Vedanta Power Plant Accident: वेदांता हादसे की जांच करेगी केंद्रीय टीम

खबर सार :-
छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले की डभरा तहसील स्थित वेदांता पावर प्लांट में हुए भीषण हादसे की जांच के लिए केंद्र सरकार की एक टीम जल्द ही जांच शुरू कर सकती है। हादसे में कई श्रमिकों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से जख्मी हो गए।

Vedanta Power Plant Accident: वेदांता हादसे की जांच करेगी केंद्रीय टीम
खबर विस्तार : -

Vedanta Power Plant Accident: छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले की डभरा तहसील स्थित वेदांता पावर प्लांट में हुए भीषण हादसे की जांच के लिए केंद्र सरकार की एक टीम जल्द ही जांच शुरू कर सकती है। हादसे में कई श्रमिकों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से जख्मी हो गए। जांच टीम में औद्योगिक सुरक्षा विभाग और बॉयलर निरीक्षक विभाग के अधिकारी शामिल हैं।

14 अप्रैल को हुआ था हादसा

एक रिपोर्ट के अनुसार, यह टीम शनिवार को दिल्ली से सक्ती पहुंचकर हादसे की जांच करेगी। गौरतलब है कि राज्य के बॉयलर इंस्पेक्टर की रिपोर्ट के आधार पर केंद्रीय स्तर पर हादसे की जांच का फैसला लिया गया। इधर, छत्तीसगढ़ सरकार ने भी इस हादसे की अलग से जांच के आदेश दिए हैं। बिलासपुर संभाग के आयुक्त मामले की जांच करेंगे। यह हादसा 14 अप्रैल को प्लांट के बॉयलर यूनिट-1 में हुआ था।

20 मजदूरों की गई जान

शुरुआती जानकारी के अनुसार, स्टीम पाइपलाइन से जुड़े पानी की सप्लाई पाइप के जोड़ में तकनीकी खराबी के कारण विस्फोट हुआ। इस हादसे में अब तक 20 मजदूरों की मौत हो चुकी है, जबकि 15 अन्य गंभीर रूप से घायल हैं। इस घटना की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार ने जांच में यह पता लगाने के निर्देश दिए हैं कि हादसा कब और कैसे हुआ, इसके पीछे क्या कारण थे और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जा सकते हैं। आदेश के अनुसार, जांच अधिकारी को 30 दिन में अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपनी होगी। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस घटना पर गहरा दुख जताया है और इसे बेहद दुखद और पीड़ादायक बताया। उन्होंने मृतकों को श्रद्धांजलि दी और उनके परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की। साथ ही अधिकारियों को निष्पक्ष और तेजी से जांच पूरी करने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। प्रारंभिक तकनीकी रिपोर्ट में मुख्य बॉयलर निरीक्षक ने बताया कि फर्नेस के अंदर अत्यधिक ईंधन जमा होने से दबाव बढ़ गया, जिससे पाइपलाइन को नुकसान पहुंचा और विस्फोट हुआ। सक्ती की फॉरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) ने भी इस निष्कर्ष की पुष्टि की है और ईंधन के ओवरलोड को हादसे का कारण बताया है।

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