रुपए हड़पने और सरकारी आवास पर कब्जे का आरोप, पीड़ित ने एसपी से लगाई गुहार

खबर सार :-
द्वारिका प्रसाद ने सोमपाल राजपूत पर जबरन कब्जा और भुगतान धोखाधड़ी का आरोप लगाया है। उन्होंने पुलिस अधीक्षक को शिकायती पत्र देते हुए पुलिस से उचित कार्रवाई सहित सरकारी आवास को खाली कराने की गुहार लगाई है।

रुपए हड़पने और सरकारी आवास पर कब्जे का आरोप, पीड़ित ने एसपी से लगाई गुहार
खबर विस्तार : -

पीलीभीतः पीलीभीत के थाना सुनगढ़ी क्षेत्र के सुकटिया गांव निवासी द्वारिका प्रसाद ने पुलिस अधीक्षक को एक शिकायती पत्र देकर गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित का कहना है कि वह “प्रसाद इंटरप्राइजेज” के पंजीकृत प्रोपराइटर हैं और वर्ष 2019-20 के दौरान स्तंभ पावर सिस्टम प्राइवेट लिमिटेड के अंतर्गत बिजली लाइन निर्माण का कार्य कर चुके हैं।

पूछताछ करने पर खुली पोल

द्वारिका प्रसाद के अनुसार इस कार्य में सोमपाल राजपूत नामक व्यक्ति उनके साथ मजदूरी के रूप में जुड़ा हुआ था। आपसी विश्वास के चलते उन्होंने 3 मार्च 2020 को कुल दो बिल—3,09,924 रुपये और 1,00,713 रुपये कंपनी से भुगतान प्राप्त करने के लिए सोमपाल राजपूत को सौंप दिए। आरोप है कि सोमपाल ने इन दस्तावेजों में हेरफेर करते हुए कंपनी से पूरी राशि खुद प्राप्त कर ली और पीड़ित को इसकी जानकारी तक नहीं दी।

पीड़ित का कहना है कि जब वह स्वयं कंपनी पहुंचे और भुगतान के संबंध में जानकारी ली, तब उन्हें पता चला कि पूरा पैसा पहले ही सोमपाल द्वारा ले लिया गया है। इसके बाद द्वारिका प्रसाद ने कई बार सोमपाल से संपर्क कर अपनी राशि वापस मांगने की कोशिश की, लेकिन हर बार उन्हें टाल दिया गया। अंततः सोमपाल ने साफ तौर पर पैसा लौटाने से इनकार कर दिया।

निष्पक्ष जांच कराने की मांग

शिकायत में एक और गंभीर आरोप यह भी लगाया गया है कि सोमपाल राजपूत पीलीभीत के रामलीला स्थल के पास स्थित बिजली घर परिसर में बने सरकारी आवासों पर अवैध रूप से कब्जा किए हुए हैं। बताया गया है कि वह कई वर्षों से अपने परिवार के साथ वहां रह रहा है, जबकि उसका बिजली विभाग से कोई आधिकारिक संबंध नहीं है। इस कारण सरकारी संपत्ति के दुरुपयोग का भी मामला सामने आ रहा है।

द्वारिका प्रसाद ने पुलिस अधीक्षक से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, दोषी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने और सरकारी आवास को खाली कराने की मांग की है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो उन्हें न्याय पाने में कठिनाई हो सकती है।

फिलहाल पुलिस प्रशासन ने शिकायत प्राप्त होने की पुष्टि करते हुए मामले की जांच शुरू करने की बात कही है। अब देखना यह होगा कि जांच के बाद क्या कार्रवाई की जाती है और पीड़ित को न्याय कब तक मिल पाता है।

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