US-Israel-Iran Conflict: अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच 40 दिनों से चल रहा युद्ध (US-Israel Iran War) आखिरकार रुक गया है। अमिरेकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने दो हफ़्ते (14) के सीजफ़ायर (युद्धविराम) की घोषणा कर दी है। ईरान भी कई शर्तों के साथ इस युद्धविराम पर सहमत हो गया है। उधर सीज़फ़ायर समझौते के बावजूद, भारत टूतावास ने बुधवार को ईरान में मौजूद अपने नागरिकों को सलाह दी कि वे जितनी जल्दी हो सके देश छोड़ दें। भारत ने यह भी सुझाव दिया कि उसके नागरिक ईरान में स्थित भारतीय दूतावास द्वारा सुझाए गए रास्तों का इस्तेमाल करें।
तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने बुधवार को एक एडवाइजरी में कहा, 7 अप्रैल की एडवाइजरी के क्रम में और हाल के घटनाक्रमों को देखते हुए ईरान में मौजूद भारतीय नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे दूतावास के साथ तालमेल बिठाकर और दूतावास की ओर से सुझाए गए रास्तों का इस्तेमाल करके जितनी जल्द हो सके ईरान छोड़ दें। दूतावास ने इंटरनेशनल बॉर्डर को लेकर भी चेतावनी जारी की है। एडवाइजरी में कहा गया, 'यह भी दोहराया जा रहा है कि दूतावास से बात किए या समन्वय के बगैर किसी भी अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास न जाएं।'
एक अन्य पोस्ट में, भारत के विदेश मंत्रालय ने अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर (US-Israel-Iran Conflict) का स्वागत किया। भारत उम्मीद जताई कि इससे पश्चिम एशिया में स्थायी शांति स्थापित होगी। जैसा कि हमने पहले भी लगातार जोर दिया है, मौजूदा संघर्ष को जल्द से जल्द समाप्त करने के लिए तनाव कम करना, बातचीत और कूटनीति बेहद जरूरी हैं। इस संघर्ष ने लोगों को पहले ही भारी कष्ट पहुंचाया है और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति व व्यापार नेटवर्क को बाधित किया है। हमें उम्मीद है कि होर्मुज स्ट्रेट के रास्ते आवागमन की अबाध स्वतंत्रता और वैश्विक व्यापार का प्रवाह जारी रहेगा।" भारत का यह फैसला अमेरिका-ईरान के बीच संघर्ष-विराम समझौते पर सहमति बनने के महज़ कुछ घंटों बाद सामने आए।
गौरतलब है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संघर्ष-विराम समझौते के तहत ईरान के खिलाफ हमलों को दो हफ्ते यानी 14 दिनों के लिए सशर्त रोकने की घोषणा की। उन्होंने इस कदम को रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' को फिर से खोलने के प्रयासों से जोड़ा। ईरान ने इस प्रस्ताव को अस्थायी रूप से स्वीकार करने का संकेत दिया। ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने कहा कि अगर ईरान पर हमले बंद हो जाते हैं, तो तेहरान भी अपनी सैन्य कार्रवाई रोक देगा।
सीजफायर के बाद अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि- विश्व शांति के लिए एक बड़ा दिन है, ईरान शांति चाहता है, वे अब और बर्दाश्त नहीं कर सकते और यही बात हर कोई चाहता है। संयुक्त राज्य अमेरिका होर्मुज जलडमरूमध्य में यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाने में मदद करेगा। सकारात्मक कदम उठाए जाएंगे, खूब पैसा कमाया जाएगा। ईरान पुनर्निर्माण प्रक्रिया शुरू कर सकता है। हम हर तरह की सामग्री लेकर जाएंगे और यह सुनिश्चित करने के लिए वहीं मौजूद रहेंगे कि सब कुछ ठीक से चले। मुझे पूरा विश्वास है कि ऐसा ही होगा. ठीक वैसे ही जैसे हम अमेरिका में देख रहे हैं, यह मध्य पूर्व का स्वर्ण युग हो सकता है।
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