UAE ने अपना कर्ज वापस मांगा तो बौखलाया पाकिस्तान, जानें 'अखंड भारत' का जिक्र कर क्या बोला पाक

खबर सार :-
Pakistan-UAE Debt Controversy: ज़रा सोचिए: कोई भी समझदार इंसान उसका मज़ाक क्यों उड़ाएगा जिसने उसके संकट के समय उसे कर्ज दिया हो? ऐसा ठीक उस समय करना जब देश में खाने की भारी कमी हो? फिर भी, पाकिस्तान ठीक यही कर रहा है; UAE के लोन चुकाने की मांग पर, वह बौखलाहट में बेतुकी बातें कर रहा है।

UAE ने अपना कर्ज वापस मांगा तो बौखलाया पाकिस्तान, जानें 'अखंड भारत' का जिक्र कर क्या बोला पाक
खबर विस्तार : -

Pakistan-UAE Controversy: भुखमरी की कगार पर खड़े कंगाल पाकिस्तान की बदहाल आर्थिक स्थिति पूरी दुनिया के सामने बेनकाब हो गई है। हालात ऐसे हैं कि देश अब अपने कर्ज चुकाने के लिए भी दूसरों से भीख मांगने को मजबूर है। इस संकट के बीच, भारत के सहयोगी UAE ने पाकिस्तान को एक और बड़ा झटका दिया है। जो पाकिस्तान दुनिया में  खुद को "शांति का मसीहा"  दिखाने की कोशिश कर रहा था, उससे यूएई अपना कर्जा मांग लिया है।  UAE ने 3 अरब डॉलर कर्ज आगे न बढ़ाने का फैसला लेकर पाकिस्तान को सदमे में डाल दिया है। यह सदमा इतना गहरा है कि, यह सोचने के बजाय कि पैसा कहां से आएगा, बल्कि यूएई का ही मजाक उड़ा रहा है।

पाकिस्तान जिस UAE के कर्जे पर सालों से पलता आ रहा है, जिसके लोगों का पेट खाड़ी देश से आने वाले पैसे से ही भरता रहा है, वो पाकिस्तान अब UAE को 'बेचारा' और खुद को 'बड़ा भाई' कह रहा है। इसके अलावा, एक पाकिस्तानी राजनेता ने कहा कि UAE को हिन्दुस्तानी आबादी से सावधान रहना चाहिए
कहीं ऐसा न हो कि UAE खुद ही "अखंड भारत" की विस्तारवादी महत्वाकांक्षाओं का शिकार बन जाए।

पाकिस्तानी नेता ने यूएई को बताया बेचारा

दरअसल पाकिस्तानी सीनेटर मुशाहिद हुसैन ने कहा: हम हमेशा UAE के साथ खड़े रहे हैं। उस देश को बनाने में पाकिस्तान ने अहम भूमिका निभाई है। हमने उनकी सेना को प्रशिक्षित करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। खासकर शेख ज़ायेद के दौर में, जिनके साथ हमारा गहरा और महत्वपूर्ण रिश्ता था। दुनिया न्यूज़ पर प्रसारित एक कार्यक्रम में बोलते हुए, सीनेटर मुशाहिद हुसैन सैयद ने टिप्पणी की: "वे (UAE) बेचारे इस वक्त फंसे हुए हैं, बेबस हैं। उन्होंने ट्रंप को 1.5 खरब डॉलर दिया है। वे विभिन्न संघर्षों में उलझे हुए हैं कभी यमन में, तो कभी सूडान में। इसलिए, इन बेचारों की सहायता करना हमारा कर्तव्य है, क्योंकि उन्हें मदद की ज़रूरत है। पाकिस्तान ने घोषणा की है कि वह इस महीने तीन किस्तों में UAE का यह कर्ज़ चुका देगा।

Pakistan-UAE Controversy: 'अखंड भारत' का जिक्र कर क्या बोला पाक

इसके अलावा, पाकिस्तान की विदेश संबंध समिति के पूर्व अध्यक्ष मुशाहिद हुसैन सैयद ने इस चर्चा के दौरान UAE को भारत के खिलाफ भड़काने का पुरज़ोर प्रयास किया। UAE को संबोधित करते हुए, इस राजनेता ने टिप्पणी की: "जनाब, आपकी आबादी 10 मिलियन है; उन 10 मिलियन में से 4.3 मिलियन लोग हिन्दुस्तान से हैं। जरा अपना ख्याल रखें, आपकी जो दोस्ती उनके साथ बढ़ रही है इंडिया के साथ, कहीं ये न हो कि आप भी अखंड भारत का निशाना बन जाएं। 

सीनेटर मुशाहिद हुसैन सैयद ने ज़ोर देकर कहा कि UAE की लगभग आधी आबादी भारतीयों की होगी। तो हिंदुस्तान के अखंड भारत में न सिर्फ पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश बल्कि अरब के मुल्क भी आ सकते हैं। तो इस पर जरा अपना ख्याल रखें।

पाकिस्तान पर 4.8 अरब डॉलर कर्ज

रिपोर्टों के अनुसार, पाकिस्तान को जून तक 4.8 अरब का विदेशी कर्ज़ चुकाना है, जिसमें से  3.5 अरब डॉलर विशेष रूप से UAE का बकाया है। सरकार वर्तमान में इस महीने के अंत तक अबू धाबी को 3 अरब डॉलर लौटाने की तैयारी कर रही है, ये वे फंड हैं जो पहले स्टेट बैंक ऑफ़ पाकिस्तान में जमा थे और जिन पर लगभग 6 प्रतिशत की दर से ब्याज मिल रहा था। पाकिस्तान ने आधिकारिक तौर पर इस महीने तीन किस्तों में वापस करने का घोषणा कर दी है।

क्यों छिड़ा पाकिस्तान-यूएई विवाद 

बता दें कि यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब पाकिस्तान गंभीर आर्थिक दबाव से जूझ रहा है और अपनी बुनियादी ज़रूरतों को पूरा करने के लिए कड़ा संघर्ष कर रहा है। यहां तक कि जरूरी चीज़ें भी इस समय पूरे पाकिस्तान में बहुत ज़्यादा कीमतों पर बिक रही हैं। वहीं मिडिल ईस्ट में जारी संकट के बीच, जब UAE ने 3 अरब डॉलर के कर्ज की अवधि बढ़ाने से इनकार कर दिया, ऐसे में पाकिस्तान बौखला उठा । पिछले 7 सालों में यह पहली बार हुआ है। हालांकि, पाकिस्तान इसे अपनी नाकामी मानने के बजाय भारत को बीच में घसीट रहा है।  हालांकि, पाकिस्तान यह कर्ज वापस देने के लिए तैयार हो गया है।

गौरतलब है कि अमेरिका-इजरायल ईरान युद्ध को खत्म करने की कोशिश में पाकिस्तान मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है। इसके लिए वह खाड़ी देशों से संपर्क में है। इसके बावजूद मुस्लिम बहुल खाड़ी देशों को आंखें दिखाने में कमी नहीं रख रहा है। 

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