Global Economy Projections 2026: $126 ट्रिलियन होगा दुनिया का बाजार, भारत बनेगा चौथी सबसे बड़ी शक्ति

खबर सार :-
Global Economy Projections 2026: IMF के 2026 के ताजा आंकड़ों के अनुसार वैश्विक अर्थव्यवस्था $126 ट्रिलियन तक पहुंचेगी। जानें कैसे भारत, जापान को पछाड़कर दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने जा रहा है और कौन से देश विकास दर में सबसे आगे हैं।

Global Economy Projections 2026: $126 ट्रिलियन होगा दुनिया का बाजार, भारत बनेगा चौथी सबसे बड़ी शक्ति
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नई दिल्ली / वाशिंगटन : अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के अप्रैल 2026 के नवीनतम अनुमानों ने वैश्विक आर्थिक पटल पर एक नई तस्वीर पेश की है। रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया की कुल अर्थव्यवस्था अब 126 ट्रिलियन डॉलर के ऐतिहासिक आंकड़े को छूने की ओर अग्रसर है। इस विकास यात्रा में सबसे खास बात यह है कि जहां पारंपरिक पश्चिमी ताकतें धीमी गति से बढ़ रही हैं, वहीं भारत, वियतनाम और अफ्रीकी देश वैश्विक विकास के नए इंजन बनकर उभरे हैं।

Global Economy Projections 2026:  भारत की ऐतिहासिक छलांग

भारत की ऐतिहासिक छलांग भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए साल 2026 मील का पत्थर साबित होने वाला है। अनुमानों के मुताबिक, भारत लगभग 6.5% की शानदार विकास दर के साथ जापान को पीछे छोड़ते हुए दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा। भारत की नॉमिनल जीडीपी 4.15 ट्रिलियन से 4.5 ट्रिलियन डॉलर के बीच रहने की उम्मीद है। इस उछाल का मुख्य श्रेय देश में बुनियादी ढांचे (Infrastructure) के विस्तार और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में आई जबरदस्त तेजी को दिया जा रहा है।

Global Economy Projections 2026:  विकास की दौड़ में अफ्रीका और एशिया का दबदबा

विकास की दौड़ में अफ्रीका और एशिया का दबदबा हैरान करने वाले आंकड़े उन देशों से आ रहे हैं जिन्हें अक्सर मुख्यधारा की चर्चाओं में कम जगह मिलती है। 2026 में युगांडा 7.5% की विकास दर के साथ दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्थाओं में शीर्ष पर रह सकता है। इसके ठीक पीछे रवांडा (7.2%) और वियतनाम (7.1%) जैसे देश हैं, जो अपनी नीतियों के दम पर निवेशकों को आकर्षित कर रहे हैं। उज्बेकिस्तान (6.5%) और तंजानिया (5.9%) भी इस सूची में अपनी मजबूत स्थिति बनाए हुए हैं।

Global Economy Projections 2026:  शीर्ष देशों का हाल, अमेरिका और चीन अब भी आगे

आकार के मामले में संयुक्त राज्य अमेरिका 32.38 ट्रिलियन डॉलर के साथ अभी भी दुनिया की नंबर एक अर्थव्यवस्था बना हुआ है, हालांकि इसकी विकास दर 2.3% तक सीमित रहने का अनुमान है। वहीं, चीन 20.85 ट्रिलियन डॉलर के साथ दूसरे स्थान पर है, जिसकी विकास दर 4.5% से 4.8% के बीच सिमटती दिख रही है। यूरोप की बात करें तो जर्मनी (5.45 ट्रिलियन डॉलर) तीसरे स्थान पर तो है, लेकिन उसकी विकास दर महज 0.9% रहने की संभावना है, जो चिंता का विषय है। 2026 का आर्थिक परिदृश्य यह स्पष्ट करता है कि वैश्विक शक्ति का केंद्र अब पश्चिम से पूर्व और दक्षिण की ओर खिसक रहा है। भारत का चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनना न केवल एक सांख्यिकीय उपलब्धि है, बल्कि यह उभरते हुए देशों के बढ़ते प्रभाव का प्रतीक भी है।

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