US Israel Iran War: अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष का आज 36वां दिन है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कई बार दावा कर चुके हैं कि ईरान के पास अब न तो कोई वायुसेना है और न ही नौसेना। हालाांकि युद्ध क्षेत्र में अमेरिका को लगातार हो रहे नुकसान कुछ और ही कहानी बयां कर रहे हैं। अमेरिका के खतरनाक F-15 लड़ाकू विमान को मार गिराने के बाद, ईरान ने अब एक और फाइटर जेट A-10 को आसमान से मार गिराया है। US को यह नुकसान शुक्रवार को हुआ।
बता दें कि यह हमला अमेरिका के लिए अत्यंत दुर्लभ हमाला है, जो पिछले 20 से अधिक सालों में नहीं हुआ है। यह हमला ट्रंप के उस दावे को खारिज करता है, जिसमें उन्होंने कहा था कि ईरान की सेनाएं पूरी तरह तबाह हो चुकी हैं। अमेरिकी अधिकारियों ने पुष्टि की है कि शुक्रवार को ईरान ने एक F-15E विमान को मार गिराया। इस घटना में, लड़ाकू विमान में सवार एक पायलट को बचा लिया गया, जबकि दूसरा अभी भी लापता है और उसकी तलाश जारी है।
उधर ईरान के सरकारी मीडिया ने भी बताया कि ईरानी वायु सेना की गोलीबारी की चपेट में आने के बाद एक अमेरिकी A-10 हमलावर विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। ईरान के सरकारी मीडिया ने ने बताया कि जो कोई भी किसी अमेरिकी पायलट को ज़िंदा पकड़कर लाएगा, उसे एक कीमती इनाम दिया जाएगा। एक ईरानी गवर्नर ने भी वादा किया कि जो कोई भी दुश्मन सेना के किसी सदस्य को पकड़ेगा या मारेगा, उसकी सराहना की जाएगी।
अमेरिकी अधिकारियों ने आगे बताया कि US का दूसरा विमान एक A-10 वॉरथॉग लड़ाकू विमान ईरानी हमले का शिकार हो गया; इसके बाद, पायलट क्षतिग्रस्त विमान को कुवैत के हवाई क्षेत्र में ले जाने में कामयाब रहा और फिर विमान से बाहर निकल गया। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को इस मामले की जानकारी दे दी गई है।
US के किसी लड़ाकू विमान के मार गिराए जाने की आखिरी पुष्ट घटना 2003 की है, जब इराक युद्ध के दौरान एक A-10 थंडरबोल्ट II को निशाना बनाया गया था। वायु सेना के रिटायर्ड ब्रिगेडियर जनरल ह्यूस्टन कैंटवेल के अनुसार, हाल के दशकों में ऐसी घटनाएं कम ही हुई हैं—इसकी मुख्य वजह यह है कि US सेना ने ज़्यादातर ऐसे दुश्मनों से लड़ाई लड़ी है जिनके पास उन्नत एंटी-एयरक्राफ्ट सिस्टम नहीं थे। ईरान द्वारा US के लड़ाकू विमान को मार गिराना किसी चमत्कार से कम नहीं है।
ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) द्वारा जारी फुटेज में US के लड़ाकू विमानों को सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलों द्वारा निशाना बनाते हुए दिखाया गया है। ऐसा लगता है कि ये तस्वीरें पारंपरिक रडार-आधारित ट्रैकिंग के बजाय ऑप्टिकल और इन्फ्रारेड (IR) सेंसर का उपयोग करके ली गई हैं।
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