Indian Economy Growth: भारत की जीडीपी अगले तीन वर्षों में सालाना 6.8 प्रतिशत बढ़ेगी: एसएंडपी ग्लोबल की रिपोर्ट
खबर सार :-
वैश्विक रेटिंग एजेंसी एसएंडपी ग्लोबल रेटिंग्स ने भारतीय अर्थव्यवस्था से जुड़ी एक रिपोर्ट जारी की है, जिसमें बताया गया है कि भारत की अर्थव्यवस्था अगले तीन वर्षों में 6.8 फीसदी की दर से आगे बढ़ेगी। तो आइए जानते हैं, भारतीय अर्थव्यवस्था की प्रगति और एसएंडपी ग्लोबल की रिपोर्ट के बारे में...........
खबर विस्तार : -
नई दिल्लीः वैश्विक रेटिंग एजेंसी एसएंडपी ग्लोबल (S&P Global) ने भारत की आर्थिक स्थिति को लेकर एक अहम अनुमान पेश किया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत अगले तीन वर्षों में सालाना औसतन 6.8 प्रतिशत की दर से जीडीपी वृद्धि दर्ज करेगा। यह भारत की मजबूत आर्थिक बुनियादी संरचना, स्थिर नीतियों और राजकोषीय अनुशासन का प्रमाण है।
भारत बनी सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था
एसएंडपी ग्लोबल की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत विश्व की प्रमुख उभरती अर्थव्यवस्थाओं में सबसे बेहतर प्रदर्शन कर रहा है। रिपोर्ट में कहा गया कि वर्ष 2025 के लिए भारत की रियल जीडीपी वृद्धि दर 6.5 प्रतिशत रहने की संभावना है, जो वैश्विक मंदी की आशंकाओं के बीच एक मजबूत संकेत है।
सरकार की नीतियों का असर
एसएंडपी ने भारत सरकार के राजकोषीय दृष्टिकोण की सराहना की है। रिपोर्ट में बताया गया है कि सरकार ने इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश को प्राथमिकता दी है, जिससे विकास की गति को बल मिला है। वर्ष 2026 तक केंद्र सरकार का पूंजीगत व्यय बढ़कर 11.2 ट्रिलियन रुपये तक पहुंच सकता है, जो जीडीपी का लगभग 3.1 प्रतिशत होगा। राज्यों के पूंजी निवेश को जोड़ने पर यह आंकड़ा 5.5 प्रतिशत तक पहुंचने का अनुमान है।
मुद्रास्फीति पर नियंत्रण और स्थिरता
रिपोर्ट में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति की भी तारीफ की गई है। बीते तीन वर्षों में वैश्विक ऊर्जा संकट और आपूर्ति श्रृंखला में बाधाओं के बावजूद भारत की उपभोक्ता मूल्य मुद्रास्फीति दर औसतन 5.5 प्रतिशत रही है। हालिया महीनों में यह दर 2 प्रतिशत से 6 प्रतिशत के भीतर रही है, जो आरबीआई के लक्ष्य के अनुसार है।
क्रेडिट रेटिंग और आर्थिक विश्वास
एसएंडपी का मानना है कि भारत की तेज आर्थिक वृद्धि से क्रेडिट मेट्रिक्स में सुधार होगा, जिससे देश की वैश्विक आर्थिक साख और मजबूत होगी। रिपोर्ट यह भी दर्शाती है कि कनेक्टिविटी और बुनियादी ढांचे में सुधार भारत के दीर्घकालिक विकास में रुकावट बनने वाले कारकों को समाप्त करेगा।
भारत की अर्थव्यवस्था विश्व मंच पर मजबूत
एसएंडपी ग्लोबल की यह रिपोर्ट दर्शाती है कि भारत की अर्थव्यवस्था न केवल स्थिर है, बल्कि भविष्य के लिए तैयार भी है। मजबूत नीति, निवेश में वृद्धि और मुद्रास्फीति पर नियंत्रण जैसे तत्व मिलकर भारत को अगले दशक की आर्थिक महाशक्ति बनाने की दिशा में अग्रसर कर रहे हैं।
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