Womens Reservation Bill LIVE: 131वां संविधान संशोधन बिल जिसे महिला आरक्षण बिल, 2026 के नाम से भी जाना जाता है लोकसभा में पास नहीं हो पाया। इस पर काफ़ी चर्चाएं हुईं और सदन के भीतर ही वोटिंग की प्रक्रिया पूरी की गई। यह बिल पारित कराने के लिए दो तिहाई बहुमत की जरूरत थी। लेकिन सरकार को दो तिहाई बहुमत नहीं मिल पाया। वहीं बिल पास न होने पर भाजपा के सहयोगी दल लगातार विपक्ष पर निशाना साध रहे हैं।
इस बीच साउथ सिनेमा के एक जाने-माने अभिनेता और जन सेना पार्टी के संस्थापक पवन कल्याण (Pawan Kalyan ) महिला आरक्षण संशोधन बिल के पास न हो पाने से बेहद निराश हैं। अभिनेता ने इस नतीजे के लिए विपक्ष की कड़ी आलोचना की है, और उन पर आरोप लगाया है कि उन्होंने जान-बूझकर सिर्फ राजनीतिक फायदे के लिए महिलाओं को उनके अधिकारों से वंचित किया है। इसके अलावा, पवन कल्याण ने प्रधानमंत्री मोदी की महिला-केंद्रित नीतियों की खुलकर तारीफ की है और उन्हें अपना समर्थन दिया है।
पवन कल्याण ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म 'X' के ज़रिए विपक्ष पर ज़ोरदार हमला बोला। अभिनेता के अनुसार, विपक्ष ने जान-बूझकर बिल के पास होने में रुकावट डाली। 'X' पर अभिनेता ने लिखा: "भारत की विधानसभाओं में महिलाओं के प्रतिनिधित्व को मज़बूत करने का एक ऐतिहासिक अवसर विपक्ष ने जान-बूझकर रोक दिया है। विपक्ष का यह रवैया साफ़ करता है कि उनमें भारत के लोकतंत्र को मज़बूत करने या महिलाओं को सशक्त बनाने के उद्देश्य से किए जा रहे बदलाव लाने वाले सुधारों का समर्थन करने की कोई नीयत नहीं है।"
पवन कल्याण (Pawan Kalyan ) का कहना है कि विपक्ष ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि वे राष्ट्रीय प्रगति के बजाय राजनीतिक फ़ायदे को ज़्यादा अहमियत देते हैं एक ऐसा रवैया जिसने आखिरकार महिलाओं के अधिकारों को कमज़ोर किया है। उन्होंने आगे लिखा: "इस ऐतिहासिक सुधार का समर्थन करना महिलाओं को सशक्त बनाने और लोकतांत्रिक मूल्यों को मज़बूत करने के प्रति एक सामूहिक प्रतिबद्धता को दिखाता है। NDA के सहयोगी के तौर पर, जन सेना पार्टी माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के दूरदर्शी नेतृत्व का पूरे दिल से स्वागत और तारीफ़ करती है, जिन्होंने संसद के सामने यह अहम बिल पेश किया। अगर यह बिल पास हो जाता, तो यह पूरे देश में लाखों महिलाओं के लिए गर्व और प्रगति का एक निर्णायक पल होता।"
गौरतलब है कि महिला आरक्षण संशोधन बिल को पास करने के लिए दो-तिहाई बहुमत की जरूरत थी। वोटों की गिनती में बिल के पक्ष में 298 वोट पड़े और विरोध में 230 जो जरूरी बहुमत से कम थे। संशोधन बिल के पास न हो पाने के बाद, इस मुद्दे पर हर तरफ जोरदार बहस छिड़ गई है; राजनीतिक गलियारों से लेकर सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म तक, हर जगह से लोग अपने-अपने विचार रख रहे हैं।
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