Tariff War: भारत से आयात होने वाली वस्तुओं पर लगाया 27 प्रतिशत टैरिफ
खबर सार :-
डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को भारत से आने वाली वस्तुओं पर 27 प्रतिशत रेसिफोकल ‘टैरिफ’ लगाने का आदेश जारी कर दिया है।
खबर विस्तार : -
नई दिल्लीः अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के फैसलों से दुनिया भर के देश हैरान है। उन्होंने भारत समेत दुनिया के करीब 180 से ज्यादा देशों पर रेसिप्रोकल टैरिफ लगा दिया है, जिससे पूरी दुनिया में हलचल मच गयी है। डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को भारत से आने वाली वस्तुओं पर 27 प्रतिशत रेसिफोकल ‘टैरिफ’ लगाने का आदेश जारी कर दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति के इस आदेश के बाद भारत के विदेश मंत्री जयशंकर प्रसाद और वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अध्यक्ष पीयूष गोयल ने कहा कि वाणिज्य विभाग इन आदेशों के निहितार्थों की सावधानीपूर्वक जांच की जा रही है।
Tariff War: आयात होने वाली वस्तुओं पर लगेगा अतिरिक्त शुल्क
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रेसिप्रोकल टैरिफ पर एक कार्यकारी आदेश जारी किया, जिसमें उसके सभी व्यापारिक साझेदारों से आयात पर 10 प्रतिशत से 50 प्रतिशत तक अतिरिक्त मूल्यानुसार शुल्क लगाया गया है। इसमें 10 प्रतिशत का बेसलाइन शुल्क 5 अप्रैल, 2025 से प्रभावी होगा और शेष देश-विशिष्ट अतिरिक्त मूल्यानुसार शुल्क 9 अप्रैल से लागू होगा। वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के मुताबिक भारत के लिए अतिरिक्त शुल्क 27 प्रतिशत है। वाणिज्य विभाग अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा की गई घोषणाओं के निहितार्थों की सावधानीपूर्वक जांच कर रहा है। 'विकसित भारत' के दृष्टिकोण को ध्यान में रखते हुए, 'विभाग' भारतीय उद्योग और निर्यातकों सहित सभी हितधारकों के साथ मिलकर टैरिफ को लेकर उनके आकलन पर प्रतिक्रिया ले रहा है और स्थिति का आकलन कर रहा है। विभाग अमेरिकी व्यापार नीति में इस नए विकास के कारण उत्पन्न होने वाले अवसरों का भी अध्ययन कर रहा है।
2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने का लक्ष्य
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 13 फरवरी को मिशन 500 की घोषणा की थी, जिसका लक्ष्य 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना से अधिक बढ़ाकर 500 बिलियन डॉलर करना है। इसी के अनुसार, पारस्परिक रूप से लाभकारी, बहु-क्षेत्रीय द्विपक्षीय व्यापार समझौते के शीघ्र परिणामों के लिए भारतीय और अमेरिकी व्यापार टीमों के बीच चर्चा चल रही है। इनमें सप्लाई चेन इंटीग्रेशन को मजबूत करने सहित आपसी हितों के कई मुद्दे शामिल हैं। यह भी कहा गया है कि यह बातचीत दोनों देशों को व्यापार, निवेश और टेक्नोलॉजी ट्रांसफर बढ़ाने को लेकर केंद्रित है। हम इन मुद्दों पर ट्रंप प्रशासन के संपर्क में हैं और आने वाले दिनों में इसे आगे बढ़ाने की उम्मीद करते हैं।
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