सितंबर में गोल्ड ETF निवेश 71.4% उछला, ₹4,451 करोड़ आए; SIP योगदान भी रिकॉर्ड ₹32,490 करोड़ पर पहुंचा
खबर सार :-
सितंबर में गोल्ड ETF निवेश 71.4% बढ़कर ₹4,451 करोड़ पहुंचा, जबकि इक्विटी फंड में भी 30.6% की तेजी रही। दूसरी ओर, डेट फंड से भारी निकासी के कारण म्यूचुअल फंड उद्योग का AUM घटा। SIP योगदान रिकॉर्ड ₹32,490 करोड़ पर पहुंच गया।
खबर विस्तार : -
Gold ETF Investment: सोने में निवेश को लेकर निवेशकों का आकर्षण सितंबर में तेजी से बढ़ा है। एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (एम्फी) की ओर से सोमवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक, गोल्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ईटीएफ) में शुद्ध निवेश अगस्त के 2,597 करोड़ रुपये से बढ़कर सितंबर में 4,451 करोड़ रुपये हो गया। इस तरह मासिक आधार पर निवेश में 71.4 प्रतिशत की जोरदार वृद्धि दर्ज की गई। यह रुझान ऐसे समय सामने आया है, जब व्यापक म्यूचुअल फंड उद्योग को भारी शुद्ध निकासी का सामना करना पड़ा। इससे संकेत मिलता है कि निवेशक अपने पोर्टफोलियो में विविधता लाने के लिए सोने जैसे विकल्पों को भी महत्व दे रहे हैं।
म्यूचुअल फंड उद्योग से 1.33 लाख करोड़ रुपये निकले
गोल्ड ईटीएफ में निवेश बढ़ने के बावजूद सितंबर में म्यूचुअल फंड उद्योग का कुल प्रदर्शन दबाव में रहा। महीने के दौरान उद्योग से 1.33 लाख करोड़ रुपये की शुद्ध निकासी दर्ज की गई, जबकि अगस्त में 41,353 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश आया था। इस बड़े बदलाव की प्रमुख वजह फिक्स्ड इनकम यानी डेट म्यूचुअल फंड योजनाओं से हुई भारी निकासी रही। एम्फी के आंकड़ों के अनुसार, सितंबर में डेट म्यूचुअल फंड से शुद्ध निकासी बढ़कर 1.83 लाख करोड़ रुपये हो गई, जबकि अगस्त में यह आंकड़ा 8,127 करोड़ रुपये था। डेट फंड में निवेश आमतौर पर निश्चित आय से जुड़े साधनों में किया जाता है। इन योजनाओं से बड़े पैमाने पर पैसा निकलने का असर पूरे म्यूचुअल फंड उद्योग के आंकड़ों पर दिखाई दिया।
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87.08 लाख करोड़ से घटकर 82.64 लाख करोड़ रुपये हुआ एयूएम
भारी निकासी का असर म्यूचुअल फंड उद्योग की कुल प्रबंधनाधीन परिसंपत्तियों (एयूएम) पर भी पड़ा। अगस्त में उद्योग का एयूएम 87.08 लाख करोड़ रुपये था, जो सितंबर में घटकर 82.64 लाख करोड़ रुपये रह गया। एक महीने के भीतर परिसंपत्तियों के मूल्य में आई यह गिरावट डेट फंड से निकासी के प्रभाव को दर्शाती है। हालांकि, उद्योग की सभी श्रेणियों में एक जैसा रुझान नहीं रहा। जहां डेट फंड से पैसा निकला, वहीं इक्विटी फंड में निवेशकों की दिलचस्पी बनी रही और कई प्रमुख श्रेणियों में निवेश बढ़ा।
इक्विटी फंड में निवेश 30.6 प्रतिशत बढ़ा
शेयर बाजार से जुड़े म्यूचुअल फंड में निवेशकों का भरोसा सितंबर में मजबूत दिखाई दिया। इक्विटी म्यूचुअल फंड में शुद्ध निवेश अगस्त के 29,328 करोड़ रुपये से बढ़कर सितंबर में 38,307 करोड़ रुपये हो गया। इस तरह मासिक आधार पर निवेश में 30.6 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। यह आंकड़ा बताता है कि डेट फंड से निकासी के बीच निवेशकों ने इक्विटी श्रेणी में अपनी भागीदारी बनाए रखी। इक्विटी फंड की विभिन्न श्रेणियों में स्मॉल-कैप फंड सबसे पसंदीदा बने रहे। सितंबर में इनमें 9,039 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश आया, जबकि अगस्त में यह 7,973 करोड़ रुपये था। इसी तरह मिड-कैप फंड में निवेश अगस्त के 6,989 करोड़ रुपये से बढ़कर सितंबर में 7,835 करोड़ रुपये हो गया। दोनों श्रेणियों में निवेश बढ़ने से पता चलता है कि निवेशकों की दिलचस्पी छोटे और मध्यम आकार की कंपनियों पर केंद्रित फंड में बनी हुई है।
फ्लेक्सी-कैप और थीमैटिक फंड में भी बढ़ा निवेश
सितंबर में फ्लेक्सी-कैप फंड ने भी बेहतर प्रदर्शन किया। इन योजनाओं में शुद्ध निवेश अगस्त के 5,059 करोड़ रुपये से बढ़कर 6,702 करोड़ रुपये हो गया। वहीं, सेक्टोरल और थीमैटिक फंड में निवेश 1,713 करोड़ रुपये से बढ़कर 3,640 करोड़ रुपये पहुंच गया। ये फंड विशेष क्षेत्रों या निवेश विषयों पर केंद्रित होते हैं। दूसरी ओर, लार्ज-कैप फंड में भी सुधार देखने को मिला। अगस्त में इन योजनाओं से 1,147 करोड़ रुपये की शुद्ध निकासी हुई थी, लेकिन सितंबर में ये फिर सकारात्मक दायरे में लौट आए। इस दौरान लार्ज-कैप फंड में 859 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश दर्ज किया गया।
मल्टी-एसेट फंड स्थिर, एसआईपी ने बनाया नया रिकॉर्ड
मल्टी-एसेट एलोकेशन फंड में निवेश लगभग स्थिर बना रहा। सितंबर में इन योजनाओं में 3,667 करोड़ रुपये का निवेश आया, जबकि अगस्त में यह 3,671 करोड़ रुपये था। इस श्रेणी में निवेशक अलग-अलग परिसंपत्ति वर्गों में पैसा लगाने का विकल्प चुन सकते हैं। इस बीच, सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (एसआईपी) के जरिए निवेशकों की भागीदारी मजबूत बनी रही। सितंबर में मासिक एसआईपी योगदान बढ़कर रिकॉर्ड 32,490 करोड़ रुपये पहुंच गया, जबकि अगस्त में यह 32,297 करोड़ रुपये था। इस तरह गोल्ड ईटीएफ, इक्विटी फंड और एसआईपी के आंकड़े निवेशकों की सक्रिय भागीदारी को दिखाते हैं। हालांकि, डेट फंड से भारी निकासी और उद्योग के एयूएम में गिरावट यह भी बताती है कि सितंबर में निवेश का रुझान विभिन्न श्रेणियों में अलग-अलग रहा।
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FAQ (पूछे जाने वाले सामान्य प्रश्न)...
1. सितंबर में गोल्ड ETF में कितना निवेश आया?
सितंबर में गोल्ड ETF में शुद्ध निवेश 71.4% बढ़कर 4,451 करोड़ रुपये हो गया, जबकि अगस्त में यह 2,597 करोड़ रुपये था।
2. सितंबर में म्यूचुअल फंड उद्योग से कितनी निकासी हुई?
सितंबर में म्यूचुअल फंड उद्योग से 1.33 लाख करोड़ रुपये की शुद्ध निकासी दर्ज की गई। इसकी प्रमुख वजह डेट म्यूचुअल फंड योजनाओं से भारी निकासी रही।
3. सितंबर में SIP निवेश कितना रहा?
सितंबर में सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) के जरिए मासिक योगदान रिकॉर्ड 32,490 करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जबकि अगस्त में यह 32,297 करोड़ रुपये था।
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