Ayodhya Ram Temple Donation Row: राम मंदिर चढ़ावा चोरी, टिन्नू यादव पर लगे आरोपों पर पत्नी पूनम का पलटवार, बोलीं- बदनाम करने की साजिश

खबर सार :-
राम मंदिर में कथित चढ़ावा घोटाले में टिन्नू यादव का नाम सामने आया है, जिसे उन्होंने सिरे से नकार दिया है। उनकी पत्नी पूनम यादव का कहना है कि 50 कमरे, लग्जरी गाड़ी और हॉस्टल का झूठा आरोप लगाया जा रहा है।
Ayodhya Ram Temple Donation Row: राम मंदिर चढ़ावा चोरी, टिन्नू यादव पर लगे आरोपों पर पत्नी पूनम का पलटवार, बोलीं- बदनाम करने की साजिश
खबर विस्तार : -

Ayodhya Ram Temple Donation Row: अयोध्या राम मंदिर में दान-पात्र में चढ़ावे की चोरी का मामला सामने आया है। जांच के दौरान सामने आया कि इसमें मंदिर के कुछ कर्मचारी शामिल थे। इसमें एक नाम टिन्नू यादव का भी आ रहा है। हालांकि उन्होंने अपने उपर लगे सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने सभी आरोपों को निराधार बताते हुए उनकों फंसाने की साजिश बता रहे हैं। उन्होंने सवाल करते हुए कहा, किसी के पास कोई ठोस सबूत नहीं है, बस हमें बदनाम किया जा रहा है। इस पर उनकी पत्नी ने कहा कि 50 कमरे, लग्जरी गाड़ी और हॉस्टल की बात गलत है। 

Ayodhya Ram Temple Donation Row: अयोध्या राममंदिर में चढ़ावे की चोरी

रमाशंकर यादव उर्फ टिन्नू चंपत राय के ड्राइवर हैं। दावा किया जा रहा है कि अयोध्या में इनके पास करोड़ों की जमीन है। राममंदिर में चढ़ावे की चोरी के मामले में अयोध्या थाने में कार सेवक संतोष दुबे ने शिकायत की है। उनका आरोप है कि मंदिर में 5 से साढ़े सात बजे के करीब करोड़ रुपए तक की चोरी की गई, जो काफी वक्त से हो रही थी। आरोप है कि सबूत मिटाने के लिए सीसीटीवी फुटेज डिलीट करा दिए गए हैं। इस पूरे केस में राममंदिर ट्रस्ट मैनेजनेंट संदेह के घेरे में नजर आ रही है। ट्रस्ट के महासचिन चंपत राय, व्यवस्थापक गोपाल राव, चंपत राय के ड्राइवर टिन्नू यादव को इसका मुख्य सूत्रधार बताया जा रहा है। टिन्नू यादव की पत्नी पूनम यादव ने कहा, "इनको बदनाम करने की साजिश है। इनको फंसाया जा रहा है। इनकी छवि को गंदा किया जा रहा है। 15 दिनों से हम लोग कितने तनाव में हैं। मानसिक तनाव दिया जा रहा है। मकान मेरा 2008 का खरीदा हुआ है, राम मंदिर पर फैसला आने से पहले। 2015 में बन गया है। जो मेरे पास है वो सब पारदर्शी है। कोई घोटाला नहीं किया है।" 

Ayodhya Ram Temple Donation Row: सच्चाई की जांच होनी चाहिए- पूनम यादव

इसके साथ ही उन्होंने SIT के गठन पर कहा, "उम्मीद यही करते हैं कि जो सच्चाई है, जो इनकी 32 सालों की सेवा पर बदनामी का जो दाग लगा है उसको पाक साफ किया जाए। पहले हमें सच्चाई की जांच करनी चाहिए।किसी को परेशान करना, ये सब क्या है? वो व्यक्ति आज तक सेवा ही कर रहा है। अगर किसी के पास 50 करोड़ की संपत्ति होगी तो वो सुबह जाएगा और रात को 11 बजे आएगा, इतनी परिश्रम करने की क्या जरूरत होगी? मंदिर निर्माण के दौरान वो भोजन बनवाकर स्वयं मजदूरों को खिलवाते थे। ठंडी, गर्मी, बरसात हमेशा इन्होंने संघर्ष ही किया है।

Ayodhya Ram Temple Donation Row: आज तक कहीं कोई गलत काम नहीं किया- पूनम यादव

इस मामले की जांच को लेकर उन्होंने कहा, "जांच करनी है करिए। जहां कहेंगे हम वहां चलेंगे। लेकिन और सारे लोग भी हैं। सबकी जांच होनी चाहिए। मैं बस ये चाहती हूं कि इनके ऊपर बदनामी के जो दाग लगे हैं उसकी निष्पक्ष जांच हो। वो पूरे देवता हैं, उतने अच्छे तो हम नहीं हैं। जिसको देखते हैं सिर झुकाकर प्रणाम करते हैं। इन्होंने आज तक कहीं कोई गलत काम नहीं किया। इनकी ईमानदारी को देखकर ही राम मंदिर में लगा दिया गया।"

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