सुलतानपुर : उत्तर प्रदेश में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में यूपी एसटीएफ (Special Task Force) को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। एसटीएफ की लखनऊ इकाई ने सुल्तानपुर पुलिस के सहयोग से एक अंतरराज्यीय ड्रग्स तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने करीब 15.20 कुंतल गांजा बरामद किया है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत 3.80 करोड़ रुपये बताई जा रही है।
क्षेत्राधिकारी नगर सौरभ सामन्त ने बुधवार को आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस पूरे मामले का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि एसटीएफ को पिछले काफी समय से विभिन्न राज्यों से उत्तर प्रदेश में होने वाली मादक पदार्थों की अवैध सप्लाई की सूचनाएं मिल रही थीं। इसी क्रम में मंगलवार रात एसटीएफ को सटीक जानकारी मिली कि उड़ीसा से गांजे की एक बड़ी खेप यूपी में प्रवेश करने वाली है। एसटीएफ की लखनऊ टीम ने स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर सुल्तानपुर-लखनऊ हाईवे पर जाल बिछाया और संदिग्ध ट्रक (नंबर UP 12 BT 8181) को रोककर उसकी तलाशी ली।
हाईवे पर घेराबंदी के दौरान जब संदिग्ध ट्रक को रोककर उसकी सघन तलाशी ली गई, तो पुलिस टीम के होश उड़ गए। ट्रक के भीतर बड़ी ही चतुराई से भारी मात्रा में अवैध गांजा छिपाकर रखा गया था। इस मौके पर एसटीएफ ने ट्रक में सवार दो आरोपितों को रंगे हाथों हिरासत में लिया। पकड़े गए तस्करों की पहचान मुजफ्फरनगर निवासी नासिर और लखनऊ के पारा थाना क्षेत्र के रहने वाले वंश आर्या के रूप में हुई है। पुलिस इन दोनों से गिरोह के अन्य सदस्यों के बारे में पूछताछ कर रही है।
पुलिस पूछताछ में गिरफ्तार आरोपितों ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। उन्होंने बताया कि वे मुजफ्फरनगर निवासी सत्येन्द्र कुमार के गिरोह के लिए काम करते हैं। सत्येन्द्र का नेटवर्क पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उसके सीमावर्ती राज्यों में फैला हुआ है। आरोपितों के अनुसार, सत्येन्द्र ने ही उन्हें उड़ीसा भेजा था, जहाँ पहले से लोड किए गए ट्रक को उन्हें गंतव्य तक पहुँचाना था। इस काम के बदले उन्हें 50 हजार रुपये देने का लालच दिया गया था। पुलिस अब गिरोह के सरगना सत्येन्द्र कुमार की गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है।
यूपी एसटीएफ और सुल्तानपुर पुलिस ने ट्रक को जब्त कर लिया है और बरामद माल को मालखाने में जमा कराया गया है। गिरफ्तार किए गए दोनों तस्करों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया गया है। क्षेत्राधिकारी ने बताया कि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान की जा रही है ताकि नशे के इस काले कारोबार की कमर तोड़ी जा सके।
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