Jhansi News : ढाई साल पुराने भूमि विवाद का डीएम ने कराया निस्तारण, लापरवाह लेखपालों पर एक्शन

खबर सार :-
जिलाधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित एक जन-संवाद सत्र के दौरान, ढाई वर्ष से चला आ रहा एक विवाद सुलझा लिया गया, हालाँकि, इस दौरान  लेखपाल  (राजस्व अधिकारी) की लापरवाही उजागर हो गई। परिणामस्वरूप, संबंधित  लेखपालों  का वेतन रोक दिया गया है और उनके विरुद्ध विभागीय कार्रवाई शुरू की जाएगी।
Jhansi News : ढाई साल पुराने भूमि विवाद का डीएम ने कराया निस्तारण, लापरवाह लेखपालों पर एक्शन
खबर विस्तार : -

Jhansi News: जनपद झांसी में जिलाधिकारी गौरांग राठी की पहल पर एक ढाई साल से अधिक समय से लंबित भूमि विवाद का समाधान होने के साथ ही मामले में लापरवाही बरतने वाले संबंधित लेखपालों पर कार्रवाई की तैयारी शुरू हो गई है। जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि इस प्रकरण में जिम्मेदार पाए गए लेखपालों का वेतन बाधित किया जाए तथा उनके विरुद्ध विभागीय कार्रवाई अमल में लाई जाए।

जिलाधिकारी गौरांग राठी ने अपने महत्वाकांक्षी कार्यक्रम "जनसंवाद" के तहत कलेक्ट्रेट स्थित कार्यालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ग्राम पहलगुवां, ब्लॉक बड़ागांव के निवासियों की शिकायत सुनी। शिकायतकर्ताओं ने बताया कि गांव की सरकारी भूमि, जिसमें आराजी संख्या 892 (खलिहान), 889 (नवीन परती), 885 और 886 (खाद गड्ढे) शामिल हैं, पर प्रभावशाली लोगों ने अवैध कब्जा कर खेती शुरू कर दी है। इसके कारण ग्रामीणों का आवागमन भी बाधित हो गया है।

ग्रामीणों के अनुसार वर्ष 2023 से लेकर अब तक कई बार तहसील दिवस, उपजिलाधिकारी कार्यालय और जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायतें दर्ज कराई गईं, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। आरोप है कि क्षेत्रीय लेखपालों ने बार-बार भ्रामक आख्या प्रस्तुत करते हुए रिपोर्ट में लिखा कि खेतों में फसल खड़ी है या पानी भरा है, इसलिए पैमाइश संभव नहीं है। जब खेत खाली होते थे, तब भी पैमाइश के लिए मौके पर नहीं पहुंचा जाता था।

जनसुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता जगदीश प्रसाद सहित कई ग्रामीण वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़े। इस दौरान उपजिलाधिकारी सदर और तहसीलदार भी उपस्थित रहे। सुनवाई में एसडीएम सदर ने स्वीकार किया कि पूर्व और वर्तमान लेखपालों द्वारा प्रस्तुत की गई भ्रामक रिपोर्टों के कारण मामले का निस्तारण लंबे समय तक नहीं हो सका।

मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी गौरांग राठी ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने निर्देश दिए कि संबंधित अवधि में तैनात सभी लेखपालों की भूमिका की जांच की जाए तथा उनकी लापरवाही के लिए वेतन बाधित करते हुए विभागीय कार्रवाई शुरू की जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि भविष्य में इस प्रकार की शिकायतें मिलने पर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ और अधिक कठोर कदम उठाए जाएंगे।

जिलाधिकारी ने कहा कि "सेवा-संवाद-समाधान" कार्यक्रम का उद्देश्य प्रशासन और आम जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित करना है, ताकि समस्याओं का त्वरित एवं पारदर्शी समाधान सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनसमस्याओं के निस्तारण में संवेदनशीलता, जवाबदेही और समयबद्धता का विशेष ध्यान रखा जाए।

कार्यक्रम के दौरान अपर जिलाधिकारी (न्याय) अरुण कुमार गौड़, ई-डिस्ट्रिक्ट मैनेजर आकाश रंजन तथा वरिष्ठ सहायक शिवाकांत सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे। इस कार्रवाई से ग्रामीणों में प्रशासन के प्रति विश्वास बढ़ा है और उन्हें उम्मीद है कि सरकारी भूमि को जल्द कब्जामुक्त कराया जाएगा।
 

यह भी पढ़ेंः-Jhansi News: सट्टेबाजों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर सियासी बहस तेज, बीजेपी विधायक ने उठाए सवाल

अन्य प्रमुख खबरें