केजीबीवी को आधुनिक सुविधाओं से लैस करेगी योगी सरकार, सुरक्षा से स्मार्ट लर्निंग तक 18 बिंदुओं पर दिए निर्देश

खबर सार :-
UP सरकार कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों (KGBVs) को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने के लिए लगातार ठोस कदम उठा रही है। साथ ही, छात्राओं और स्टाफ़ की 100% उपस्थिति सुनिश्चित करने और छात्राओं को गर्मियों की छुट्टियों का काम (समर हॉलिडे असाइनमेंट) देने पर भी ज़ोर दिया जा रहा है।
केजीबीवी को आधुनिक सुविधाओं से लैस करेगी योगी सरकार, सुरक्षा से स्मार्ट लर्निंग तक 18 बिंदुओं पर दिए निर्देश
खबर विस्तार : -

लखनऊः मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार बालिका शिक्षा को सशक्त बनाने और कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों (केजीबीवी) को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने की दिशा में लगातार ठोस कदम उठा रही है। इसी क्रम में हाल ही में आयोजित विभागीय समीक्षा बैठक में छात्राओं की सुरक्षा, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, डिजिटल अधिगम, छात्रावास संचालन, खेल गतिविधियों, छात्रवृत्ति भुगतान और आधारभूत सुविधाओं सहित 18 महत्वपूर्ण बिंदुओं पर समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।

बालिकाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कदम

प्रदेश सरकार का स्पष्ट लक्ष्य है कि प्रत्येक बालिका को सुरक्षित, सुविधायुक्त और गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराया जाए। इसके लिए शिक्षा को केवल कक्षा तक सीमित न रखकर सुरक्षा, स्वास्थ्य, डिजिटल साक्षरता, खेलकूद, छात्रावास सुविधाओं और जीवन कौशल विकास से जोड़ने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। सरकार का मानना है कि बालिकाओं का समग्र विकास ही उन्हें आत्मनिर्भर और सशक्त नागरिक बनाने की दिशा में सबसे महत्वपूर्ण कदम है।

समीक्षा बैठक में भीषण गर्मी को देखते हुए सभी कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में कूलर, पंखे, एग्जॉस्ट फैन और जनरेटर की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों को यह भी कहा गया है कि एक सप्ताह के भीतर खाद्यान्न आपूर्ति से जुड़ी सभी प्रक्रियाएं पूरी कर विद्यालयों में आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई जाए। इसके साथ ही छात्राओं और स्टाफ की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने तथा छात्राओं को ग्रीष्मकालीन गृहकार्य उपलब्ध कराने पर भी विशेष बल दिया गया है।

शिक्षण व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर

सरकार ने विद्यालयों में चल रही विभिन्न विकासात्मक गतिविधियों को समयबद्ध ढंग से पूरा करने के निर्देश भी दिए हैं। जून माह की प्रगति रिपोर्ट, फर्नीचर खरीद, रोटी मेकिंग मशीन, वॉशिंग मशीन, सोलर गीजर, फोक म्यूजिक इंस्ट्रूमेंट और ओपन जिम जैसी स्वीकृत योजनाओं को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करने को कहा गया है। जिन जनपदों में कर्मियों के अनुबंध नवीनीकरण की प्रक्रिया लंबित है, उन्हें भी एक सप्ताह के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।

बालिकाओं को आधुनिक शिक्षा से जोड़ने के उद्देश्य से विद्यालयों में डिजिटल प्लेटफॉर्म आधारित शिक्षण व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा। इसके लिए कंप्यूटर, ब्रॉडबैंड इंटरनेट और अनलिमिटेड डेटा की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए गए हैं। सरकार का मानना है कि डिजिटल संसाधनों तक आसान पहुंच छात्राओं को आधुनिक ज्ञान और तकनीकी कौशल से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

छात्रवृत्ति योजनाओं की समीक्षा भी बैठक का प्रमुख विषय रही। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि पूर्व एवं वर्तमान बैच की छात्राओं का विवरण, छात्रवृत्ति भुगतान की स्थिति और बैंक खातों की सीडिंग की नियमित समीक्षा की जाए। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पात्र छात्राओं को बिना किसी बाधा के समय पर छात्रवृत्ति का लाभ मिल सके।

बैठक में निर्माणाधीन छात्रावासों, अतिरिक्त डॉर्मेट्री, कंप्यूटर लैब और टॉयलेट ब्लॉक की प्रगति की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि निर्माण कार्यों का सत्यापन कर उपयोग प्रमाण-पत्र शीघ्र उपलब्ध कराया जाए। जिन परियोजनाओं का निर्माण 90 प्रतिशत से अधिक पूरा हो चुका है, उन्हें जल्द से जल्द संबंधित विभागों को हस्तांतरित कर संचालन शुरू किया जाए ताकि छात्राओं को नई सुविधाओं का लाभ मिल सके।

बालिका शिक्षा को मिलेगी नई दिशा

खेल और शारीरिक विकास को बढ़ावा देने के लिए केजीबीवी एक खेल कार्यक्रम की प्रगति पर भी विशेष ध्यान दिया गया। जिन जनपदों में कार्यक्रम की गति धीमी है, वहां गतिविधियों को तेज करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही चयनित और प्रतिभाशाली बालिकाओं को आगामी 3 जुलाई तक खेल प्रशिक्षण केंद्रों से जोड़ने के लिए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है।

अधिकारियों का कहना है कि सरकार की यह पहल केवल बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य बालिकाओं को एक ऐसा वातावरण देना है जहां वे शिक्षा, खेल, तकनीक और व्यक्तित्व विकास के सभी अवसर प्राप्त कर सकें। सुरक्षा से लेकर स्मार्ट लर्निंग, छात्रावास सुविधाओं से लेकर खेल प्रशिक्षण और छात्रवृत्ति से लेकर डिजिटल सशक्तिकरण तक उठाए जा रहे कदम इस बात का संकेत हैं कि राज्य सरकार कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों को बालिका सशक्तीकरण के प्रभावी केंद्रों के रूप में विकसित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इन पहलों से प्रदेश की हजारों छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, सुरक्षित वातावरण और बेहतर भविष्य के अवसर मिलेंगे। यह अभियान न केवल बालिका शिक्षा को नई दिशा देगा बल्कि सामाजिक और आर्थिक रूप से सशक्त उत्तर प्रदेश के निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

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