N. Chandrasekaran Statement: नई दिल्ली में आयोजित एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम के दौरान N. Chandrasekaran ने स्पष्ट कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को खतरे के रूप में नहीं, बल्कि एक बड़े अवसर के रूप में देखा जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि वैश्विक टेक्नोलॉजी सर्विस इंडस्ट्री तेजी से बदल रही है और इसमें एआई की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण बनती जा रही है। उनके अनुसार, जो कंपनियां समय के साथ एआई को अपनाएंगी, वही भविष्य में प्रतिस्पर्धा में आगे रहेंगी। इस दौरान उन्होंने यह भी जोर दिया कि टेक्नोलॉजी का यह बदलाव केवल सॉफ्टवेयर तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह वास्तविक दुनिया की प्रक्रियाओं को भी प्रभावित करेगा।
Tata Consultancy Services के चेयरमैन ने बताया कि कंपनी की एआई से होने वाली आय पिछले चार तिमाहियों से लगातार बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि चक्रवृद्धि तिमाही वृद्धि दर (CQGR) में 22 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जो यह दर्शाती है कि एआई आधारित सेवाओं की मांग लगातार मजबूत हो रही है। पिछली तिमाही में एआई से कंपनी की सालाना आय लगभग 2.5 अरब डॉलर तक पहुंच गई है, जो आईटी सेक्टर में एक बड़ा आंकड़ा माना जा रहा है। यह वृद्धि दर्शाती है कि कंपनियां अब पारंपरिक आईटी सेवाओं से आगे बढ़कर एआई-सक्षम समाधान की ओर तेजी से बढ़ रही हैं।
चंद्रशेखरन ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि आने वाले तीन वर्षों में कंपनी में एआई एजेंट्स की संख्या कर्मचारियों के बराबर हो सकती है। इसका अर्थ यह है कि काम करने का तरीका पूरी तरह बदल जाएगा और मानव व मशीन सहयोग नए स्तर पर पहुंचेगा। उन्होंने बताया कि एआई केवल सहायक तकनीक नहीं रहेगा, बल्कि कई कार्यों में निर्णय लेने और संचालन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। यह बदलाव न केवल टीसीएस बल्कि पूरी वैश्विक आईटी सेवा प्रणाली को प्रभावित करेगा। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि भविष्य में कंपनियों को ऐसे विशेषज्ञों की आवश्यकता होगी जो एआई, आईटी और भौतिक इंफ्रास्ट्रक्चर को जोड़कर काम कर सकें।
चंद्रशेखरन ने कहा कि एआई अपनाने के कारण लगभग तीन-चौथाई कंपनियों का मानना है कि अगले दो वर्षों में टेक्नोलॉजी पर खर्च बढ़ सकता है। यह संकेत देता है कि वैश्विक स्तर पर एआई इंफ्रास्ट्रक्चर और सेवाओं में भारी निवेश देखने को मिल सकता है। निवेशकों की कुछ चिंताओं और आईटी सेक्टर पर दबाव के बावजूद, कंपनी के फंडामेंटल मजबूत बने हुए हैं। इनमें स्थिर मार्जिन, बढ़ती रेवेन्यू और मजबूत डील पाइपलाइन शामिल हैं, जो भविष्य के लिए सकारात्मक संकेत देते हैं।

चंद्रशेखरन ने समझाया कि अभी एआई मुख्य रूप से सॉफ्टवेयर और डिजिटल सिस्टम तक सीमित है, लेकिन आने वाले समय में यह भौतिक दुनिया में भी गहराई से प्रवेश करेगा। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि स्टोर, फैक्ट्री, वेयरहाउस, ऊर्जा नेटवर्क, वाहन और सप्लाई चेन जैसे क्षेत्रों में एआई की भूमिका बढ़ेगी। इसका मतलब है कि एआई केवल डेटा प्रोसेसिंग तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि वास्तविक संचालन और निर्णय प्रणाली का हिस्सा बनेगा।
आईटी सेक्टर में एआई के कारण नौकरियों पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर उठ रही चिंताओं पर उन्होंने कहा कि यह सवाल स्वाभाविक है कि अगर एआई अधिकांश काम कर सकता है तो मानव श्रमिकों की भूमिका क्या होगी। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि यह डर काफी हद तक गलत समझ पर आधारित है। उनके अनुसार, एआई मौजूदा नौकरियों को खत्म करने के बजाय उन्हें अधिक कुशल और मूल्यवान बनाएगा।
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