West Asia Tensions : वैश्विक Crude Oil की कीमतों में तेज उछाल, कई वर्षों के उच्चतम स्तर पर पहुंची कीमतें, ब्रेंट क्रूड में 8 प्रतिशत की वृद्धि

खबर सार :-
वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आया है। यूएस प्रेसीडेंट डोनाल्ड ट्रंप के ईरान पर आगामी दिनों में संभावित सैन्य हमलों की चेतावनी के बाद कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल देखने को मिला है। ब्रेंट क्रूड में 8 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच रोजाना लाखों बैरल तेल की आपूर्ति प्रभावित हुई है। होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाली सप्लाई पर निर्भर देशों में ईंधन की कमी देखने को मिल रही है।

West Asia Tensions : वैश्विक Crude Oil की कीमतों में तेज उछाल, कई वर्षों के उच्चतम स्तर पर पहुंची कीमतें, ब्रेंट क्रूड में 8 प्रतिशत की वृद्धि
खबर विस्तार : -

West Asia Tensions : वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में शुक्रवार को तेज उछाल देखा गया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान पर अगले 2-3 हफ्तों में संभावित सैन्य हमले की चेतावनी देने के बाद बाजार में सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ गई है। ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 8 प्रतिशत बढ़कर 109.24 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया, जबकि यूएस वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (डब्ल्यूटीआई) फ्यूचर्स 111.54 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड कर रहा था। सप्ताह के दौरान यूएस डब्ल्यूटीआई क्रूड में पिछले शुक्रवार के मुकाबले 11.94 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जबकि ब्रेंट क्रूड में इसी अवधि में 3.14 प्रतिशत की गिरावट देखी गई। 

कई साल के उच्च स्तर पर पहुंच गई हैं ऊर्जा कीमतें  

पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष अब पांचवें हफ्ते में पहुंच गया है, जिससे वैश्विक बाजार से हर दिन लाखों बैरल तेल की सप्लाई प्रभावित हुई है। इसके चलते ऊर्जा कीमतें कई साल के उच्च स्तर पर पहुंच गई हैं और होर्मुज जलडमरूमध्य (स्ट्रेट ऑफ होर्मुज) से गुजरने वाली सप्लाई पर निर्भर देशों में ईंधन की कमी भी देखने को मिल रही है। दुनिया के करीब 20 प्रतिशत तेल की आपूर्ति इसी मार्ग से होती है।

स्थिति में सुधार तो कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और करेंसी में आएगी स्थिरता 

इस हफ्ते दिए गए अपने भाषण में डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका आने वाले हफ्तों में ईरान पर 'बेहद कड़ा प्रहार' कर सकता है। हालांकि, उन्होंने इस अहम समुद्री मार्ग को दोबारा खोलने की कोई स्पष्ट योजना नहीं बताई और अन्य देशों से इसे सुचारू करने की जिम्मेदारी लेने को कहा। विश्लेषकों का कहना है कि अगर पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ता है, तो कच्चे तेल की कीमतों, भारतीय रुपए और उभरते बाजारों में विदेशी निवेश पर दबाव बना रह सकता है। विशेषज्ञों के मुताबिक, अगर स्थिति में सुधार होता है तो कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और करेंसी में स्थिरता आ सकती है, लेकिन तनाव बढ़ने पर बाजार में जोखिम से बचने की प्रवृत्ति और बढ़ेगी। 

अनिश्चितता के बीच सुरक्षित निवेश विकल्प तलाश रहे निवेशक 

कीमती धातुओं की बात करें तो कॉमेक्स गोल्ड फ्यूचर्स 0.48 प्रतिशत गिरकर 4,679.70 डॉलर पर ट्रेड कर रहा था, क्योंकि निवेशक अनिश्चितता के बीच सुरक्षित निवेश विकल्प तलाश रहे हैं। इस बीच, गुड फ्राइडे के कारण घरेलू कमोडिटी बाजार सुबह के सत्र में बंद रहे। वहीं, पश्चिम एशिया के बढ़ते तनाव और करेंसी में उतार-चढ़ाव के चलते भारतीय शेयर बाजार लगातार छठे हफ्ते गिरावट के साथ बंद हुए, जहां दोनों प्रमुख बेंचमार्कों - सेंसेक्स और निफ्टी - में कमजोरी रही।
 

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