MSCI Rebalancing से भारतीय बाजार में 30 हजार करोड़ रुपये की एंट्री संभव, इन शेयरों पर रहेगी निवेशकों की नजर

खबर सार :-
MSCI इंडिया स्टैंडर्ड इंडेक्स में संभावित बदलाव भारतीय शेयर बाजार के लिए बड़ा अवसर साबित हो सकता है। रिपोर्ट के अनुसार, इससे 30 हजार करोड़ रुपये से अधिक का विदेशी निवेश आने की संभावना है। लॉरस लैब्स, बायोकॉन, अपार इंडस्ट्रीज और ऊनो मिंडा जैसे शेयर निवेशकों के रडार पर रहेंगे। अगस्त में होने वाली समीक्षा बाजार की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
MSCI Rebalancing से भारतीय बाजार में 30 हजार करोड़ रुपये की एंट्री संभव, इन शेयरों पर रहेगी निवेशकों की नजर
खबर विस्तार : -

MSCI rebalancing: भारतीय शेयर बाजार के लिए अगस्त महीना बड़ी खुशखबरी लेकर आ सकता है। वैश्विक इंडेक्स प्रदाता MSCI (मॉर्गन स्टेनली कैपिटल इंटरनेशनल) द्वारा MSCI इंडिया स्टैंडर्ड इंडेक्स में संभावित बदलाव से भारतीय इक्विटी बाजार में करीब 30,214 करोड़ रुपये का निवेश आ सकता है। जेएम फाइनेंशियल की ताजा रिपोर्ट में यह अनुमान जताया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, MSCI की आगामी समीक्षा में कुछ भारतीय कंपनियों को इंडेक्स में शामिल किया जा सकता है, जिससे विदेशी निवेशकों और पैसिव फंड्स की ओर से बड़े पैमाने पर पूंजी प्रवाह देखने को मिल सकता है। यह बदलाव 31 अगस्त से प्रभावी होने की संभावना है।

Laurus Labs और Biocon सबसे मजबूत दावेदार

जेएम फाइनेंशियल का मानना है कि फार्मा क्षेत्र की कंपनियां लॉरस लैब्स और बायोकॉन MSCI इंडिया स्मॉल कैप इंडेक्स से MSCI इंडिया स्टैंडर्ड इंडेक्स में शामिल होने की सबसे प्रबल दावेदार हैं। यदि ऐसा होता है तो इन दोनों कंपनियों में विदेशी निवेश का बड़ा प्रवाह देखने को मिल सकता है। अनुमान के मुताबिक, लॉरस लैब्स में लगभग 4,683 करोड़ रुपये और बायोकॉन में करीब 2,785 करोड़ रुपये का संभावित निवेश आ सकता है। इंडेक्स में शामिल होने के बाद इन शेयरों की बाजार में मांग बढ़ सकती है क्योंकि कई वैश्विक फंड MSCI बेंचमार्क का अनुसरण करते हैं।

अपार इंडस्ट्रीज और Uno Minda​​​​​​​ पर भी नजर

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि अपार इंडस्ट्रीज और ऊनो मिंडा के MSCI इंडिया स्टैंडर्ड इंडेक्स में अपग्रेड होने की संभावना मध्यम स्तर की है। यदि इन्हें भी इंडेक्स में जगह मिलती है तो अपार इंडस्ट्रीज में लगभग 2,464 करोड़ रुपये और ऊनो मिंडा में करीब 1,936 करोड़ रुपये का निवेश आ सकता है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि इंडेक्स में शामिल होने वाली कंपनियों के शेयरों में समीक्षा से पहले और बाद में तेज हलचल देखने को मिल सकती है।

क्यों महत्वपूर्ण है MSCI इंडेक्स रिव्यू?

MSCI इंडेक्स दुनिया भर के बड़े संस्थागत निवेशकों और एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स (ETF) के लिए महत्वपूर्ण बेंचमार्क माना जाता है। जब किसी कंपनी को इंडेक्स में शामिल किया जाता है या उसका वेटेज बढ़ता है, तो उससे जुड़े फंडों को उस शेयर में निवेश करना पड़ता है। यही वजह है कि MSCI की प्रत्येक समीक्षा पर निवेशकों और ट्रेडर्स की खास नजर रहती है। मई 2025 की समीक्षा के दौरान भी बाजार में अंतिम ट्रेडिंग घंटों में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला था। विशेषज्ञों का कहना है कि अगस्त समीक्षा के दौरान भी ऐसी गतिविधियां बढ़ सकती हैं।

विदेशी निवेशकों की वापसी से बढ़ सकता है फायदा

वर्ष 2025 में विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने भारतीय बाजार से करीब 18 अरब डॉलर की निकासी की थी, जिससे कई वैश्विक पोर्टफोलियो में भारत का वेटेज कम हो गया। हालांकि अब उभरते बाजारों के प्रति सकारात्मक धारणा बनने पर भारत में दोबारा निवेश बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। MSCI इमर्जिंग मार्केट्स इंडेक्स में चीन, भारत, दक्षिण कोरिया और ताइवान का संयुक्त वर्चस्व है। कुल इंडेक्स का लगभग 75 प्रतिशत हिस्सा इन्हीं चार प्रमुख बाजारों में केंद्रित है। ऐसे में भारत का प्रदर्शन वैश्विक निवेशकों के लिए लगातार आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।

उभरते बाजारों में भारत की मजबूत स्थिति

MSCI की हालिया बाजार वर्गीकरण रिपोर्ट के अनुसार भारत को चीन, ताइवान, दक्षिण कोरिया और मैक्सिको के साथ उभरते बाजारों की श्रेणी में रखा गया है। वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बावजूद भारत की विकास दर और कॉर्पोरेट आय की संभावनाएं इसे निवेशकों के लिए आकर्षक बनाती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि MSCI में अपेक्षित बदलाव होते हैं तो इससे भारतीय बाजार को नई ऊर्जा मिलेगी और चुनिंदा शेयरों में मजबूत खरीदारी देखने को मिल सकती है।

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