Mokshada Ekadashi Vrat 2025 : मार्गशीर्ष माह के शुक्ल पक्ष की मोक्षदा एकादशी तिथि सोमवार 01 दिसंबर के दिन पड़ रही है। यह एकादशी सर्वपाप विनाशिनी, मोक्ष प्रदान करने वाली तथा पितृ-उद्धार कराने वाली मानी गई है। शास्त्रों में बताया गया है कि इस एकादशी का व्रत रखने से सभी जन्मों के पाप भी मिट जाते हैं और भक्त को बैकुंठ धाम की प्राप्ति होती है।
मान्यता है कि इस एकादशी पर तुलसी मैया के पास दीपक जरूर जलाना चाहिए। साथ ही 7 बार परिक्रमा भी करनी चाहिए। यह एकादशी मन को सत्त्वगुणी बनाती है, जिससे व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आते हैं। ज्योतिष शास्त्र में इस एकादशी का महत्व बताते हुए कुछ विशेष उपाय भी बताए गए हैं। इन उपायों को करने से भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है। साथ ही इस पवित्र एकादशी पर क्या दान करना चाहिए. आइए जानते हैं एकादशी की पूजा विधि और महत्व…
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन श्री हरि ने अर्जुन को गीता का उपदेश दिया था, जिस वजह से इसका महत्व और भी बढ़ जाता है। इस दिन उपवास, पूजा और दान करने से पापों का नाश होता है और कई गुना फल मिलता है। यह एकादशी व्यक्ति को सांसारिक बंधनों से मुक्ति दिलाने वाली मानी जाती है। धार्मिक ग्रंथों में उत्पन्ना एकादशी के लिए कुछ उपायों के बारे में बताया गया है। इस तिथि पर व्रत विधिपूर्वक करना चाहिए।
विधि-विधान से व्रत करने के लिए ब्रह्ममुहूर्त में उठकर स्नान करें। फिर मंदिर या पूजा स्थल को साफ करें और गंगाजल छिड़ककर शुद्ध करें। एक चौकी पर कपड़ा बिछाकर पूजन सामग्री रखें। विष्णु भगवान की प्रतिमा स्थापित करें और अब भगवान को धूप, दीप, अक्षत और पीले फूल चढ़ाएं। व्रत कथा सुनें और भगवान विष्णु की आरती करें। उसके बाद आरती का आचमन करें। इसके बाद दिनभर निराहार रहें और भगवान का ध्यान करें। मंत्र जप और ग्रंथों का पाठ करें और शाम को तुलसी मैया पर दीपक जलाना न भूलें।
जो जातक एकादशी पर व्रत नहीं रख सकते हैं, वे विष्णु जी की पूजा करें। दान-पुण्य करें, मंत्र जप और ग्रंथों का पाठ करें। बीमार, गर्भवती और बच्चों के लिए व्रत करना जरूरी नहीं होता है। ये लोग पूजा-पाठ करके भी एकादशी व्रत के समान पुण्य कमा सकते हैं, लेकिन इस दिन चावल का सेवन भी न करें।
विष्णु पूजा, गीता पाठ और दान इस दिन विशेष रूप से मोक्ष मार्ग को प्रशस्त करते हैं। मोक्षदा नाम इसीलिए पड़ा है, क्योंकि कहा गया है कि इस दिन किया गया व्रत और पूजा पितरों को भी मोक्ष प्रदान करती है। यही कारण है कि लोग इस दिन भगवान विष्णु को समर्पित व्रत रखकर अपने पूर्वजों का कल्याण करते हैं।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन श्री हरि ने अर्जुन को गीत का उपदेश दिया था, जिस वजह से इसका महत्व और भी बढ़ जाता है। इस दिन उपवास, पूजा और दान करने से पापों का नाश होता है और कई गुना फल मिलता है। यह एकादशी व्यक्ति को सांसारिक बंधनों से मुक्ति दिलाने वाली मानी जाती है।
अन्य प्रमुख खबरें
Aaj Ka Rashifal 15 January 2026 : इन राशियों को आज होगा आर्थिक लाभ, जानें कैसा रहेगा आपका दिन
Panchang 15 January 2026: गुरुवार 15 जनवरी 2026 का पंचांग, जानें विशेष पर्व एवं राहुकाल
तिल द्वादशी : भगवान नारायण की कृपा प्राप्ति का विशेष दिन, तिल दान से मिलता है अश्वमेध यज्ञ का फल
मकर संक्रांति स्नान पर्व के लिए तैयारी पूरी, एक करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के आगमन का अनुमान
Aaj Ka Rashifal 14 January 2026 : इन राशियों को आज होगा आर्थिक लाभ, जानें कैसा रहेगा आपका दिन
Panchang 14 January 2026: बुधवार 14 जनवरी 2026 का पंचांग, जानें विशेष पर्व एवं राहुकाल
Aaj Ka Rashifal 13 January 2026 : इन राशियों को आज होगा आर्थिक लाभ, जानें कैसा रहेगा आपका दिन
Panchang 13 January 2026: मंगलवार 13 जनवरी 2026 का पंचांग, जानें विशेष पर्व एवं राहुकाल
Aaj Ka Rashifal 12 January 2026 : इन राशियों को आज होगा आर्थिक लाभ, जानें कैसा रहेगा आपका दिन
Panchang 12 January 2026: सोमवार 12 जनवरी 2026 का पंचांग, जानें विशेष पर्व एवं राहुकाल
Aaj Ka Rashifal 11 January 2026 : इन राशियों को आज होगा आर्थिक लाभ, जानें कैसा रहेगा आपका दिन
Panchang 11 January 2026: रविवार 11 जनवरी 2026 का पंचांग, जानें विशेष पर्व एवं राहुकाल
Aaj Ka Rashifal 10 January 2026 : इन राशियों को आज होगा आर्थिक लाभ, जानें कैसा रहेगा आपका दिन