देश की पसंद बना यूपी का सोलर मॉडल, युवाओं के लिए खोल रहा रोजगार के नए द्वार
खबर सार :-
यूपी ने सौर ऊर्जा के क्षेत्र में रिकॉर्ड कायम किया है। सीएम योगी के नेतृत्व में पीएम सूर्य घर योजना के तहत रूफटॉप सौर ऊर्जा जन आंदोलन बन गया है। यूपी का सोलर मॉडल देश की पहली पसंद बन गया है। बिहार और असम जैसे राज्य इसके विशेषज्ञों से ट्रेनिंग ले रहे हैं। पर्यावरण के मोर्चे पर यह एक बड़ी जीत है। स्वच्छ ऊर्जा हर वर्ष 16.5 लाख मीट्रिक टन कार्बन डाइआक्साइड उत्सर्जन को कम कर रही है।
खबर विस्तार : -
लखनऊ : उत्तर प्रदेश ने सौर ऊर्जा के क्षेत्र में एक शानदार रिकॉर्ड बनाया है, जिसका असर अब अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर भी महसूस किया जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में, प्रधानमंत्री की पीएम सूर्य घर योजना के तहत रूफटॉप सौर ऊर्जा एक जन आंदोलन बन गया है। उत्तर प्रदेश का यह सोलर मॉडल इतना प्रभावी हो गया है कि बिहार और असम जैसे राज्य इसके विशेषज्ञों से ट्रेनिंग ले रहे हैं।
गांवों से लेकर शहरों तक, छतों पर लगे सोलर पैनल न सिर्फ बिजली बना रहे हैं, बल्कि एक नई हरित अर्थव्यवस्था की नींव भी रख रहे हैं। दिसंबर 2025 में, उत्तर प्रदेश ने खराब मौसम और कड़ाके की ठंड के बावजूद, एक ही दिन में 1,868 रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाकर एक विश्व रिकॉर्ड बनाया। इस उपलब्धि के साथ, यूपी एक महीने में 31,165 प्लांट लगाकर देश में दूसरे स्थान पर पहुंच गया।
ऊर्जा आत्मनिर्भरता की ओर तेज़ी से बढ़ रहा है यूपी
मौजूदा आंकड़ों के अनुसार, राज्य को अब तक 10,43,102 आवेदन मिले हैं, जिनमें से 3,34,084 घरों में सोलर प्लांट लगाए जा चुके हैं। कुल 1,148.56 मेगावाट की क्षमता के साथ, यूपी अब तेज़ी से ऊर्जा आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहा है। सौर क्षेत्र के विस्तार से रोज़गार के नए अवसर खुले हैं। अब तक इस क्षेत्र में तकनीशियन, इलेक्ट्रीशियन और वेंडर सहित 1.25 लाख से ज़्यादा प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष नौकरियां पैदा हुई हैं।
यह पर्यावरण के मोर्चे पर भी एक बड़ी जीत है। स्वच्छ ऊर्जा हर साल 16.5 लाख मीट्रिक टन कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन को कम कर रही है, जो लाखों पेड़ लगाने के बराबर है। भविष्य में, तकनीकी नवाचार के माध्यम से सोलर कॉइन और सोलर रुपये जैसी अवधारणाओं को लागू करने की भी योजना है।
आर्थिक बचत और भारी सब्सिडी
सरकार ने उपभोक्ताओं को वित्तीय राहत देने के लिए एक पारदर्शी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) सिस्टम का इस्तेमाल किया है। अब तक केंद्र सरकार ने 2,285.46 करोड़ और राज्य सरकार ने अतिरिक्त 600 करोड़ की सब्सिडी सीधे लाभार्थियों के खातों में दी है। विशेषज्ञों के अनुसार, ये सोलर पैनल सालाना 188 करोड़ यूनिट स्वच्छ बिजली पैदा कर रहे हैं, जिससे उपभोक्ताओं को सामूहिक रूप से सालाना 1,225.63 करोड़ की बचत हो रही है। एक आम परिवार (3 kW सिस्टम के साथ) सालाना 27,000 से 30,000 तक की बचत कर रहा है।
अन्य प्रमुख खबरें
-
सीपरी बाजार अपहरण-हत्या मामले में तेज हुई सुनवाई, घटनास्थल पर डीजीसी क्राइम ने समझा क्राइम सीन
2026-10-12
-
झांसी मीडिया क्लब में सदस्यता और चुनाव की तारीखों का ऐलान
2026-10-12
-
कम उम्र में बढ़ रहा गठिया का खतरा, अलग विभाग से मिलेगी राहत
2026-10-12
-
झांसी: नवदुर्गा उत्सव और डांडिया कार्यक्रमों की सुरक्षा पर VHP-बजरंग दल की मांग
2026-10-11
-
झांसी में बाबा बनकर रह रहा हरदोई का हिस्ट्रीशीटर गिरफ्तार
2026-10-11
-
देवीपाटन मंदिर पहुंचे CM योगी, मां पाटेश्वरी की पूजा-अर्चना और गौसेवा
2026-10-11
-
नवरात्रि से पहले UPFSDA की बड़ी कार्रवाई, 20,924 किलो खाद्य पदार्थ जब्त
2026-10-10
-
हिमाचल में 13-14 अक्टूबर को आंधी-तूफान का ‘येलो अलर्ट’
2026-10-10
-
इंदौर में दो लोगों से कथित मारपीट का मामला, छह पुलिसकर्मी निलंबित
2026-10-10
-
मुलायम सिंह यादव की पुण्यतिथि पर CM योगी समेत नेताओं ने दी श्रद्धांजलि
2026-10-10
-
अमावस्या पर नर्मदा-शिप्रा घाटों पर उमड़ी भीड़, शनि मंदिर में लगीं कतारें
2026-10-10
-
जम्मू-कश्मीर के डोडा में फैल रहा लम्पी वायरस, पशुपालकों में बढ़ी चिंता
2026-10-09
-
राष्ट्रीय डाक सप्ताह की तैयारी, आधार सेवाओं पर विशेष अभियान
2026-10-09
-
हिमाचल में 110 कठिन मार्गों पर ड्रोन से पहुंचेगी डाक, 36 पर सेवा शुरू
2026-10-09
-
UP : 455 लेखपाल बने राजस्व निरीक्षक, जल्द जारी होंगे तैनाती के आदेश
2026-10-09