White House Firing: व्हाइट हाउस के बाहर फायरिंग, अंदर मौजूद थे ट्रंप, गोलीबारी में हमलावर ढेर

खबर सार :-
शनिवार शाम को व्हाइट हाउस के बाहर गोलीबारी की घटना से अफरा-तफरी मच गई। गोलीबारी के बाद व्हाइट हाउस के आसपास की सड़कों पर पुलिस अधिकारियों और कानून प्रवर्तन एजेंसियों से भर गई। जवाबी फायरिंग में हमलावर की मौत हो गई।

White House Firing: व्हाइट हाउस के बाहर फायरिंग, अंदर मौजूद थे ट्रंप, गोलीबारी में हमलावर ढेर
खबर विस्तार : -

वॉशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति के आधिकारिक निवास व्हाइट हाउस के आसपास का पूरा इलाका शनिवार शाम को हुई गोलीबारी की घटना से दहल गया। रिपोर्टों से पता चलता है कि घटना के समय, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान परमाणु समझौते के संबंध में कई लोगों के साथ चर्चा में व्यस्त थे। 

गोलीबारी के बाद, सीक्रेट सर्विस के एजेंटों ने पूरे इलाके को घेर लिया। सुरक्षा एहतियात के तौर पर, व्हाइट हाउस को कुछ समय के लिए बंद कर दिया गया। संभावित खतरे को देखते हुए, व्हाइट हाउस को कवर कर रहे मीडिया कर्मियों को तुरंत ब्रीफिंग रूम में जाने का आदेश दिया गया। इस बात की पुष्टि हो गई है कि गोलीबारी में दो लोग घायल हुए। अधिकारियों ने बताया कि सीक्रेट सर्विस के एजेंटों के साथ हुई गोलीबारी में घायल हमलावर कुछ ही देर बाद अपनी चोटों के कारण दम तोड़ दिया।

व्हाइट हाउस के अंदर थे ट्रंप

CBS News, ABC News और CNN की रिपोर्टों के अनुसार, व्हाइट हाउस के बाहर एक सीक्रेट सर्विस चेकपॉइंट पर मौजूद अधिकारियों ने पुष्टि की कि घायल संदिग्ध को गोलीबारी के बाद एक अस्पताल ले जाया गया, जहां बाद में उसकी मृत्यु हो गई। इस घटना के दौरान एक राहगीर भी घायल हो गया। सीक्रेट सर्विस के किसी भी एजेंट को कोई चोट नहीं आई। सीक्रेट सर्विस के एक प्रवक्ता ने पुष्टि की कि घटना के समय राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप व्हाइट हाउस के अंदर ही थे।

पहले भी की व्हाइट हाउस में घुसने की कोशिश

जांच कर रहे अधिकारियों के अनुसार, मृत संदिग्ध की पहचान 21 वर्षीय नासिर बेस्ट के रूप में हुई है। बेस्ट का पहले भी जुलाई 2025 में सीक्रेट सर्विस के साथ आमना-सामना हुआ था, जब उसने व्हाइट हाउस में बिना अनुमति के घुसने की कोशिश की थी। उस समय, उसे गिरफ्तार कर लिया गया था और बाद में एक मनोरोग वार्ड में भेज दिया गया था। गोलीबारी व्हाइट हाउस के बाहर, आइजनहावर एग्जीक्यूटिव ऑफिस बिल्डिंग के पास 17वीं स्ट्रीट और पेंसिल्वेनिया एवेन्यू NW के चौराहे पर हुई। घटना के दौरान लगभग 15 से 30 गोलियां चलाई गईं। व्हाइट हाउस में मौजूद पत्रकारों के अनुसार, उन्होंने पूर्वी समय (Eastern Time) के अनुसार शाम लगभग 6 बजे व्हाइट हाउस परिसर की दिशा से गोलीबारी जैसी आवाजें सुनीं। इसके बाद, सीक्रेट सर्विस के एजेंट उन्हें सुरक्षापूर्वक अंदर ले गए। 

निशाने पर थे सीक्रेट सर्विस एजेंट

व्हाइट हाउस के प्रवक्ता स्टीवन चेंग ने पहले बताया था कि राष्ट्रपति ट्रंप शाम 4 बजे तक व्हाइट हाउस के अंदर ही थे। बाद में, कुछ अधिकारियों ने पुष्टि की कि घटना के समय भी राष्ट्रपति अपने आधिकारिक निवास पर ही मौजूद थे। सूत्रों के अनुसार, संदिग्धों ने सीक्रेट सर्विस एजेंटों को निशाना बनाया था, लेकिन वे सफल नहीं हो पाए। सीक्रेट सर्विस एजेंटों ने प्रभावी ढंग से जवाब दिया; उन्हें भी मजबूर होकर गोलियां चलानी पड़ीं। U.S. सीक्रेट सर्विस के प्रवक्ता एंथनी गुग्लिएल्मी ने बताया कि एजेंसी ने संदिग्धों की साजिश को नाकाम कर दिया था। फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (FBI) के निदेशक काश पटेल ने X पर पोस्ट किया कि सूचना मिलते ही उनके अधिकारी तुरंत घटनास्थल पर पहुंच गए थे।

ट्रंप की सुरक्षा पर सवाल

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर बार-बार हो रहे हमले उनकी सुरक्षा पर सवालिया निशान खड़ा कर रहा है। इससे पहले भी उन पर हमले की कोशिश हो चुकी है। यह घटना व्हाइट हाउस कॉरेस्पोंडेंट्स डिनर के एक महीने से भी कम समय बाद हुई। उस अवसर पर भी गोलियां चली थीं और पत्रकारों के साथ-साथ अधिकारियों को भी अपनी-अपनी मेजों के नीचे छिपने के लिए मजबूर होना पड़ा था। वह घटना व्हाइट हाउस कॉरेस्पोंडेंट्स डिनर के दौरान वॉशिंगटन हिल्टन होटल में हुई थी।

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