Brajesh Pathak on Pharmacists : उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक ने स्वास्थ्य सेवाओं में फार्मासिस्टों की भूमिका की जमकर सराहना की है। शनिवार को राजधानी के इंदिरानगर में आयोजित डिप्लोमा फार्मासिस्ट राजपत्रित अधिकारी एसोसिएशन (DPRA) के द्विवार्षिक प्रांतीय अधिवेशन को संबोधित करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि एक बेहतर चिकित्सा प्रणाली के निर्माण में फार्मासिस्ट सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं।
उपमुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान कहा कि डॉक्टर भले ही दवा लिखते हों, लेकिन उस दवा को सुरक्षित रूप से मरीज तक पहुँचाने और उसके सही इस्तेमाल की जानकारी देने का जिम्मा फार्मासिस्ट का होता है। उन्होंने कहा, "फार्मासिस्ट केवल दवा विक्रेता नहीं हैं, बल्कि वे मरीजों को खुराक, संभावित दुष्प्रभावों और दवाओं के आपसी असर (Interactions) के बारे में परामर्श देकर उनकी जान बचाते हैं।" ब्रजेश पाठक ने जोर देकर कहा कि स्वास्थ्य विभाग के सभी अंगों के उत्तरदायित्व अलग-अलग हो सकते हैं, लेकिन सबका अंतिम लक्ष्य एक ही है। प्रदेश के अंतिम व्यक्ति तक उच्च गुणवत्तापूर्ण और सुरक्षित इलाज पहुँचाना।
अधिवेशन को संबोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री ने पुरानी सरकारों पर तंज कसा और वर्तमान सरकार की उपलब्धियां गिनाईं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था की स्थिति क्या थी, यह किसी से छिपा नहीं है। पिछले कुछ वर्षों में कड़ी मेहनत के दम पर स्वास्थ्य ढांचे को सुधारा गया है। हालांकि, उन्होंने सचेत भी किया कि "मंजिल अभी दूर है" और प्रत्येक नागरिक तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए अभी और प्रयास करने होंगे।
फार्मासिस्टों की समस्याओं और उनकी सेवा शर्तों को लेकर उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने गहरी संवेदनशीलता दिखाई। उन्होंने एसोसिएशन को आश्वस्त करते हुए कहा कि उनके लिए उनके घर और कार्यालय के दरवाजे हमेशा खुले हैं। अधिवेशन के दौरान जब एसोसिएशन ने अपना मांग पत्र सौंपा, तो उस पर तत्काल प्रतिक्रिया देते हुए पाठक ने मौके पर ही मौजूद महानिदेशक (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य) को निर्देश दिए कि इन मांगों का विधिवत प्रस्ताव अविलंब तैयार किया जाए। उपमुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार एसोसिएशन की सभी जायज मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करेगी और उन्होंने अधिकारियों को फाइलों की प्रक्रिया तेज कर शासन को भेजने की हिदायत दी, ताकि फार्मासिस्टों के हित में जल्द निर्णय लिया जा सके।
इस गरिमामयी प्रांतीय अधिवेशन में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य जगत की कई बड़ी हस्तियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। कार्यक्रम में मुख्य रूप से महानिदेशक (चिकित्सा) डॉ. पवन कुमार अरुण, महानिदेशक (प्रशिक्षण) डॉ. रंजना खरे, डीपीआरए के प्रदेश अध्यक्ष जे.के. सचान और राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के महामंत्री आर.के. निगम शामिल हुए। इनके साथ ही जेडी (पैरामेडिकल) डॉ. सुनील वर्मा, राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष आर.के. वर्मा, संप्रेक्षक नागेंद्र भूषण पांडेय और निदेशक (पैरामेडिकल) डॉ. संजू अग्रवाल सहित परिषद के कई वरिष्ठ पदाधिकारी और प्रदेश भर से आए भारी संख्या में फार्मासिस्ट मौजूद रहे। कार्यक्रम के समापन पर उपमुख्यमंत्री ने नवनिर्वाचित कार्यकारिणी को उज्ज्वल भविष्य की बधाई दी और स्वास्थ्य विभाग को देश में नंबर वन बनाने का संकल्प दोहराया।
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