सोशल मीडिया पर दोस्ती कर निवेश के नाम पर 1 करोड़ की साइबर ठगी, गिरोह का सदस्य गिरफ्तार

खबर सार :-
मुज़फ़्फ़रनगर साइबर क्राइम यूनिट ने एक ऐसे गिरोह के सदस्य को गिरफ़्तार कर जेल भेज दिया है, जिसने सोशल मीडिया पर पीड़ितों से दोस्ती करके और निवेश पर भारी मुनाफ़े के झूठे वादे देकर ₹1 करोड़ की साइबर धोखाधड़ी की थी।

सोशल मीडिया पर दोस्ती कर निवेश के नाम पर 1 करोड़ की साइबर ठगी, गिरोह का सदस्य गिरफ्तार
खबर विस्तार : -

मुजफ्फरनगर: साइबर क्राइम थाना पुलिस ने सोशल मीडिया के जरिए दोस्ती कर ऑनलाइन निवेश में भारी मुनाफे का लालच देकर करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले गिरोह के एक शातिर सदस्य को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान मौहम्मद आकिब अली के रूप में हुई है, जिसे पुलिस ने जेल भेज दिया है। इस कार्रवाई को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा के निर्देशन में पुलिस अधीक्षक अपराध श्रीमती इन्दु सिद्धार्थ, क्षेत्राधिकारी अपराध रविन्द्र प्रताप सिंह और प्रभारी निरीक्षक कर्मवीर सिंह के नेतृत्व में अंजाम दिया गया।

कैसे किया फ्रॉड

पुलिस के अनुसार पीड़ित व्यक्ति को फेसबुक पर “गीतिका कपूर उर्फ जीजी” नाम से फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी गई थी। धीरे-धीरे आरोपी ने पीड़ित से दोस्ती बढ़ाई और उसे ऑनलाइन ट्रेडिंग तथा निवेश के जरिए अधिक लाभ कमाने का झांसा दिया। आरोपियों ने पीड़ित को DGXC नामक वेबसाइट पर निवेश करने के लिए प्रेरित किया। इसके बाद व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर उसमें फर्जी निवेशकों और नकली मुनाफे के स्क्रीनशॉट दिखाए गए, ताकि पीड़ित का विश्वास जीता जा सके।

गिरोह ने पीड़ित को अलग-अलग बैंक खातों में रकम ट्रांसफर कराने के लिए कहा। झांसे में आकर पीड़ित ने करीब 1 करोड़ 1 लाख 2 हजार रुपये विभिन्न खातों में जमा करा दिए। जब पीड़ित ने अपनी रकम और मुनाफा निकालने की कोशिश की तो आरोपियों ने “फाइनल वेरिफिकेशन”, “डेटा रिपेयरिंग” और “एंटी मनी लॉन्ड्रिंग प्रोसेस” जैसे बहाने बनाकर उससे और धन की मांग शुरू कर दी। खुद के साथ ठगी होने का एहसास होने पर पीड़ित ने साइबर क्राइम थाना में शिकायत दर्ज कराई।

जांच के दौरान खुलासा

जांच के दौरान पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी मौहम्मद आकिब अली को गिरफ्तार कर लिया। उसके कब्जे से दो मोबाइल फोन, एक लैपटॉप, नौ एटीएम कार्ड, तीन चेकबुक, 24 चेक और 1400 रुपये नकद बरामद किए गए हैं। पूछताछ में पता चला कि यह गिरोह देहरादून में रहकर संगठित तरीके से साइबर ठगी को अंजाम देता था।

पुलिस ने बताया कि आरोपी के बैंक खातों से जुड़े 13 राज्यों में 21 साइबर शिकायतें दर्ज मिली हैं, जिनमें लगभग 57.96 लाख रुपये की धोखाधड़ी सामने आई है। फिलहाल पुलिस ने करीब 23 लाख रुपये की रकम फ्रीज कर पीड़ित को वापस दिलाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। मामले में अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।


 

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