Ahmedabad Plane Crash ने देश को हिला कर रख दिया है। लंदन के लिए रवाना हो रहा एयर इंडिया का Boeing 787-8 विमान, उड़ान भरते ही कुछ ही पलों में MAYDAY कॉल भेजते हुए ज़मीन पर आ गिरा। यह भयावह हादसा अहमदाबाद के मेघाणी नगर इलाके में हुआ, जिसमें विमान आग का गोला बन गया। AI-171 फ्लाइट में सवार 242 यात्रियों और क्रू मेंबर्स के लिए एक सामान्य दिन, एक भयानक त्रासदी में बदल गया। DGCA की रिपोर्ट के अनुसार, विमान केवल 625 फीट की ऊँचाई तक ही पहुंच सका था, फिर तेज़ धमाके के साथ दुर्घटनाग्रस्त हो गया।
अब जांच की सबसे बड़ी कड़ी है — ब्लैक बॉक्स, जिसे खोजने में टीमें जुटी हुई हैं।
Ahmedabad Plane Crash के पीछे की असली वजह क्या थी? इसका जवाब ब्लैक बॉक्स से मिलने की पूरी संभावना है। इसमें दो महत्वपूर्ण डिवाइसेज़ होते हैं – फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर (FDR) और कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (CVR)। FDR हर उस तकनीकी हरकत को रिकॉर्ड करता है जो विमान की उड़ान के दौरान होती है — इंजन की स्थिति, ऊँचाई, गति, चेतावनियाँ वगैरह। वहीं, CVR पायलट्स की बातचीत, अलार्म्स, और अन्य ऑडियो सिग्नल को कैप्चर करता है। इस डेटा के ज़रिए जांचकर्ता समझ सकेंगे कि क्या पायलट्स ने इमरजेंसी चेकलिस्ट फॉलो की थी, क्या कोई पक्षी टकराया था या फिर सिस्टम में पहले से कोई अलर्ट था।
DGCA के अनुसार, पायलट्स द्वारा MAYDAY कॉल दिया गया था, जो आपातकालीन हालात की घोषणा होती है। इसका मतलब है कि उड़ान भरते ही कुछ गंभीर गड़बड़ी हुई थी हालाँकि अभी तक इसकी पुष्टि नहीं हुई है कि इंजन फेल हुआ या कोई अन्य तकनीकी खराबी थी, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि ब्लैक बॉक्स इन सवालों का जवाब देने में सक्षम होगा।
‘ब्लैक बॉक्स’ नाम भले ही सुनने में रहस्यमयी लगे, लेकिन असल में यह एक नारंगी रंग की मजबूत मशीन होती है। इसे ऐसी परिस्थितियों के लिए तैयार किया जाता है जहाँ आग, पानी, ज़बरदस्त टक्कर या अत्यधिक दबाव भी इसका कुछ बिगाड़ न सके। यह डिवाइस पिछले 25 घंटों तक की उड़ान का पूरा डेटा संजो कर रखता है। कई बार पिछले फ्लाइट्स में हुई तकनीकी गड़बड़ियाँ भी इसमें रिकॉर्ड हो जाती हैं, जो किसी बड़े हादसे की पृष्ठभूमि बनती हैं। भारत में इससे पहले कोझिकोड हादसा (2020) और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मलेशियन एयरलाइंस जैसी दुर्घटनाओं की तह में जाने में ब्लैक बॉक्स ने ही अहम भूमिका निभाई थी।
"Ahmedabad Plane Crash के बाद बचाव टीमें लगातार जुटी हैं, लेकिन असली सुकून तब मिलेगा जब ब्लैक बॉक्स के ज़रिए हादसे की असल वजह सामने आ जाएगी।" टीमें अभी मलबे में से डेटा रिकॉर्डर्स की तलाश कर रही हैं। तब तक यह कहना मुश्किल है कि हादसे का कारण मानव त्रुटि थी, तकनीकी फेल्योर या कोई और वजह। अब सभी की निगाहें उस डिवाइस पर हैं, जो शायद इस सबसे बड़े सवाल का जवाब देने वाला है – आख़िर ऐसा हुआ क्यों?
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