नवदुर्गा उत्सव और डांडिया कार्यक्रमों में सुरक्षा बढ़ाने की मांग, VHP-बजरंग दल ने उठाया प्रवेश व्यवस्था का मुद्दा

खबर सार :-

झांसी में विहिप और बजरंग दल ने नवदुर्गा उत्सव, दुर्गा पंडालों और डांडिया कार्यक्रमों में सुरक्षा, प्रवेश व्यवस्था और महिलाओं की सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम की मांग की।
झांसी: नवदुर्गा उत्सव और डांडिया कार्यक्रमों की सुरक्षा पर VHP-बजरंग दल की मांग

खबर विस्तार : -

झांसी: आगामी नवदुर्गा उत्सव, दुर्गा पंडालों, डांडिया कार्यक्रमों और मेलों को लेकर विश्व हिंदू परिषद (विहिप) एवं बजरंग दल ने सुरक्षा व्यवस्था और प्रवेश नियंत्रण को लेकर अपनी मांगें रखी हैं। संघर्ष सेवा समिति कार्यालय में आयोजित संयुक्त प्रेस वार्ता में संगठन के पदाधिकारियों ने धार्मिक आयोजनों की मर्यादा बनाए रखने, महिलाओं एवं युवतियों की सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम करने और मेलों में दुकानों के आवंटन के दौरान धार्मिक परंपराओं का ध्यान रखने की अपील की। पदाधिकारियों ने आयोजन समितियों और प्रशासन से आपसी समन्वय के साथ व्यवस्था सुनिश्चित करने का आग्रह किया।

धार्मिक आयोजनों की मर्यादा बनाए रखने पर जोर

विश्व हिंदू परिषद के विभाग संगठन मंत्री सोमेंद्र यदुवंशी ने कहा कि नवदुर्गा उत्सव सहित हिंदू समाज के धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन आस्था, परंपरा और सांस्कृतिक पहचान के प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि इन आयोजनों की गरिमा और मर्यादा बनाए रखना आयोजन समितियों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। यदुवंशी ने आरोप लगाया कि कुछ लोग योजनाबद्ध तरीके से धार्मिक कार्यक्रमों में प्रवेश कर व्यवधान उत्पन्न करने का प्रयास करते हैं। उन्होंने आयोजकों से प्रवेश व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल प्रशासन को देने की अपील की। उन्होंने प्रशासन से मंदिर परिसरों, दुर्गा पंडालों, डांडिया कार्यक्रमों और मेला स्थलों पर पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने का भी अनुरोध किया। उनके मुताबिक, संगठन के कार्यकर्ता पिछले वर्षों की तरह इस बार भी विभिन्न धार्मिक आयोजनों में पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लेंगे। किसी भी आपत्तिजनक गतिविधि की जानकारी मिलने पर संगठन विरोध दर्ज कराएगा और नियमानुसार कार्रवाई की मांग करेगा।

महिलाओं और युवतियों की सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम की मांग

प्रेस वार्ता में दुर्गा वाहिनी की विभाग संयोजिका संगीता जोशी ने महिलाओं एवं युवतियों की सुरक्षा का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग धार्मिक कार्यक्रमों में प्रवेश कर छेड़खानी जैसी घटनाओं को अंजाम देने का प्रयास करते हैं। संगीता जोशी ने कहा कि महिलाओं की गरिमा और सुरक्षा से जुड़े मामलों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। उन्होंने दुर्गा पंडालों, डांडिया कार्यक्रमों और अन्य धार्मिक आयोजनों में प्रवेश व्यवस्था मजबूत करने की मांग की। उन्होंने आयोजन समितियों से अपील की कि वे महिलाओं एवं युवतियों की सुरक्षा के लिए जरूरी प्रबंध करें और किसी भी अप्रिय घटना की स्थिति में तत्काल पुलिस तथा प्रशासन को सूचित करें। उन्होंने कहा कि धार्मिक आयोजनों को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के लिए समाज के लोगों को जागरूक और जिम्मेदार भूमिका निभानी चाहिए।

मेलों में दुकानों के आवंटन को लेकर भी उठी मांग

संयुक्त प्रेस वार्ता के दौरान मेलों में दुकानों के आवंटन का मुद्दा भी उठाया गया। संगठन के पदाधिकारियों ने प्रशासन और मेला आयोजकों से आग्रह किया कि दुकानों के आवंटन की प्रक्रिया में धार्मिक आयोजन की प्रकृति और संबंधित धार्मिक परंपराओं का ध्यान रखा जाए। पदाधिकारियों ने कहा कि धार्मिक आयोजनों से जुड़े निर्णय लेते समय स्थानीय परंपराओं और लोगों की भावनाओं को ध्यान में रखना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि संगठन इस विषय पर अपनी मांगों को आगे भी संबंधित अधिकारियों के समक्ष उठाता रहेगा। हालांकि, दुकानों के आवंटन को लेकर किसी विशेष नियम या प्रशासनिक निर्णय की जानकारी प्रेस वार्ता में सामने नहीं आई।

धार्मिक परंपराओं के सम्मान पर जोर

संघर्ष सेवा समिति के संस्थापक डॉ. संदीप सरावगी ने प्रेस वार्ता में संगठन के पदाधिकारियों की बातों का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि धार्मिक कार्यक्रम धर्म, आस्था, परंपरा और विश्वास पर आधारित होते हैं। प्रत्येक धर्म की अपनी विशिष्ट मान्यताएं और धार्मिक प्रक्रियाएं होती हैं, जिनका सम्मान किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि दूसरे धर्मों की परंपराओं और मान्यताओं की पर्याप्त जानकारी नहीं होने के कारण कई बार गलतफहमियां पैदा हो जाती हैं, जो आगे चलकर विवाद का कारण बन सकती हैं। इसलिए धार्मिक आयोजनों के दौरान संवाद, आपसी समझ और समन्वय को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। डॉ. सरावगी ने आयोजन समितियों, प्रशासन और समाज के जिम्मेदार लोगों से मिलकर काम करने की अपील की। उन्होंने कहा कि सभी पक्षों का उद्देश्य कार्यक्रमों का सुचारु संचालन और धार्मिक परंपराओं की गरिमा बनाए रखना होना चाहिए।

कई पदाधिकारी रहे मौजूद

प्रेस वार्ता में बजरंग दल के जिला सहसंयोजक प्रथम टंडन, जिला विद्यार्थी प्रमुख शिवम त्रिवेदी, बजरंग दल के पूर्व जिला संयोजक शिवम राजपूत, सौरव सिंह, विक्की शर्मा, निधि शास्त्री, रूपाली शाक्य और अर्जुन सिंह सहित अन्य लोग उपस्थित रहे। बैठक के दौरान धार्मिक आयोजनों की सुरक्षा, प्रवेश व्यवस्था, महिलाओं की सुरक्षा और मेलों में दुकानों के आवंटन जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। संगठन के पदाधिकारियों ने प्रशासन और आयोजन समितियों से इन विषयों पर आवश्यक कदम उठाने की अपील की। आगामी नवदुर्गा उत्सव को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था और आयोजन प्रबंधन पर अब प्रशासन तथा संबंधित समितियों की तैयारियां महत्वपूर्ण रहेंगी। आयोजनों के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखना, महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना और किसी भी शिकायत पर निष्पक्ष कार्रवाई करना शांतिपूर्ण आयोजन के लिए जरूरी होगा।

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