प्रदेश में मोटे अनाज का रकबा बढ़ेगा
खबर सार :-
कृषि निदेशालय की ओर से इन दिनों यूपी में प्री-खरीफ की कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है।
खबर विस्तार : -
लखनऊः कृषि निदेशालय की ओर से इन दिनों यूपी में प्री-खरीफ की कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। कृषि मंत्री के साथ कृषि राज्य मंत्री, प्रमुख सचिव, सचिव, विशेष सचिव, प्रबन्ध निदेशक बीज विकास निगम एवं कृषि निदेशक सक्रिय हैं। कार्यशाला में लखनऊ, कानपुर, अयोध्या, देवीपाटन, बस्ती एवं गोरखपुर मंडल के मंडल स्तरीय अधिकारी एवं जनपद के उप कृषि निदेशक तथा जिला कृषि अधिकारी को सक्रिय रहने के लिए कहा गया है। बीते दिनों कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने किसानों को ज्यादा से ज्यादा लाभ दिलाने वाली योजनाओं के अलावा प्रदेश में मोटे अनाज का रकबा बढ़ाने पर जोर दिया।
कृषि मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वह जनपदों का नियमित रूप से भ्रमण करें तथा संचालित योजनाओं एवं प्रदर्शनों का सत्यापन कर जनपदीय फसलों के आच्छादन, उत्पादन एवं उत्पादकता में वृद्धि करने की रणनीति तैयार करें। ढैंचा एवं जिप्सम की जनपदों में आपूर्ति सुनिश्चित कराते हुए कृषकों को उसके उपयोग के सम्बन्ध में विस्तृत जानकारी दें। जनपदीय एवं मण्डलीय अधिकारी जनपद के लिए आवश्यक फसलों की सामान्य एवं संकर प्रजातियों की सूचना अपर कृषि निदेशक (बीज एवं प्रक्षेत्र) को उपलब्ध करा दें। प्रत्येक दशा में धान की नर्सरी 15 मई तक पूर्ण करते हुए रोपाई का कार्य 15 जून तक संपन्न करा लें।। प्रक्षेत्र के समस्त खंडों एवं योजनान्तर्गत आयोजित किए जाने वाले प्रदर्शनों के प्लाट का शत-प्रतिशत मृदा परीक्षण कराएं। उर्वरकों का प्रयोग संस्तुति के आधार पर हो।
प्रदर्शनों पर बोर्ड लगाते हुए निर्धारित सूचनाएं अंकित करें। प्रदर्शनों में दलहनी एवं तिलहनी फसलों को प्राथमिकता दें। एक विजिटर रजिस्टर रखें, जिसमें उस प्रदर्शन का भ्रमण करने वाले प्रत्येक किसान का विवरण अंकित करें। धान एवं गेहूं के रकबा को कम कर दलहनी, तिलहनी एवं मोटे अनाज का रकबा बढ़ाने का प्रयास करें। जनपदों में आयोजित होने वाली क्राप कटिंग में अधिकारी एवं कर्मचारी शत-प्रतिशत प्रतिभाग करें। गन्ने एवं मक्के के साथ यथासंभव अंतः फसली खेती को बढ़ावा दिया जाना चाहिए। मक्का एवं अरहर के आच्छादन में वृद्धि करते हुए उसके उत्पादन की तकनीक कृषकों तक पहुँचायी जाए। कृषि विभाग स्थापना के 150 वां वर्ष मना रहा है ,जिसे हम बीज वर्ष के रूप में मना रहे है। अच्छी गुणवत्ता के बीज उपलब्ध कराते हुए यथासंभव प्रयास कर अभियान चलाकर फसलों के उत्पादन एवं उत्पादकता बढ़ाने का प्रयास करते हुए कृषि की विकास दर 20 प्रतिशत से ऊपर ले जाने का प्रयास किया जाए।
अन्य प्रमुख खबरें
-
कैंथल में सरकारी प्लानः मंडी में सड़ रहा paddy, नुकसान उठाए किसान
2026-10-15
-
अवसरों का लाभ लेने को तैयार हैं महिलाएं, फसल देसी हो या हो विदेशी
2026-10-15
-
modern होगा किसान मेला, Solar से चलेगा थ्रेशर
2026-10-14
-
किसानों तक लाभ पहुंचाएंगे योजना अधिकारी, समय में काम निपटाने के निर्देश
2026-10-13
-
दो गुनी आय के लिए मददगार होगा खेतों में भरा पानी, रांठ में खेतों में बना रहे तालाब
2026-10-13
-
गुजरात में दमन-गंगा नदी पर जल्द बनेगा बैराज, सिंचाई को होगा फायदा
2026-10-12
-
धन मिलते ही खर्च का ब्योरा तैयार, बीज और खाद का बजट भी जारी
2026-10-11
-
उद्यानिकी योजनाओं से खेती को मिला नया विस्तार, परिवार की आर्थिक स्थिति हुई मजबूत
2026-10-10
-
बूंद-बूंद पानी की कीमत समझ रही सरकार, तेलंगाना के कई जिलों में पानी की हाहाकार
2026-10-10
-
MP में MSP पर धान खरीद के लिए 6.80 लाख किसानों ने कराया रजिस्ट्रेशन
2026-10-09
-
कर्नाटक में सूखे से 90 प्रतिशत फसलें प्रभावित, राज्य सरकार देगी राहत
2026-10-08
-
रबी उत्पादन में 30 लाख मीट्रिक टन वृद्धि का लक्ष्य, दलहन-तिलहन के बीजों पर अनुदान
2026-10-07
-
Siwan में उद्यान निदेशालय खुशबू पर फिदा, अनुदान देकर उगवा रहे गेंदा फूल
2026-10-07
-
UP में बाढ़ से प्रभावित किसानों को मिलेगी मदद, 12 अक्टूबर तक होगा सर्वे
2026-10-06
-
बांदा की प्राकृतिक खेती और देशी बीज संरक्षण की पहल को सराहा
2026-10-06