SIR Third phase voter list verification 2026: भारत निर्वाचन आयोग ने देशभर में मतदाता सूचियों को अधिक पारदर्शी, सटीक और त्रुटिरहित बनाने के उद्देश्य से विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के तीसरे चरण की घोषणा कर दी है। गुरुवार को जारी इस बड़े फैसले के तहत 16 राज्यों और तीन केंद्रशासित प्रदेशों में चरणबद्ध तरीके से मतदाता सूची सत्यापन प्रक्रिया शुरू की जाएगी। आयोग का कहना है कि इस अभियान का मकसद केवल पात्र मतदाताओं को सूची में बनाए रखना और अपात्र नामों को हटाना है, ताकि चुनावी प्रक्रिया और अधिक विश्वसनीय बन सके।
निर्वाचन आयोग के अनुसार, यह देश के सबसे बड़े मतदाता सत्यापन अभियानों में से एक होगा। इसके तहत लगभग 3.94 लाख बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) घर-घर जाकर करीब 36.73 करोड़ मतदाताओं का सत्यापन करेंगे। इस प्रक्रिया में विभिन्न राजनीतिक दलों द्वारा नियुक्त लगभग 3.42 लाख बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) भी सहयोग करेंगे। आयोग ने स्पष्ट किया कि यह पूरी प्रक्रिया “सहभागी और पारदर्शी” तरीके से संचालित की जाएगी, जिसमें मतदाता, राजनीतिक दल और चुनाव अधिकारी सभी की सक्रिय भूमिका रहेगी। अधिकारियों का कहना है कि मतदाता सूची को त्रुटि-मुक्त बनाने के लिए डुप्लीकेट, मृत, स्थानांतरित और अयोग्य मतदाताओं की पहचान की जाएगी।
हालांकि तीसरे चरण के साथ एसआईआर लगभग पूरे देश में लागू हो जाएगा, लेकिन हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को फिलहाल इससे बाहर रखा गया है। निर्वाचन आयोग ने बताया कि इन क्षेत्रों में कार्यक्रम बाद में घोषित किया जाएगा। आयोग के मुताबिक, जनगणना के दूसरे चरण के पूरा होने और ऊंचाई वाले बर्फीले इलाकों में मौसम संबंधी कठिनाइयों को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है। इन क्षेत्रों में फिलहाल फील्ड मशीनरी की उपलब्धता और भौगोलिक चुनौतियां मुख्य कारण मानी जा रही हैं।

निर्वाचन आयोग ने बताया कि एसआईआर के तीसरे चरण का कार्यक्रम मौजूदा जनगणना प्रक्रिया के साथ तालमेल बैठाकर तैयार किया गया है। फिलहाल देशभर में मकानों की सूचीकरण प्रक्रिया जारी है और कई जगहों पर वही फील्ड स्टाफ कार्यरत है। ऐसे में संसाधनों और कर्मचारियों की उपलब्धता को ध्यान में रखते हुए यह चरणबद्ध कार्यक्रम बनाया गया है।
निर्वाचन आयोग ने सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों से अपील की है कि वे प्रत्येक मतदान केंद्र पर बूथ लेवल एजेंट नियुक्त करें। आयोग का मानना है कि राजनीतिक दलों की सक्रिय भागीदारी से पारदर्शिता बढ़ेगी और किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की संभावना कम होगी। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा कि सभी मतदाताओं को पूरे उत्साह के साथ इस प्रक्रिया में हिस्सा लेना चाहिए और अपने गणना फॉर्म समय पर भरने चाहिए। उन्होंने कहा कि एसआईआर का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मतदाता सूची में केवल योग्य नागरिकों के नाम ही शामिल रहें।
निर्वाचन आयोग के अनुसार, पहले और दूसरे चरण के दौरान 13 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में लगभग 59 करोड़ मतदाताओं को इस प्रक्रिया में शामिल किया गया था। इन चरणों में 6.3 लाख से अधिक बूथ लेवल अधिकारियों और करीब 9.2 लाख बूथ लेवल एजेंटों की तैनाती की गई थी। आयोग का कहना है कि अब तीसरे चरण के बाद यह प्रक्रिया पूरे देश में प्रभावी रूप से लागू हो जाएगी और आने वाले चुनावों से पहले मतदाता सूचियों को अधिक विश्वसनीय बनाया जा सकेगा।
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