छह घंटे चले ड्रामे के बाद टीएमसी के एक और पार्षद गिरफ्तार, पॉक्सो और धमकी का लगा आरोप

खबर सार :-
टीएमसी के एक पार्षद को गिरफ्तार किया गया है, मामला एक नाबालिग लड़की से जुड़े कथित उत्पीड़न और धमकी के आरोपों से संबंधित है। स्थानीय लोगों का कहना है कि करीब तीन वर्ष पहले इलाके की एक नाबालिग लड़की से कथित छेड़छाड़ के मामले में जसीमुद्दीन के कुछ करीबी लोगों का नाम सामने आया था।
छह घंटे चले ड्रामे के बाद टीएमसी के एक और पार्षद गिरफ्तार, पॉक्सो और धमकी का लगा आरोप
खबर विस्तार : -

कोलकाताः पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। कोलकाता नगर निगम (केएमसी) के जोड़ासांको क्षेत्र स्थित वार्ड संख्या 39 के तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) पार्षद मोहम्मद जसीमुद्दीन को रविवार सुबह पुलिस ने उनके आवास से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उनके खिलाफ पॉक्सो अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। गिरफ्तारी के बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया और राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गईं।

जानकारी के अनुसार, रविवार सुबह से ही पुलिस और केंद्रीय बलों की टीम जसीमुद्दीन के घर के बाहर मौजूद थी। पुलिस अधिकारियों का आरोप है कि कई घंटों तक दरवाजा नहीं खोला गया, जिसके कारण कार्रवाई में देरी हुई। लगभग छह घंटे तक इंतजार करने के बाद पुलिस ने बाहर से ताला खुलवाकर घर में प्रवेश किया और पार्षद को हिरासत में ले लिया। इसके बाद उन्हें पूछताछ के लिए थाने ले जाया गया।

बड़ी संख्या में पहुंचे समर्थक

गिरफ्तारी की खबर फैलते ही इलाके में बड़ी संख्या में उनके समर्थक जमा हो गए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। समर्थकों ने पुलिस कार्रवाई को लेकर नाराजगी जताई। दूसरी ओर, भाजपा समर्थक भी मौके पर पहुंचे और हाथों में अंडे लेकर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान क्षेत्र में तनावपूर्ण स्थिति बनी रही, हालांकि पुलिस बल की मौजूदगी के कारण स्थिति नियंत्रण में रही।

आरोप है कि शनिवार को युवती को दोबारा परेशान किया गया और पुराने मामले को वापस लेने के लिए दबाव बनाया गया। शिकायत में यह भी कहा गया है कि उसे कथित रूप से धमकियां दी गईं। इसके बाद युवती के परिजनों ने स्थानीय थाने में नई शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर पुलिस ने कार्रवाई शुरू की।

पांच लोगों के खिलाफ केस दर्ज

पुलिस ने शनिवार रात इस मामले में जसीमुद्दीन के एक करीबी व्यक्ति को भी गिरफ्तार किया था। जांच के दौरान मिले तथ्यों और शिकायत के आधार पर पार्षद सहित कुल पांच लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच की जा रही है।

एफआईआर में आरोपियों पर अवैध गतिविधियों में शामिल होने, आपराधिक साजिश रचने, पीड़िता को धमकाने, उसकी पहचान उजागर करने तथा शीलभंग से जुड़े आरोप लगाए गए हैं। पॉक्सो अधिनियम के तहत दर्ज मामलों को गंभीर श्रेणी का अपराध माना जाता है, इसलिए पुलिस इस मामले में कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ रही है।

गौरतलब है कि यह गिरफ्तारी ऐसे समय हुई है जब एक दिन पहले ही कोलकाता नगर निगम के वार्ड संख्या 101 के पार्षद बाप्पादित्य दासगुप्ता को कथित रंगदारी और जबरन वसूली के मामले में गिरफ्तार किया गया था। दासगुप्ता तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ पार्षदों में गिने जाते थे और पार्टी के मुख्य सचेतक (चीफ व्हिप) पद की जिम्मेदारी भी संभाल चुके थे।

लगातार दो दिनों में टीएमसी के दो पार्षदों की गिरफ्तारी ने राज्य की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। विपक्षी दल इस मुद्दे को लेकर राज्य सरकार और सत्तारूढ़ दल पर निशाना साध रहे हैं, जबकि पुलिस का कहना है कि सभी कार्रवाई कानून और शिकायतों के आधार पर की जा रही है। फिलहाल मामले की जांच जारी है और आने वाले दिनों में इससे जुड़े और तथ्य सामने आने की संभावना है।

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