बिजली शिकायतों के निस्तारण के लिए कंट्रोल रूम सक्रिय, शिफ्टवार ड्यूटी तय

खबर सार :-
जिलाधिकारी ने सभी तैनात अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे अपनी निर्धारित शिफ्ट में कंट्रोल रूम में मौजूद रहकर आम जनता से प्राप्त होने वाली शिकायतों का तत्काल और प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित करें।

बिजली शिकायतों के निस्तारण के लिए कंट्रोल रूम सक्रिय, शिफ्टवार ड्यूटी तय
खबर विस्तार : -

झांसीः जनपद में लगातार सामने आ रही विद्युत आपूर्ति संबंधी समस्याओं और उपभोक्ताओं की शिकायतों के त्वरित समाधान को लेकर जिला प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। जिलाधिकारी के निर्देश पर बिजली व्यवस्था की निगरानी और शिकायतों के तत्काल निस्तारण के लिए जनपदीय कंट्रोल रूम में अधिकारियों एवं मजिस्ट्रेटों की शिफ्टवार ड्यूटी निर्धारित कर दी गई है। प्रशासन का कहना है कि इस व्यवस्था का उद्देश्य बिजली आपूर्ति को सुचारू बनाए रखना, शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करना तथा कानून व्यवस्था बनाए रखना है।

यह कंट्रोल रूम विद्युत नगरीय वितरण मंडल कार्यालय, माताटीला हाइडिल कॉलोनी, सिविल लाइंस स्थित सोशल मीडिया सेल में स्थापित किया गया है। यहां चौबीसों घंटे अधिकारियों की मौजूदगी रहेगी, ताकि बिजली कटौती, फॉल्ट, ट्रिपिंग और अन्य विद्युत समस्याओं पर तत्काल कार्रवाई की जा सके।

जिला प्रशासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार प्रथम शिफ्ट सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक निर्धारित की गई है। इस दौरान अरविंद वर्मा, अवर अभियंता सिंचाई विभाग को जिम्मेदारी सौंपी गई है। दूसरी शिफ्ट शाम 4 बजे से रात 12 बजे तक रहेगी, जिसमें रिषभ सिंह, अवर अभियंता केन-बेतवा लिंक नहर परियोजना तैनात रहेंगे। वहीं तीसरी शिफ्ट रात 12 बजे से सुबह 8 बजे तक राम आसरे, अवर अभियंता केन-बेतवा लिंक नहर परियोजना ड्यूटी संभालेंगे।

इसके अतिरिक्त चन्दन सिंह, अवर अभियंता भूमि संरक्षण कार्यालय को रिजर्व अधिकारी के रूप में नामित किया गया है, ताकि आवश्यकता पड़ने पर तत्काल अतिरिक्त सहायता उपलब्ध कराई जा सके। साथ ही प्रत्येक दिन की कार्यवाही और प्राप्त शिकायतों की रिपोर्ट निर्धारित प्रारूप में नोडल अधिकारी एवं अपर जिलाधिकारी (नमामि गंगे) को उपलब्ध कराई जाएगी।

प्रशासन का मानना है कि इस नई व्यवस्था से बिजली संबंधी शिकायतों की निगरानी बेहतर होगी और उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी। खासकर गर्मी के मौसम में बढ़ती बिजली कटौती और लो-वोल्टेज जैसी समस्याओं को देखते हुए यह पहल काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

हालांकि अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या यह नई व्यवस्था वास्तव में झांसी की जनता को बिजली समस्याओं से राहत दिला पाएगी या यह सिर्फ कागजी आदेश बनकर रह जाएगी। इसका जवाब आने वाले दिनों में जनता के अनुभव और शिकायतों के समाधान की गति से ही सामने आएगा। फिलहाल प्रशासन की इस पहल को एक सकारात्मक कदम के रूप में देखा जा रहा है और लोगों को उम्मीद है कि इससे बिजली व्यवस्था में सुधार देखने को मिलेगा।

यह भी पढ़ेंः-Yogi Cabinet : मेट्रो विस्तार, ओबीसी आयोग, स्वास्थ्य, ऊर्जा, नगरीय परिवहन समेत कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मिली मंजूरी

अन्य प्रमुख खबरें