झांसी में अवैध खनन पर सख्त हुआ प्रशासन, डीएम गौरांग राठी ने दिए कड़े निर्देश

खबर सार :-
डीएम गौरांग राठी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अवैध खनन वाले क्षेत्रों की सूची तैयार कर ड्रोन के माध्यम से निगरानी की जाए। उन्होंने कहा कि ड्रोन की मदद से रात के समय भी निगरानी की जाएगी ताकि अवैध खनन पर प्रभावी कार्रवाई हो सके।
झांसी में अवैध खनन पर सख्त हुआ प्रशासन, डीएम गौरांग राठी ने दिए कड़े निर्देश
खबर विस्तार : -

झांसीः अवैध खनन, ओवरलोडिंग और अवैध परिवहन की लगातार मिल रही शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी गौरंग राठी ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने जिला और तहसील स्तरीय टास्क फोर्स समितियों को जनपद में संचालित सभी बालू, पत्थर और मोरम पट्टों का शत-प्रतिशत औचक निरीक्षण करने के निर्देश दिए हैं।

जिलाधिकारी ने कार्यालय सभागार से ज़ूम ऐप के माध्यम से आयोजित जिला एवं तहसील स्तरीय टास्क फोर्स समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि शासन की प्राथमिकता जनपद में अवैध खनन और अवैध परिवहन को पूरी तरह रोकना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि नियमित रूप से खनन क्षेत्रों और बालू घाटों का निरीक्षण किया जाए और नियमों का उल्लंघन मिलने पर तत्काल सख्त कार्रवाई की जाए।

उन्होंने बताया कि जनपद में एसओपी (स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर) लागू की गई है, जिसका उद्देश्य संगठित तरीके से हो रहे अवैध खनन पर एकरूपता और दक्षता के साथ कार्रवाई सुनिश्चित करना है।

इन बिंदुओं पर रहेगा फोकस

जिलाधिकारी ने कहा कि निरीक्षण के दौरान यह सुनिश्चित किया जाए कि खनन क्षेत्र में प्रवेश गेट, पिलर, एमएम-11 पर्ची और स्कैनर मौजूद हों। यदि इनमें से कोई व्यवस्था नहीं मिलती है तो उसे अवैध खनन माना जाएगा और संबंधित के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कार्रवाई की फोटो सहित लिखित रिपोर्ट जिलाधिकारी कार्यालय को भेजी जाए। साथ ही एसडीएम को टास्क फोर्स समिति की गतिविधियों की नियमित मॉनिटरिंग करने को कहा गया।

बिना नंबर प्लेट वाले वाहनों पर भी कार्रवाई

डीएम ने स्पष्ट कहा कि बालू, गिट्टी और मोरम का परिवहन करने वाले जिन वाहनों पर नंबर प्लेट नहीं होगी या प्लेट गंदी मिलेगी, उन्हें अवैध परिवहन माना जाएगा। ऐसे वाहनों को तत्काल सीज करने के निर्देश दिए गए हैं।

उन्होंने कहा कि यदि कोई वाहन एमएम-11 दस्तावेज के बिना खनिज परिवहन करता पाया गया तो उसके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई होगी। एआरटीओ विभाग को निर्देशित किया गया कि ब्लैकलिस्टेड वाहनों को सीज कर उन्हें स्क्रैप कराने की कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाए।

हाईवे पर लगाए गए हाईटेक चेक गेट

अवैध परिवहन पर रोक लगाने के लिए प्रशासन द्वारा मुख्य मार्गों पर मानव रहित तकनीक आधारित चेक गेट स्थापित किए गए हैं। जिलाधिकारी ने इन चेक गेट्स पर अलार्म सिस्टम को सक्रिय रखने के निर्देश दिए ताकि ओवरलोड वाहनों की सूचना तुरंत संबंधित थानों तक पहुंच सके।

ये चेक गेट झांसी-कानपुर हाईवे पर पूंछ चेक गेट, गुरसराय-कोटरा रोड, बड़ा गांव (सेमरी टोल प्लाजा के पास) और खैलार (बबीना टोल प्लाजा के पास) पर लगाए गए हैं। इसके अलावा सात ऐसे मार्गों की पहचान की गई है जहां से अवैध खनन और परिवहन की गतिविधियां अधिक होती हैं। वहां वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा औचक जांच अभियान चलाया जाएगा।

बैठक में मौजूद रहे वरिष्ठ अधिकारी

बैठक में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक BBGTS मूर्ति, एडीएम प्रशासन अरुण कुमार गौर, एसपी आरए डॉ. अरविंद कुमार, एसपी सिटी प्रीति सिंह, वरिष्ठ खनन अधिकारी शैलेंद्र सिंह सहित सभी उपजिलाधिकारी, तहसीलदार और संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आने वाले समय में अवैध खनन और परिवहन के खिलाफ अभियान और तेज किया जाएगा तथा दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।

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