Maruti Suzuki Gender diversity: भारतीय ऑटोमोबाइल उद्योग में लैंगिक समानता की दिशा में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। देश की अग्रणी वाहन निर्माता Maruti Suzuki India Limited ने महिला कर्मचारियों की भागीदारी बढ़ाकर एक नई मिसाल पेश की है। कंपनी ने बुधवार को घोषणा की कि उसके कार्यबल में महिलाओं की संख्या अब 1,300 से अधिक हो गई है। यह उपलब्धि सिर्फ आंकड़ा नहीं बल्कि कार्यस्थल पर समावेशिता और बदलाव की मजबूत तस्वीर है।
पिछले दो वर्षों में कंपनी ने अपने गुरुग्राम और मानेसर प्लांट्स में महिलाओं की भर्ती को तेजी से बढ़ाया है। Gurugram और Manesar स्थित उत्पादन इकाइयों में अब महिलाएं सीधे वाहन निर्माण की महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं से जुड़ रही हैं। महिलाएं अब केवल प्रशासनिक या कॉरपोरेट भूमिकाओं तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे शॉपफ्लोर पर असेंबली लाइन, इंजन मैन्युफैक्चरिंग, ट्रांसमिशन और क्वालिटी कंट्रोल जैसे तकनीकी कार्यों में भी सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। यह बदलाव दिखाता है कि तकनीकी क्षेत्रों में भी महिला प्रतिभा लगातार अपनी जगह मजबूत कर रही है।

कंपनी का कहना है कि सभी कर्मचारियों को समान प्रशिक्षण और स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम दिए जा रहे हैं। महिलाओं को पुरुष कर्मचारियों के बराबर अवसर मिल रहे हैं ताकि वे अपने करियर में आगे बढ़ सकें। यह रणनीति न केवल उत्पादन क्षमता बढ़ा रही है, बल्कि कार्यस्थल पर विश्वास और सहयोग का माहौल भी तैयार कर रही है।
कंपनी के प्रबंध निदेशक और सीईओ Hisashi Takeuchi ने कहा कि कंपनी के विभिन्न विभागों जैसे इंजीनियरिंग, मार्केटिंग, सेल्स, फाइनेंस, लीगल और सप्लाई चेन में पहले से ही महिलाओं की अच्छी भागीदारी रही है। उन्होंने यह भी कहा कि असली बदलाव तब दिखाई देता है जब महिलाएं सीधे शॉपफ्लोर पर वाहन निर्माण की प्रक्रिया में योगदान देती हैं। उनके अनुसार, कंपनी का लक्ष्य है कि आने वाले समय में उत्पादन क्षेत्र में महिलाओं की संख्या और बढ़ाई जाए।

महिला कर्मचारियों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कंपनी ने कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। आंतरिक सर्वे के आधार पर इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार किया गया है। इन सुधारों में लग रेस्ट रूम और चेंजिंग एरिया, क्रेच सुविधा, शाम की शिफ्ट में सुरक्षा गार्ड और पेट्रोलिंग, सुरक्षित परिवहन व्यवस्था शामिल हैं। इसके अलावा, कर्मचारियों के लिए सेंसिटाइजेशन प्रोग्राम चलाए जा रहे हैं, ताकि कार्यस्थल पर सम्मान और सहयोग का माहौल बना रहे।
कंपनी ने यह सुनिश्चित किया है कि सभी कर्मचारी यौन उत्पीड़न रोकथाम (POSH) ट्रेनिंग में शत-प्रतिशत भाग लें। इससे कार्यस्थल पर सुरक्षा, सम्मान और जागरूकता को बढ़ावा मिला है। यह पहल एक सुरक्षित और जिम्मेदार कॉरपोरेट संस्कृति की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
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