देश के शीर्ष इनोवेशन और एंटरप्राइज हब के रूप में उभर रहा महाराष्ट्र, मजबूत स्टार्टअप इकोसिस्टम ने दिलायी पहचान

खबर सार :-
महाराष्ट्र देश के शीर्ष इनोवेशन और एंटरप्राइज हब के तौर पर उभर रहा है। मजबूत स्टार्टअप, औद्योगिक इन्फ्रास्ट्रक्चर, टेक्नोलॉजी में बढ़ते निवेश और इंटरप्रेन्योरशिप से यह पहचान मिली है। महाराष्ट्र राज्य देश की जीडीपी में 14 प्रतिशत और औद्योगिक उत्पादन में 25 प्रतिशत का योगदान देता है। राज्य के मुंबई, पुणे और नागपुर जैसे शहर फिनटेक, डीप-टेक, मैन्युफैक्चरिंग, इंजीनियरिंग रिसर्च और स्टार्टअप इनक्यूबेशन में विकास को गति दे रहे हैं।
देश के शीर्ष इनोवेशन और एंटरप्राइज हब के रूप में उभर रहा महाराष्ट्र, मजबूत स्टार्टअप इकोसिस्टम ने दिलायी पहचान
खबर विस्तार : -

मुंबई : महाराष्ट्र देश के शीर्ष इनोवेशन और एंटरप्राइज हब के रूप में उभर रहा है और इसे 1.5 लाख से अधिक उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) द्वारा मान्यता प्राप्त स्टार्टअप, मजबूत औद्योगिक इन्फ्रास्ट्रक्चर और टेक्नोलॉजी में बढ़ते निवेश और इंटरप्रेन्योरशिप का समर्थन प्राप्त है। यह बयान एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने दिया।  

भारत की जीडीपी में 14 प्रतिशत का योगदान देता है महाराष्ट्र 

महाराष्ट्र सरकार में उद्योग विभाग के प्रधान सचिव, डॉ.पी.अनबलगन (आईएएस) ने सीआईआई-एचबीएनआई रिसर्च स्कॉलर समिट में कहा कि राज्य भारत की जीडीपी में 14 प्रतिशत और औद्योगिक उत्पादन में करीब 25 प्रतिशत का योगदान देता है। वहीं मुंबई, पुणे और नागपुर जैसे शहर फिनटेक, डीप-टेक, मैन्युफैक्चरिंग, इंजीनियरिंग रिसर्च और स्टार्टअप इनक्यूबेशन में विकास को गति दे रहे हैं। अनबलगन ने आगे कहा कि राज्य का इनोवेशन इकोसिस्टम रिसर्च आधारित इंटरप्रेन्योरशिप, रोजगार सृजन और वैश्विक प्रतिस्पर्धा को गति दे रहा है।

इनोवेशन आधारित विकास को मजबूत करने पर विचार

हाल ही में आयोजित सीआईआई-एचबीएनआई शिखर सम्मेलन में उद्योग, सरकार, शिक्षा जगत, स्टार्टअप और अनुसंधान संस्थानों के नेताओं ने अकादमिक-उद्योग सहयोग को और गहरा करके इनोवेशन-आधारित विकास को मजबूत करने पर विचार-विमर्श किया। चर्चाओं में रिसर्च के व्यावसायीकरण, स्टार्टअप विकास, कौशल सृजन और रोजगार एवं उद्यम विकास को गति देने में इनोवेशन इकोसिस्टम की भूमिका पर ध्यान केंद्रित किया गया।

कुशल रोजगार सृजन, प्रौद्योगिकी आधारित आर्थिक विकास को गति 

सीआईआई-एचबीएनआई समिट के सत्रों में इस बात पर प्रकाश डाला गया कि शोधार्थियों के लिए मार्गदर्शन, इनक्यूबेशन सहायता, वित्तपोषण तक पहुंच और उद्योग से जुड़ाव उद्यम निर्माण, कुशल रोजगार सृजन और प्रौद्योगिकी-आधारित आर्थिक विकास को गति दे सकते हैं।

स्टार्टअप-उद्योग के बीच मजबूत साझेदारी की आवश्यकता पर बल 

साथ ही, भविष्य के लिए तैयार प्रतिभाओं और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी उद्यमों के निर्माण के लिए शैक्षणिक संस्थानों, स्टार्टअप और उद्योग के बीच मजबूत साझेदारी की आवश्यकता पर भी बल दिया गया। समिट ने उद्योग जगत के नेताओं को उभरती अनुसंधान प्रतिभाओं से जुड़ने, विस्तार योग्य प्रौद्योगिकियों की पहचान करने और वाणिज्यिक एवं औद्योगिक क्षमता वाले इनोवेशन-आधारित सहयोगों की संभावनाओं का पता लगाने के लिए एक मंच भी प्रदान किया।

समिट के उद्घाटन सत्र में कई नामचीन हस्तियों ने लिया भाग

सीआईआई-एचबीएनआई समिट के उद्घाटन सत्र में होमी भाभा नेशनल इंस्टीट्यूट (एचबीएनआई) के कुलपति प्रोफेसर यू. कामाची मुदाली, सीआईआई महाराष्ट्र राज्य की उपाध्यक्ष आरती कुचिभटला, सीआईआई डब्ल्यूआर एजुकेशन टास्कफोर्स के अध्यक्ष और विश्वकर्मा विश्वविद्यालय के अध्यक्ष भरत अग्रवाल, सीआईआई के क्षेत्रीय निदेशक डॉ. अल्पा अंतानी और भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र के बीम प्रौद्योगिकी विकास समूह के निदेशक और अटल इनक्यूबेशन सेंटर के अध्यक्ष मार्टिन मैस्करेनहास ने भाग लिया।
 

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