ईरान-इजरायल युद्ध का वैश्विक संकट: $112 पहुंचा कच्चा तेल, पाक में हाहाकार, अन्य देशों के साथ भारत के पड़ोसियों का हाल

खबर सार :-
ईरान-इजरायल युद्ध और डोनाल्ड ट्रंप की धमकियों के बीच वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें 112 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई हैं। जानिए पाकिस्तान से लेकर G7 देशों और भारत के पड़ोसियों में पेट्रोल-डीजल की ताजा स्थिति।

ईरान-इजरायल युद्ध का वैश्विक संकट: $112 पहुंचा कच्चा तेल, पाक में हाहाकार, अन्य देशों के साथ भारत के पड़ोसियों का हाल
खबर विस्तार : -

 नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और इजरायल-अमेरिका (Israel-America) की ईरान (Iran) पर सैन्य कार्रवाई ने पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था को हिला कर रख दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति (us President) डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) के कड़े रुख और ईरान को दी जा रही लगातार धमकियों के कारण वैश्विक ऊर्जा बाजार में अनिश्चितता का माहौल है। इसका सीधा असर आम आदमी की जेब पर पड़ रहा है, क्योंकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतें उछलकर 112 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं।

 ट्रंप की धमकी और डगमगाती वैश्विक अर्थव्यवस्था

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (US President Donald Trump) ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि ईरान (Iran) समझौते की मेज पर नहीं आता है, तो अमेरिका और भी बड़े हमले करने से पीछे नहीं हटेगा। इस भू-राजनीतिक तनाव का असर न केवल शेयर बाजारों पर दिख रहा है, बल्कि सप्लाई चेन बाधित होने से पूरी दुनिया में महंगाई का खतरा मंडरा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि स्थिति जल्द नहीं सुधरी तो वैश्विक अर्थव्यवस्था मंदी की चपेट में आ सकती है।

 पाक (Pakistan) में तेल संकट: पेट्रोल ₹459 के पार

ईंधन की बढ़ती कीमतों का सबसे भयावह असर भारत के पड़ोसी देश पाकिस्तान में देखने को मिल रहा है। कंगाली की कगार पर खड़े पाकिस्तान ने 3 अप्रैल को तेल की कीमतों में भारी वृद्धि की घोषणा की है।

  •  पेट्रोल: 459.36 पाकिस्तानी रुपये (PKR) प्रति लीटर।
  •  डीजल: 523.39 पाकिस्तानी रुपये (PKR) प्रति लीटर।

पाकिस्तानी आवाम के लिए बुनियादी परिवहन अब एक विलासिता बनता जा रहा है, जिससे वहां के आंतरिक हालात और बिगड़ने की आशंका है।

कहां सबसे सस्ता और कहां सबसे महंगा तेल?

दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं वाले देशों में भी तेल की कीमतों में आग लगी हुई है। युद्ध के कारण इन संपन्न देशों में भी ऊर्जा की लागत बढ़ गई है। आंकड़ों के अनुसार, जापान में ईंधन सबसे सस्ता है, जबकि जर्मनी में कीमतें आसमान छू रही हैं।

अन्य देशों में पेट्रोल-डीजल की कीमतें (भारतीय रुपये में):

  •  देश              पेट्रोल (प्रति लीटर)               डीजल (प्रति लीटर)
  •  जापान               ₹104.28                         ₹91.30
  •  अमेरिका            ₹105.67                         ₹132.27
  •  कनाडा               ₹131.44                         ₹153.69
  •  यूके (UK)          ₹182.42                          ₹216.44
  •  इटली                ₹187.61                          ₹221.54
  •  फ्रांस                 ₹211.06                          ₹234.42
  •  जर्मनी              ₹224.50                          ₹246.84

जर्मनी में पेट्रोल की कीमत ₹224 के पार पहुंचना यूरोपीय देशों की गंभीर आर्थिक चुनौती को दर्शाता है।

 भारत और उसके पड़ोसी देश: भूटान सबसे राहत में

यदि हम दक्षिण एशियाई देशों और भारत के पड़ोसियों की तुलना करें, तो भारत में कीमतें फिलहाल स्थिर हैं, लेकिन पड़ोसी देशों में भारी उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है। आश्चर्यजनक रूप से, भूटान में पेट्रोल और डीजल की कीमतें सबसे कम हैं, जो भारतीय रुपये में क्रमशः ₹62.66 और ₹69.43 हैं।

पड़ोसी देशों में ईंधन की स्थिति (भारतीय रुपये में):

  •  सबसे सस्ता पेट्रोल-डीजल: भूटान (पेट्रोल: ₹62.66, डीजल: ₹69.43)
  •  सबसे महंगा पेट्रोल: श्रीलंका (₹133.76)
  •  सबसे महंगा डीजल: म्यांमार (₹145.34)
  •  बांग्लादेश: यहाँ भी कीमतें स्थिर हैं (पेट्रोल: ₹90.75)।
  •  नेपाल व चीन: यहाँ कीमतें ₹110 से ₹125 के बीच बनी हुई हैं।

ईरान-इजरायल संघर्ष ने न केवल मध्य-पूर्व को बल्कि पूरी दुनिया को एक अनिश्चित भविष्य की ओर धकेल दिया है। जहां विकसित देश महंगाई से जूझ रहे हैं, वहीं पाकिस्तान जैसे विकासशील देशों के लिए यह स्थिति अस्तित्व का संकट बनती जा रही है। अगर अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के जरिए युद्ध पर विराम नहीं लगा, तो कच्चे तेल की कीमतें और भी नए रिकॉर्ड बना सकती हैं।

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