर्देश दिए।
बैठक की शुरुआत में विद्युत विभाग कीकुसुम योजना (घटक ए, बी और सी) की प्रगति पर चर्चा की गई। कलक्टर ने सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए इस योजना की गति बढ़ाने को कहा। वहीं, महिला अधिकारिता विभाग की समीक्षा करते हुए डॉ. यादव नेलाडो प्रोत्साहन योजना पर विशेष ध्यान देने को कहा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया किराजश्री एवं शुभलक्ष्मी योजनाओं का डेटा पोर्टल पर नियमित रूप से अपडेट किया जाए, ताकि लाभार्थियों को भुगतान मिलने में देरी न हो।
कृषि प्रधान जिला होने के नातेप्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत डिग्गी निर्माण कार्यों की समीक्षा की गई। इसके साथ ही, 'मुख्यमंत्री शिक्षित राजस्थान अभियान सत्र 2025-26' के तहत स्कूलों में छात्र उपस्थिति के लक्ष्यों पर चर्चा हुई। कलक्टर ने जिला स्तरीय अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे केवल कागजी खानापूर्ति न करें, बल्किविद्यालयों का नियमित निरीक्षण कर शिक्षा की गुणवत्ता और उपस्थिति सुनिश्चित करें।
श्रीगंगानगर में नशे की समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए कलक्टर ने विशेष रणनीति पर जोर दिया। उन्होंने कहा किनशा मुक्ति अभियान को सफल बनाने के लिए सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करना होगा। ग्रामीण क्षेत्रों में आईईसी (सूचना, शिक्षा और संचार) गतिविधियों के जरिए व्यापक प्रचार-प्रसार हो। ग्राम स्तर पर 'लक्ष्य आधारित एक्शन प्लान' तैयार किया जाए। 'माय भारत' (MY Bharat) पोर्टल के माध्यम से युवाओं को इस अभियान से जोड़कर इसे प्रभावी बनाया जाए।
आगामी फसल खरीद को लेकर कलक्टर ने अधिकारियों को पहले से मुस्तैद रहने के निर्देश दिए।न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीद व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि खरीद केंद्रों पर किसानों के लिए छाया, पानी और बैठने जैसी मूलभूत सुविधाएं अनिवार्य रूप से होनी चाहिए। उन्होंने खरीद के साथ-साथ उपज के समयबद्ध 'उठाव' (Transport) पर विशेष ध्यान देने को कहा ताकि मंडियों में जाम की स्थिति न बने।
प्रशासनिक कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और तेजी लाने के लिए जिला कलक्टर नेराजकाज ई-फाइल प्रणाली के उपयोग पर जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि सरकारी दफ्तरों में कोई भी फाइल अनावश्यक रूप से पेंडिंग न रहे। सभी प्रकरणों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए ताकि आमजन को सरकारी दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें। इस महत्वपूर्ण बैठक में पुलिस अधीक्षक हरीशंकर, एडीएम प्रशासन सुभाष कुमार, प्रशिक्षु अधिकारी अदिति यादव, ऋषभ जैन, धीरज चावला, हरीश मित्तल, डॉ. अजय सिंगला सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। जिला कलक्टर की इस समीक्षा बैठक से साफ है कि प्रशासन अब योजनाओं के क्रियान्वयन और मॉनिटरिंग पर विशेष ध्यान दे रहा है, जिससे जिले में विकास कार्यों को नई गति मिलने की उम्मीद है।
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