काशी से बाहर शिफ्ट होंगी मांस-मछली की दुकानें, जानिए क्यों लिया गया ऐसा फैसला
खबर सार :-
नगर निगम प्रशासन का मानना है कि इस कदम से शहर की स्वच्छता व्यवस्था में सुधार होगा। वर्तमान में कई स्थानों पर खुले में मांस और मछली की बिक्री के कारण गंदगी और दुर्गंध की शिकायतें सामने आती रही हैं।
खबर विस्तार : -
वाराणसीः धार्मिक और सांस्कृतिक नगरी काशी की पहचान को और सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से वाराणसी नगर निगम ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। नगर निगम सदन की बैठक में प्रस्ताव पारित कर यह तय किया गया है कि शहर के भीतर संचालित होने वाली सभी मांस और मछली की दुकानों को चरणबद्ध तरीके से शहर की सीमा से बाहर स्थानांतरित किया जाएगा। इस फैसले को काशी की सांस्कृतिक छवि, स्वच्छता और पर्यटन को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
निर्धारित स्थानों पर होगा स्थानांतरण
नगर निगम के अनुसार, वाराणसी देश ही नहीं बल्कि दुनिया भर में अपनी धार्मिक और आध्यात्मिक पहचान के लिए प्रसिद्ध है। हर महीने लाखों श्रद्धालु और पर्यटक यहां दर्शन और भ्रमण के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में शहर के विभिन्न हिस्सों में खुले तौर पर मांस और मछली की बिक्री को लेकर लंबे समय से आपत्तियां उठाई जा रही थीं। निगम का मानना है कि इससे शहर की सांस्कृतिक और धार्मिक छवि प्रभावित होती है।
नगर निगम सदन में पारित प्रस्ताव के तहत शहर के अंदर स्थित सभी मांस और मछली की दुकानों को अगले छह महीनों के भीतर निर्धारित स्थानों पर स्थानांतरित किया जाएगा। प्रशासन ने इसके लिए शहर के बाहर पांच प्रमुख क्षेत्रों को चिह्नित किया है, जहां इन दुकानों को व्यवस्थित तरीके से संचालित किया जाएगा। इनमें रामनगर, डुमरी, शिवपुर, चितईपुर सहित अन्य स्थान शामिल हैं।
अधिकारियों का कहना है कि नई व्यवस्था के तहत दुकानदारों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। नए बाजारों में स्वच्छता, पेयजल, बिजली, कचरा प्रबंधन और पार्किंग जैसी बुनियादी सुविधाओं का प्रबंध किया जाएगा ताकि व्यापारियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। इसके साथ ही दुकानों के संचालन को वैधानिक रूप से व्यवस्थित करने की दिशा में भी काम किया जाएगा। दुकानों के एक निर्धारित क्षेत्र में स्थानांतरण से सफाई व्यवस्था को बेहतर ढंग से संचालित किया जा सकेगा और शहर की सड़कों व सार्वजनिक स्थलों का वातावरण भी अधिक स्वच्छ रहेगा।
मेयर अशोक कुमार तिवारी ने दी जानकारी
इस प्रस्ताव पर प्रतिक्रिया देते हुए वाराणसी के मेयर अशोक कुमार तिवारी ने कहा कि वर्तमान में संचालित अधिकांश मांस और मछली की दुकानें विधिसम्मत तरीके से पंजीकृत नहीं हैं। उन्होंने कहा कि नगर निगम का उद्देश्य किसी का व्यापार बंद करना नहीं है, बल्कि उसे कानूनी और व्यवस्थित स्वरूप देना है।
मेयर ने कहा कि कोई भी दुकान वैध नहीं है। ये सभी गैर-अधिकृत तरीके से संचालित हो रही हैं। हमारा उद्देश्य इन्हें बंद करना नहीं बल्कि नियमों के तहत संचालित करना है। शहर के बाहर इनके लिए उपयुक्त स्थान विकसित किए जा रहे हैं, जहां सभी दुकानों को एक स्थान पर व्यवस्थित रूप से संचालित किया जाएगा।
उन्होंने आगे कहा कि काशी केवल एक शहर नहीं बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है। यहां देश-विदेश से बड़ी संख्या में पर्यटक और श्रद्धालु आते हैं। वे यहां धार्मिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक अनुभव के लिए आते हैं। इसलिए शहर की पहचान और गरिमा को बनाए रखना नगर निगम की प्राथमिकता है।
नगर निगम जल्द ही दुकानदारों को नए स्थानों पर दुकान आवंटित करने की प्रक्रिया शुरू करेगा। प्रशासन का दावा है कि इस योजना से व्यापारियों के हितों की भी रक्षा होगी और शहर की सांस्कृतिक विरासत तथा स्वच्छता को भी मजबूती मिलेगी। आने वाले महीनों में इस फैसले के क्रियान्वयन पर सभी की नजरें टिकी रहेंगी।
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