Labour Day 2026: 1 मई को देशभर में 'अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस' के रूप में मनाया जा रहा है। लेबर डे हर साल इस उम्मीद के साथ मनाया जाता है ताकि मजदूरों के उनके हक की सभी चीजें मिल सकें। लेकिन मजदूर दिवस पर एहतियाती कदम के तौर पर नोएडा में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। प्रशासन ने यह सुनिश्चित करने के लिए कमर कस ली है कि मज़दूर दिवस के मौके पर कोई भी अप्रिय घटना न हो। सुबह-सुबह पूरे इलाके में अलर्ट जारी कर दिया गया था। संवेदनशील इलाकों में खास निगरानी रखने के लिए आधुनिक तकनीक खास तौर पर ड्रोन कैमरों का इस्तेमाल किया गया। साथ ही 1 से 8 मई तक धारा 163 लागू हो गई है।
दरअसल हाल ही में नोएडा में मज़दूरों ने बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन किए थे, जिसमें उन्होंने वेतन बढ़ाने समेत कई मांगें उठाई थीं। इन विरोध प्रदर्शनों को देखते हुए, गौतम बुद्ध नगर प्रशासन और पुलिस ने 1 मई यानी अंतर्राष्ट्रीय मज़दूर दिवस पर नोएडा में औद्योगिक इकाइयों के आस-पास सुरक्षा के इंतजाम खास तौर पर बढ़ाए गए थे। अधिकारियों के मुताबिक, 50 से ज़्यादा संवेदनशील इलाकों की पहचान की गई थी और उन पर ड्रोन के जरिए लगातार निगरानी रखी गई। यह कदम किसी भी अप्रिय घटना को रोकने और सुरक्षा के पूरे ढांचे को और मजबूत करने के मकसद से उठाया गया था। ड्रोन के इस्तेमाल से पुलिस को पल-पल की जानकारी मिलती रही, जिससे ज़रूरत पड़ने पर वे तुरंत कार्रवाई कर सके।
इस बीच, ग्रेटर नोएडा में मज़दूर दिवस को लेकर ज़बरदस्त उत्साह देखने को मिला। मजदूरों ने अलग-अलग जगहों पर शानदार कार्यक्रम आयोजित किए और बड़े जोश के साथ यह दिन मनाया। हालांकि, इन समारोहों के बीच भी प्रशासन ने सुरक्षा को लेकर अपनी चौकसी कम नहीं की। शहर भर में अहम जगहों पर और अलग-अलग कार्यक्रम स्थलों पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। पुलिस इलाके के चप्पे-चप्पे पर कड़ी निगरानी रखी। भीड़भाड़ वाले इलाकों में किसी भी संभावित गड़बड़ी या अप्रिय घटना को रोकने के लिए अतिरिक्त सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए थे।
प्रशासन ने कहा कि मज़दूर दिवस के दौरान शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखना उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता थी। इसी मकसद से, काफी पहले ही एक व्यापक रणनीति तैयार कर ली गई थी। ड्रोन से निगरानी, अतिरिक्त पुलिस तैनाती और वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी के मेल ने सुरक्षा व्यवस्था को और भी मज़बूत बना दिया।
पूरी दुनिया में अनगिनत मजदूर अपने अथक परिश्रम से समाज और अर्थव्यवस्था, दोनों की नींव को मज़बूत बनाते हैं। उनके इस कठिन परिश्रम के लिए एक विशेष दिन समर्पित है, जिसे अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस दिवस कहा जाता है। अंग्रेज़ी में इस दिन को 'लेबर डे', 'मे डे' या 'वर्कर्स डे' के नाम से भी जाना जाता है। हर साल, इस दिन को इस उम्मीद के साथ मनाया जाता है कि मजदूरो को उनके सभी उचित अधिकार और हक मिलेंगे।
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