Petrol and Diesel Price Hike: राहुल बोले- जनता चुकाएगी सरकार की गलती की कीमत

खबर सार :-
देश के आम लोगों को महंगाई का सीधा झटका लगा है। वैश्विक ऊर्जा कीमतों में उछाल का सीधा असर अब भारत के आम उपभोक्ताओं पर भी दिखाई देने लगा है। नतीजतन, देश की तेल कंपनियों ने अचानक पेट्रोल और डीज़ल की कीमतें बढ़ा दी हैं। कीमतें बढ़ने से राजनीतिक माहौल गरमा गया है। नेत प्रतिपक्ष ने इसे लेकर सरकार पर निशाना साधा है।

Petrol and Diesel Price Hike: राहुल बोले- जनता चुकाएगी सरकार की गलती की कीमत
खबर विस्तार : -

नई दिल्लीः देशभर में पेट्रोल, डीजल और सीएनजी की कीमतों में हुई ताजा बढ़ोतरी को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि सरकार की गलत नीतियों का खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि ईंधन की कीमतों में यह बढ़ोतरी केवल शुरुआत है और आने वाले समय में जनता पर और बोझ डाला जा सकता है।

कांग्रेस ने साधा निशाना

राहुल गांधी ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए लिखा, “गलती सरकार की, कीमत जनता चुकाएगी। 3 रुपए का झटका आ चुका, बाकी वसूली किस्तों में की जाएगी।” उनके इस बयान को सरकार की आर्थिक और ऊर्जा नीतियों पर बड़ा हमला माना जा रहा है। कांग्रेस लगातार बढ़ती महंगाई और ईंधन की कीमतों को लेकर केंद्र सरकार को घेरती रही है।

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी को लेकर केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि देश इस समय केवल वैश्विक ईंधन संकट का सामना नहीं कर रहा, बल्कि भारत में आर्थिक संकट की बड़ी वजह नेतृत्व की कमी, दूरदर्शिता का अभाव और प्रशासनिक अक्षमता है।

खड़गे ने अपने ‘एक्स’ पोस्ट में कहा कि यह संकट प्राकृतिक नहीं बल्कि सरकार की नीतियों से पैदा हुआ संकट है। उन्होंने आरोप लगाया कि आम जनता को पेट्रोल, डीजल और एलपीजी के बढ़े हुए दामों के जरिए इसकी कीमत चुकानी पड़ रही है। उनके मुताबिक, डीजल की कीमत बढ़ने का असर पूरे देश की अर्थव्यवस्था पर पड़ता है क्योंकि परिवहन लागत बढ़ने से खाद्य पदार्थों, उद्योगों और घरेलू जरूरतों की वस्तुओं की कीमतों में भी इजाफा होता है। इसका सबसे ज्यादा असर किसानों और मध्यम वर्गीय परिवारों पर पड़ता है।

कांग्रेस अध्यक्ष ने यह भी कहा कि जब पश्चिम एशिया में तनाव और युद्ध की स्थिति बनने लगी थी, तब सरकार ने हालात को सामान्य बताने की कोशिश की। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष द्वारा उठाए गए सवालों को नजरअंदाज किया गया और समय रहते कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। खड़गे ने सरकार पर यह आरोप भी लगाया कि भारत की ऊर्जा नीति अब विदेशी शक्तियों की “अनुमति” पर निर्भर होती जा रही है, जिससे देश की संप्रभुता प्रभावित हो रही है।

उन्होंने रूस से तेल खरीद के मुद्दे को उठाते हुए कहा कि अमेरिका द्वारा दी गई सीमित छूट और अनुमति के आधार पर भारत को तेल आयात करना पड़ रहा है। खड़गे ने सवाल किया कि आखिर सरकार देश को ऐसी स्थिति में क्यों ले आई, जहां उसे अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए बाहरी मंजूरी का इंतजार करना पड़ रहा है। उन्होंने यह भी दावा किया कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें कम होने के बावजूद केंद्र सरकार ने जनता को राहत नहीं दी और पिछले दस वर्षों में टैक्स के जरिए भारी कमाई की।

कांग्रेस नेताओं का कहना है कि जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर क्रूड ऑयल सस्ता था, तब सरकार ने एक्साइज ड्यूटी कम कर आम लोगों को राहत देने के बजाय टैक्स से लाखों करोड़ रुपये की कमाई की। अब जब वैश्विक संकट गहरा रहा है तो उसका बोझ सीधे आम जनता पर डाला जा रहा है।

शुक्रवार को हुई बढ़ोत्तरी

शुक्रवार से देशभर में पेट्रोल और डीजल की नई कीमतें लागू हो गई हैं। राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 3.14 रुपये प्रति लीटर बढ़कर 97.77 रुपये हो गई है, जबकि डीजल 3.11 रुपये महंगा होकर 90.67 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गया है। इसके अलावा सीएनजी की कीमतों में भी 2 रुपये प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी की गई है। दिल्ली में अब सीएनजी की कीमत 79.09 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई है।

विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिम एशिया में जारी तनाव और कच्चे तेल की आपूर्ति को लेकर बनी अनिश्चितता का असर आने वाले दिनों में और देखने को मिल सकता है। ऐसे में ईंधन की बढ़ती कीमतें महंगाई को और बढ़ा सकती हैं, जिससे आम लोगों के घरेलू बजट पर अतिरिक्त दबाव पड़ेगा। विपक्ष इसी मुद्दे को लेकर सरकार को लगातार घेर रहा है और आने वाले दिनों में यह मुद्दा संसद से लेकर सड़कों तक गूंज सकता है।
 

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