Indian Share market Boom: सोमवार की भारी गिरावट के बाद मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार में जोरदार रिकवरी देखने को मिली। बाजार खुलते ही खरीदारी का माहौल बना और दिनभर तेजी कायम रही। प्रमुख सूचकांक बीएसई सेंसेक्स और निफ्टी 50 दोनों ही 1.5 प्रतिशत से अधिक की बढ़त के साथ बंद हुए। इस तेजी से निवेशकों को एक ही दिन में करीब 8 लाख करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ, जिससे बाजार में फिर से रौनक लौट आई।
विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिका और ईरान के बीच तनाव को लेकर आ रहे विरोधाभासी बयानों के बावजूद हालात में संभावित नरमी की उम्मीद ने निवेशकों के मनोबल को बढ़ाया। वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों ने भारतीय बाजार को मजबूती दी। इसका असर घरेलू निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता पर भी साफ दिखाई दिया।
कारोबार के अंत में निफ्टी 50 399.75 अंक यानी 1.78 प्रतिशत की तेजी के साथ 22,912.40 पर बंद हुआ। वहीं बीएसई सेंसेक्स 1,372.06 अंक या 1.89 प्रतिशत चढ़कर 74,068.45 के स्तर पर बंद हुआ। इंट्रा-डे कारोबार के दौरान सेंसेक्स ने 74,489.39 का उच्चतम स्तर छुआ, जबकि निफ्टी 23,057.30 तक पहुंच गया। यह दर्शाता है कि पूरे दिन बाजार में खरीदारी का दबदबा रहा।
बेंचमार्क सूचकांकों के साथ-साथ व्यापक बाजारों में भी शानदार तेजी दर्ज की गई। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में 2.60 प्रतिशत और स्मॉलकैप इंडेक्स में 2.63 प्रतिशत की बढ़त देखी गई। यह संकेत देता है कि निवेशकों ने बड़े शेयरों के साथ-साथ मझोले और छोटे शेयरों में भी जमकर निवेश किया।
सेक्टोरल प्रदर्शन की बात करें तो ऑटो और बैंकिंग शेयरों ने बाजार को मजबूती दी। ऑटो सेक्टर में 2.43 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई, जबकि निफ्टी बैंक इंडेक्स 2.27 प्रतिशत चढ़ा। इसके अलावा मीडिया सेक्टर में 3.45 प्रतिशत की जोरदार तेजी देखने को मिली। आईटी सेक्टर में 1.72 प्रतिशत और एफएमसीजी सेक्टर में 1.25 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई, जिससे बाजार में व्यापक स्तर पर खरीदारी का माहौल बना रहा।
निफ्टी50 में कई दिग्गज कंपनियों के शेयरों में शानदार उछाल दर्ज की गई। इंटरग्लोब एविएशन (इंडिगो) के शेयर 5.49 प्रतिशत चढ़े, जबकि लार्सन एंड टुब्रो में 5.17 प्रतिशत की तेजी आई। इसके अलावा बजाज फाइनेंस, एशियन पेंट्स और अपोलो हॉस्पिटल जैसे शेयरों में भी अच्छी खरीदारी देखी गई। दूसरी ओर कोल इंडिया लिमिटेड, पावर ग्रिड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया, सन फार्मा और सिप्ला के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई।
इस तेजी का सबसे बड़ा फायदा निवेशकों को मिला। बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण 7.74 लाख करोड़ रुपये बढ़कर 422.85 लाख करोड़ रुपये हो गया, जो एक दिन पहले 415.11 लाख करोड़ रुपये था। इस तरह निवेशकों की संपत्ति में एक ही दिन में भारी इजाफा हुआ।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर वैश्विक स्तर पर तनाव कम होता है और कच्चे तेल की कीमतें नियंत्रित रहती हैं, तो भारतीय बाजार में आगे भी तेजी बनी रह सकती है। हालांकि, निवेशकों को सतर्क रहकर निवेश करने की सलाह दी जा रही है, क्योंकि वैश्विक परिस्थितियां अभी भी पूरी तरह स्थिर नहीं हैं।
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