4 फरवरी का पंचांग : फाल्गुन कृष्ण की तृतीया तिथि, जानें शुभ मुहूर्त और राहुकाल

खबर सार :-
फाल्गुन कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि 4 फरवरी को है और इस दिन बुधवार भी है। ऐसे में भगवान गणेश को समर्पित इस दिन से नए कार्य, व्यापार शुरू करना शुभ है। हालांकि, राहुकाल व अशुभ समय से बचना जरूरी है। इस दिन भगवान गणेश की पूजा करने से बुद्धि, सफलता और विघ्नों का नाश होता है। इस दिन गं गणपतये नमः, संकट नाशन स्त्रोत और गणेश अथर्वशीर्ष का पाठ करना फलदायी होता है।

4 फरवरी का पंचांग : फाल्गुन कृष्ण की तृतीया तिथि, जानें शुभ मुहूर्त और राहुकाल
खबर विस्तार : -

नई दिल्ली : फाल्गुन कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि 4 फरवरी को है। तृतीया तिथि के साथ बुधवार का दिन है। गणपति को समर्पित यह दिन नए कार्य, शिक्षा, व्यापार शुरू करने के लिए शुभ मानी जाती है, बशर्ते राहुकाल और अन्य अशुभ समय से बचा जाए। ऐसे में पंचांग का विचार महत्वपूर्ण है। दृक पंचांग के अनुसार 4 फरवरी को फाल्गुन कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि है। इन दिन बुधवार है। यह तिथि रात 12 बजकर 9 मिनट से 5 फरवरी की सुबह तक रहेगी। 

गणपति की पूजा करने से बुद्धि, सफलता और विघ्नों का होता है नाश 

बुधवार का दिन भगवान गणेश की आराधना के लिए विशेष माना जाता है। इस दिन गणपति की पूजा करने से बुद्धि, सफलता और विघ्नों का नाश होता है। पंचांग के अनुसार, सूर्योदय 7 बजकर 8 मिनट पर और सूर्यास्त शाम 6 बजकर 3 मिनट पर होगा। नक्षत्र पूर्वाफाल्गुनी है जो रात 10 बजकर 12 मिनट तक है, उसके बाद उत्तराफाल्गुनी होगा। योग अतिगण्ड है, जो 5 फरवरी की देर रात 1 बजकर 5 मिनट तक है। करण वणिज दोपहर 12 बजकर 19 मिनट तक, उसके बाद विष्टि लग जाएगा। चंद्रमा सिंह राशि में संचरण करेंगे।

अत्यंत शुभ माना जाता है अमृत काल 

शुभ मुहूर्त की बात करें तो ब्रह्म मुहूर्त सुबह 5 बजकर 23 मिनट से 6 बजकर 15 मिनट तक, विजय मुहूर्त दोपहर 2 बजकर 24 मिनट से 3 बजकर 8 मिनट तक है। गोधूलि मुहूर्त शाम 6 बजे से 6 बजकर 26 मिनट तक रहेगा। वहीं, अमृत काल दोपहर 3 बजकर 48 मिनट से शाम 5 बजकर 24 मिनट तक है, जो अत्यंत शुभ माना जाता है।

किसी भी कार्य से पहले अशुभ समय का विचार भी महत्वपूर्ण है। राहुकाल दोपहर 12 बजकर 35 मिनट से 1 बजकर 57 मिनट तक, यमगण्ड सुबह 8 बजकर 30 मिनट से 9 बजकर 51 मिनट तक है। वहीं, गुलिक काल सुबह 11 बजकर 13 मिनट से दोपहर 12 बजकर 35 मिनट तक है।

गणेश नाम का जाप, संकट नाशन स्त्रोत का पाठ करना होता है फलदायी 

बुधवार का दिन विघ्न विनाशन गणपति के साथ ही बुध ग्रह को समर्पित है। इस दिन विधि-विधान से पूजन कर गणपति को दूर्वा, लाल फूल, मोदक, लड्डू और पान का भोग लगाना चाहिए। साथ ही गं गणपतये नमः, गणेश द्वादश गणेश नाम का जाप, संकट नाशन स्त्रोत और गणेश अथर्वशीर्ष का पाठ करना फलदायी होता है।
 

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