बिहार से गुजरात जा रही ट्रेन से 26 बच्चों का रेस्क्यू, बाल तस्करी की आशंका, जांच जारी

खबर सार :-
मध्य प्रदेश के उज्जैन व नागदा रेलवे स्टोशनों पर अभियान चलाकर 26 बच्चों को बचाया गया। इन बच्चों को बिहार से गुजरात ले जाया जा रहा था। पुलिस बाल श्रम की आशंका जता रही है। मामले की जांच चल रही है।

बिहार से गुजरात जा रही ट्रेन से 26 बच्चों का रेस्क्यू, बाल तस्करी की आशंका, जांच जारी
खबर विस्तार : -

उज्जैन: बड़े पैमाने पर हो रही तस्करी की खुफिया जानकारी पर कार्रवाई करते हुए गुरुवार रात मध्य प्रदेश के उज्जैन और नागदा रेलवे स्टेशनों पर एक बड़ा अभियान चलाया गया, जिसके परिणामस्वरूप अंत्योदय एक्सप्रेस से 26 नाबालिगों को बचाया गया। इन बच्चों को बिहार के मुजफ्फरपुर से गुजरात के अहमदाबाद ले जाया जा रहा था। इस मामले में फिलहाल जांच चल रही है।

बाल कल्याण समिति (CWC) को जानकारी मिली थी कि लगभग 100 बच्चों को बाल श्रम के उद्देश्य से मुजफ्फरपुर से अहमदाबाद ले जाया जा रहा है। इस सूचना के मिलते ही उज्जैन के चार स्टेशनों की पुलिस फोर्स साथ ही RPF (रेलवे सुरक्षा बल), GRP (सरकारी रेलवे पुलिस), श्रम विभाग और महिला एवं बाल विकास विभाग की टीमें को हाई अलर्ट पर रखा गया। 

4 घंटे चला अभियान

गुरुवार रात लगभग 11 बजे जैसे ही अंत्योदय एक्सप्रेस उज्जैन स्टेशन पर पहुंची, संयुक्त टीम ने ट्रेन की तलाशी शुरू कर दी। लगभग आधे घंटे तक 50 से अधिक बच्चों और उनके साथ आए लोगों से पूछताछ की गई। इस शुरुआती चरण के दौरान चार बच्चों को बचाया गया। इसी बीच ट्रेन स्टेशन से रवाना हो गई। बचाव अभियान का नेतृत्व कर रहीं CSP दीपिका शिंदे ने तुरंत नागदा स्टेशन के अधिकारियों को सूचित किया और ट्रेन को वहां रुकवाया। नागदा में लगभग एक घंटे तक चली तलाशी के बाद ट्रेन से 22 और नाबालिगों को उतारा गया। जब यह अभियान देर रात लगभग 3 बजे समाप्त हुआ, तब तक कुल 26 बच्चों को बचाया जा चुका था। नागदा में उतारे गए सभी बच्चे नाबालिग हैं। उनमें से दो की उम्र 14 वर्ष से कम है, जबकि बाकी 14 से 18 वर्ष की आयु वर्ग में आते हैं।

बाल मजदूरी की आशंका

फिलहाल, सभी बच्चों को उज्जैन GRP को सौंप दिया गया है। आगे की कार्रवाई उनके संबंधित परिवारों से संपर्क करने के बाद तय की जाएगी। उन्होंने आगे बताया कि बच्चों को कुछ समय के लिए उज्जैन में CWC की सुविधा केंद्र में रखा जाएगा। पुलिस को शक है कि बच्चों को बाल मजदूरी के लिए गुजरात ले जाया जा रहा था। हालांकि, कुछ बच्चों ने दावा किया है कि वे सोमनाथ और अन्य जगहों जैसे पर्यटन स्थलों की सैर करने जा रहे थे। इस मामले में जांच अभी भी जारी है। 

मामले की चल रही जांच

श्रम विभाग की सहायक आयुक्त राखी जोशी ने बताया कि विश्वसनीय सूत्रों से जानकारी मिली थी कि चार लोग 100 से ज्यादा नाबालिग बच्चों को ट्रेन से गुजरात ले जा रहे थे। इस सूचना पर कार्रवाई करते हुए पुलिस और GRP के सहयोग से एक बचाव अभियान चलाया गया, जिसके परिणामस्वरूप उज्जैन और नागदा स्टेशनों पर 26 नाबालिग बच्चों को ट्रेन से उतारा गया। फिलहाल, इस बात का पता लगाने के लिए जांच चल रही है कि बच्चों को किस उद्देश्य से ले जाया जा रहा था, साथ ही इसमें शामिल लोगों की पहचान भी की जा रही है।

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